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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 22, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

शोध छात्रा के पिता को जान का खतरा

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Published: Sun, 22 May 2016 01:05 AM (GMT+05:30)

जागरण संवाददाता, आगरा: शोध छात्रा की दुष्कर्म और हत्या के बाद अब आरोपी उसके पिता को धमकी दे रहे हैं।

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जागरण संवाददाता, आगरा: शोध छात्रा की दुष्कर्म और हत्या के बाद अब आरोपी उसके पिता को धमकी दे रहे हैं। दीवानी में पेशी के दौरान अनजान लोगों के धमकी देने के बाद उन्होंने सुरक्षा की मांग की है।

दयालबाग शिक्षण संस्थान (डीईआइ) की नैनो बायो टेक्नोलॉजी लैब में 15 मार्च 2013 को शोध छात्रा की दुष्कर्म के बाद निर्ममता से हत्या कर दी गई थी। इस मामले में हत्यारोपी उदय स्वरूप हाईकोर्ट से जमानत पर बाहर था। सीबीआइ के चार्जशीट लगाने के बाद अदालत में उसके न्यायिक हिरासत में लेने को लेकर बहस हुई। अदालत ने पिछले दिनों उदय को जेल भेज दिया। शोध छात्रा के पिता का आरोप है कि आरोपी के जेल जाने के बाद से उसके परिवार के लोग बौखला गए हैं। दीवानी में पेशी के दौरान उनके पास कुछ अनजान लोग भेजकर धमकी दी गई। इन लोगों ने उनसे कहा कि या तो केस वापस ले लो, नहीं तो अंजाम बहुत बुरा होगा। उन्हें आशंका है कि ये लोग उनकी जान ले सकते हैं। उन्होंने इस मामले में थाना न्यू आगरा में प्रार्थना पत्र दे दिया है।

जमानत निरस्तीकरण को सुप्रीम कोर्ट पहुंचे

शोध छात्रा के हत्यारोपी पर अब कानूनी शिकंजा कस गया है। सीबीआइ ने चार्जशीट में उसके खिलाफ पुख्ता सुबूत जुटाए। पुलिस ने उसके खिलाफ दुष्कर्म के प्रयास और हत्या के मामले में चार्जशीट लगाई थी। इसमें हाईकोर्ट से वह जमानत पर बाहर था। सीबीआइ ने चार्जशीट में दुष्कर्म और सुबूत नष्ट करने की धाराएं बढ़ाई हैं। इन दोनों में ही वह अदालत ने सुनवाई के बाद जेल भेजा है। अब शोध छात्रा के पिता ने सीबीआइ की चार्जशीट के बाद मामले की गंभीरता बढ़ने पर सुप्रीम कोर्ट में आरोपी की जमानत निरस्त कराने को प्रार्थना पत्र दिया है।

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