आगरा, जागरण संवाददाता। अपंजीकृत मदरसों के सर्वे के दौरान कुल 14 मदरसों का चिन्हांकन हुआ है। इनमें बच्चे धार्मिक शिक्षा प्राप्त कर रहे थे। ये सभी मदरसे स्ववित्त पोषित तरीके से संचालित हो रहे हैं। अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने निर्धारित 12 बिंदुओं पर जानकारी एकत्र किए। अब इनके बारे में रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जल्द ही शासन को रिपोर्ट भेज देंगे। इन मदरसों के प्रकरण में शासन स्तर से निर्णय होना है।

अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रशांत कुमार सिंह ने बताया कि जिले में अपंजीकृत मदरसों का चिन्हांकन 10 सितंबर से शुरू हो गया है। शासन की मंशा है कि बच्चों को आधुनिक शिक्षा भी प्रदान की जाए ताकि यहां पढ़ने वाले बच्चे भविष्य में करियर बना सके। उन्होंने बताया कि सुन्नी मरकज दारूल उलुम गरीब नवाज-नगला मेवाती, तजवीजुल कुरान करीम-नगला मेवाती, फैजान ए सिद्दीक ए अकबर-नगला मेवाती, अफजल उल उलूम-ताजगंज, बरकात ए इस्लाम-ताजगंज, हनीफिया गौसिया शाही मस्जिद कटरा नील-नाई की मंडी, दावतुल कुरान-सदर बाजार, सिद्दिकिया रफीकुल कुआन-सदर बाजार, तजवीजुल कुरान-बोदला, दारूल उलुम मोहम्मदिया-धनौली, जामिया गुलशन मुस्तफा-बोदला, दारूल उलुम असहाबे सुफ्फा-रूनकता और एजुकेशनल सोसाइटी-नूरी मस्जिद-सिकंदरा मदरसे का सर्वे किया। उन्होंने बताया कि मदरसों की स्थापना वर्ष, शिक्षक और बच्चों की संख्या के अलावा मदरसों की आमदनी के स्रोत के बारे में भी जानकारी एकत्र कर रहे हैं। 

Edited By: Tanu Gupta