आगरा, जागरण संवाददाता। छात्रवृत्ति के लिए विद्यार्थियों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। इसके लिए विभागीय स्तर पर तैयारी शुरू हो गई है। कक्षा 11-12 और अन्य सभी दशमोत्तर कक्षाओं में नामांकित विद्यार्थियों के शिक्षण संस्थान के पाठ्यक्रमों समेत अन्य ब्योरे का आनलाइन सत्यापन होना है। विभाग द्वारा ये पड़ताल किया जाएगा कि पाठ्यक्रम संचलन के बारे में मान्यता के शर्तों को पूरा किया गया है या नहीं। इसके बाद ही विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।

समाज कल्याण अधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि सरकार द्वारा सामान्य, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति प्रदान की जाती है। ताकि मेधावी और आर्थिक तौर पर कमजोर विद्यार्थी भी अध्ययन को पूरा कर सके। प्राय: ऐसा होता है कि शिक्षण संस्थान पाठ्यक्रमों का अनुमोदन नहीं कराते हैं, लेकिन विद्यार्थी अज्ञानता वश उस कोर्स में प्रवेश लेने के बाद फार्म भी भर देते हैं। उन्हें उम्मीद होती है कि छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। नियमों के उल्लंघन के चलते शासन स्तर से उन्हें छात्रवृत्ति प्रदान नहीं की जाती है। उन्होंने कहा कि कक्षा 11-12 और दशमोत्तर कक्षाओं के समस्त पाठ्यक्रम के प्रकार, सीटों की संख्या और फीस आदि बिंदुओं का सत्यापन शुरू हो गया है। सभी शिक्षण संस्थानों के पाठ्यक्रम समेत अन्य ब्योरे का आनलाइन सत्यापन 17 अक्टूबर तक पूरा कर लिया जाएगा। 

Edited By: Tanu Gupta