यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Weather Update: मुजफ्फरनगर में हीटवेव का अलर्ट जारी, भीषण गर्मी में प्रशासन ने जारी की बचाव को गाइडलाइन
Weather Update मुजफ्फरनगर में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। गर्मी ...और पढ़ें

HighLights
- मुजफ्फरनगर में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार
- गर्मी से बिजली-पानी की मांग बढ़ी
- प्रशासन ने हीट वेव गाइडलाइन जारी की
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। Weather Update: मैदानी क्षेत्रों में तपिश का प्रकोप दिखाई दे रहा है। सोमवार के मुकाबले एक डिग्री अधिक बढ़कर मंगलवार को तापमान 41 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। जिस कारण गर्मी के तेवर अधिक सख्त हो गए हैं। तन झुलसाने वाली गर्मी से पशु-पक्षियों के साथ लोग बिलबिला गए। इसके साथ ही व्यवस्था भी खूब सता रही है।
गर्मी के कारण बिजली और पानी की मांग बढ़ गई है। अघोषित विद्युत कटौती से लोग परेशान हैं, जबकि पेयजल आपूर्ति में पालिका का प्रेशर दुश्मन बन गया है।
मौसम विभाग ने हीट-वेव चलने का अनुमान जताया है। पहाड़ों से बहकर आ रही गर्म हवा के कारण मैदानी क्षेत्रों में गर्मी का प्रकोप अधिक देखने को मिलेगा। अगले दो दिन गर्मी को लेकर अधिक चेतावनी भरे हैं। इसको लेकर प्रशासन ने भी चेतावनी एवं सचेत किया है।
सोमवार को अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस था, जबकि मंगलवार को यह 1.1 बढ़कर 41.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया हैं। रात का तापमान भी 28.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। जिससे रात भी गर्म महसूस हो रही है। गर्मी के कारण बाजारों से लेकर सड़क सूनी पड़ी रही। गर्मी का असर जीव-जंतुओं के साथ बाजारों पर भी दिखाई दे रहा है। दोपहर में तापमान का कर्फ्यू लग रहा है। वहीं, बिजली और पानी की मांग भी बढ़ रही है।
तप रहे ट्रांसफार्मर...लग रहे अघोषित कट
ऊर्जा निगम ने 550 करोड़ रुपये खर्च कर लाइनों के साथ ट्रांसफार्मरों को दुरूस्त किया है। भीषण गर्मी के आगे व्यवस्था दम तोड़ गई है। ट्रांसफार्मर ओवरलोड के कारण तप रहे हैं। गर्मी और बकरीद के त्योहार पर विद्युत भार 500 एमवीए से बढ़कर 900 एमवीए पहुंच गया है। वहीं जनपद में प्रतिदिन 800 मेगावाट तक विद्युत आपूर्ति रहती है, जो तापमान के तेवर दिखाने के कारण 900 मेगावाट के पार पहुंच गई है। इससे व्यवस्था बेपटरी हो गई। जिस कारण सोमवार रात को प्रत्येक क्षेत्रों में अघोषित कट लगते रहे। विभिन्न क्षेत्रों में दस मिनट भी लाइट नहीं रुक सकी, जो निरंतर ट्रिप करती रही। इससे लोग गर्मी के कारण परेशान रहे।
नलकूप चल रहे, लेकिन प्रेशर बना दुश्मन
नगर पालिका के जलकल के अवर अभियंता जितेंद्र कुमार ने बताया कि गर्मी को देखते हुए शहर में पेयजल की मांग बढ़ गई है। सामान्य दिनों 80 से 90 एमएलडी तक आपूर्ति रहती है, लेकिन वर्तमान में यह मांग 100 एमएलडी तक पहुंच गई है। नलकूप संख्या-13 कचहरी और नलकूप संख्या-66 खराब हो गया। जिस कारण लगभग पांच हजार से अधिक आबादी के लिए पेयजल की समस्या बनी। पालिका ने यहां पर पेयजल आपूर्ति किया, लेकिन प्रेशर कम होने से लोग परेशान हैं।
प्रशासन ने जारी की गर्मी से बचाव को गाइडलाइन
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के नोडल एडीएम वित्त एवं राजस्व गजेंद्र कुमार ने हीट-वेव को लेकर गाइडलाइन जारी की है। तेज गर्मी एवं हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए वर्तमान में दोपहर के तीन घंटे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इन तीन घंटों में धूप से बचाव की सलाह दी है।
- -घर की निचली मंजिल पर रहें।
- तंग कपडे न पहनें।
- बासी एवं संक्रमित भोजन का प्रयोग न करें।
- बीमार हो जाएं तो तत्काल डाक्टर की मदद लें।
- रात व शाम के समय कमरों व घर को ठंड करने के लिए खोल दें।
- पंखे, गीले कपडे का प्रयोग करें तथा बार-बार स्नान करें।
- यात्रा करते समय पीने का पानी साथ रखें
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के नोडल एडीएम वित्त एवं राजस्व गजेंद्र कुमार ने कहा है, कि जानवरों एवं बच्चों को बंद गाड़ी में नहीं छोड़ा जाए, यह जानलेवा हो सकता है। कहा कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे तापमान अधिक घातक स्थिति में रहता है।
