दक्षिण अफ्रीका शक्ति एवं ऊर्जा से संपन्न ऐसा सुंदर एवं आकर्षक देश है जिसकी विशिष्टताओं से दुनिया भर के लोग यहां खिंचे चले आते हैं। पहली बार अफ्रीका की सैर पर निकले सैलानी दक्षिण अफ्रीका से अपने सफर की अच्छी शुरुआत कर सकते हैं। यहां के अनुकूल मौसम में आप प्रकृति एवं वन्य जीवों को करीब से देख सकते हैं। यदि आप दक्षिण अफ्रीका के विश्व प्रसिद्ध सौंदर्य का संपूर्ण आनंद लेना चाहते हैं तो आपको यहां की इंद्रधनुषी छटा का हर रंग करीब से देखना होगा।

प्राकृतिक सौंदर्य

दक्षिण अफ्रीका के प्राकृतिक सौंदर्य का जादू अपनी जगह बरकरार है। यहां के जंगलों में कई प्राणी अपने तरह के सबसे विशिष्ट प्राणी हैं, जैसे सबसे विशाल चौपाया (अफ्रीकी हाथी), सबसे छोटा (छोटी छछूंदर), सबसे ऊंचा (जिराफ) और सबसे तेज (चीता) आदि। इसके अलावा शुतुरमुर्ग, कोरी बस्टर्ड (सबसे बड़ा उड़ने वाला पक्षी), चितकबरे गैंडे, हिप्पो, मगरमच्छ आदि यहां के अन्य प्रमुख वन्य प्राणी हैं। यहां जाने का सबसे अच्छा समय वसंत ऋतु का है तब उत्तरी और पश्चिमी केपटाउन की वादियां जंगली फूलों से लदी होती हैं।

केपटाउन

केपटाउन में न तो पूर्णत: यूरोपीय आबादी है और न ही अफ्रीकी, बल्कि दोनों का बेहतरीन मेल यहां निवास करता है। लेकिन विश्व के बेहद खूबसूरत माने जाने वाले शहर केपटाउन की शान निराली है। यहां तक कि कुछ पल गुजारने वाले पर्यटक भी यहां के ऊंचे पर्वतों, मनोरम समुद्री किनारों और अनूठे शहर की सैकड़ों तस्वीरें आपने मन में बसा ले जाते हैं। दक्षिण अफ्रीका के इस सबसे पुराने शहर की पहचान हैं यहां का ऊंचा और चपटा टेबिल माउंट, अंगूर के बगीचे और समुद्री तट। इस शहर को दक्षिण अफ्रीका का सर्वाधिक शांत शहर होने का गौरव भी प्राप्त है।

केपटाउन, ‘टेबिल माउंट‘ पर्वत के उत्तर की ओर स्थित एक छोटा शहर है। शहर का केंद्रीय भाग कई आकर्षणों का केंद्र है। यहां स्थित ‘केसल ऑफ गुडहोप’ दक्षिण अफ्रीका के प्राचीनतम यूरोपीय स्थापत्य कला के नमूनों में से एक है। साउथ अफ्रीका म्यूजियम में रक्त पिपासु डायनासोर एवं अन्य दुर्लभ वन्य प्राणियों के जीवाश्म सुरक्षित करके रखे हुए हैं। प्राचीन बुशमैन समुदाय से संबंधित वस्तुएं ‘डिस्टि्रक्ट सिक्स म्यूजियम’ का विशेष आकर्षण हैं। शहर के केंद्र में स्थित ‘विक्टोरिया-अल्फ्रेड वॉटरफांट’, मस्ती और धूम-धड़ाके के शौकीन पर्यटकों की पसंदीदा जगह है। यहां आपको बेहतरीन रेस्टोरेंट, बार, म्यूजिक शॉप और विशाल एक्वेरियम देखने को मिलेंगे।

यहां के टेबिल माउंट की सैर अपने में एक अलौकिक अनुभव है। पहाड़ की ऊंचाई पर केबिलवे से नीचे की सुंदरता एवं वन्य जीवों को उनके स्वाभाविक परिवेश में देखना बहुत यादगार अनुभव बन जाता है। बसंत ऋतु में फूलों से भरी घाटी इस सैर को और भी मजेदार बना देती है। टेबिल माउंट के पूर्वी भाग में स्थित ‘किर्टेनबोस्च बॅटैनिकल गार्डन‘ विश्व के सुंदरतम बगीचों में से एक है। यहां देशी पौधों एवं दुर्लभ वनस्पतियों को विशेष रूप से संरक्षित रखा गया है।

शहर का मध्य भाग ठहरने के लिए उत्तम स्थान है, जहां होटल, गेस्टहाउस और छात्रावास आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं। शहर के पश्चिमी भाग में अटलांटिक महासागर का समुद्री तट भी ठहरने का अच्छा स्थान है जहां सस्ते और अच्छे कमरे मिल जाते हैं। यहां खाने-पीने का सामान भी सस्ता है।

डरबन दक्षिणअफ्रीका के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में स्थित डरबन बंदरगाह का निर्माण 1850 में हुआ था। यहां भारतीय मूल के लोगों की बड़ी संख्या निवास करती है। यह शहर मौज-मस्ती भरी छुट्टियां और रंगीन रातें गुजारने के लिए प्रसिद्ध है। यहां पूरे साल भर गर्मी होने के कारण समुद्र तटों पर भीड़ लगी रहती है। यहां की ‘सिटी हॉल’ नामक आर्ट गैलरी में दक्षिण अफ्रीकी कला के उत्कृष्ट नमूने देखे जा सकते हैं। ‘नेचुरल साइंस म्यूजियम’ भी दर्शनीय है। ‘लोकम टिस्ट्री म्यूजियम‘ में यहां के औपनिवेशक जीवन का रोचक चित्रण देखने को मिलता है। ‘अफ्रीका आर्ट सेंटर’ में क्षेत्रीय कलाकारों की उत्कृष्ट कृतियों को रखा गया है। सिटी सेंटर के पश्चिम में स्थित इंडियन एरिया दक्षिण अफ्रीका का व्यस्त एवं व्यावसायिक क्षेत्र है। विक्टोरिया स्ट्रीट मार्केट यहां का प्रमुख बाजार है। यहां दक्षिणी गोलार्ध की सबसे बड़ी मस्जिद जुमा मस्जिद भी है और दक्षिण अफ्रीका का सबसे पुराना और विशाल अलायम हिंदू मंदिर भी।

रात में यह क्षेत्र सुरक्षित न होने के कारण मनोरंजन करने वाले लोग प्राय: सारी रात होटलों, क्लबों या रेस्टारेंटों में गुजारना ही पसंद करते हैं। डरबन में अंर्तराष्ट्रीय हवाई अड्डा है और यहां से दक्षिण अफ्रीका के विभिन्न बड़े शहरों के लिए बस एवं रेल सेवा भी उपलब्ध है। ‘गार्डन रूट’ भी दर्शनीय है। यहां विशाल येलावुड के वृक्ष, जंगली वनस्पतियां प्रचुरता से मिलती हैं। यह क्षेत्र पानी के सभी प्रकार के खेलों के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां का मौसम पूरे वर्ष अनुकूल बना रहता है। यहां ठहरने के लिए ‘मोसेल बे’, ‘हेराल्ड्स’ और ‘बकैलो बे’ कुछ अच्छे स्थानों में से हैं। यदि आप केपटाउन से गार्डन रूट के बीच यात्रा करें तो बीच में आपको ‘लिटिल कारू’ पर्वत-श्रृंखला दिखाई देगी।

जोहांसबर्ग

‘द सिटी ऑफ गोल्ड’ के नाम से प्रसिद्ध यह शहर दक्षिण अफ्रीका का सबसे विशाल शहर है। यदि आप दक्षिण अफ्रीका को गहराई से समझना चाहते हैं तो जोहांसबर्ग का भ्रमण अवश्य करें। स्वेटो इस शहर का मुख्य इलाका है जहां विशाल और बेतरतीब ढंग से बसे तथा अकसर भयानक सरीखे दिखने वाले घर, बंगले, झोंपड़ी और डाक बंगले मिल जाएंगे। यहां ज्यादातर गोरे अफ्रीकी उपेक्षित जीवन जीते हैं। वहां वैसे तो बाहरी पर्यटकों को कोई खतरा नहीं है फिर भी किसी अच्छे स्थानीय व्यक्ति से सलाह लेकर ही घूमने निकलें। यहां देर रात तक चलने वाले रेस्तरां, कैफे, बार, डिस्को क्लब और म्यूजिक शॉपों वाली अच्छी जगहें हैं। हिलड़ो और साथ लगा बेरेला रुकने के लिए अच्छी जगह हैं, जहां गेस्ट हाउस आराम से मिल जाते हैं। यहां से जहाज अंर्तराष्ट्रीय उड़ान भी भरते हैं। यहां का ‘क्रूजर नेशनल पार्क’ विश्व प्रसिद्ध वन्य प्राणी उद्यानों में से एक है।

आप यहां पांच बड़े वन्य प्राणियों, शेर, चीता, हाथी, गैंडा और जंगली भैंस को देख सकते हैं। इसके अलावा तेंदुआ, जिराफ, हिरण और अन्य प्राणी भी यहां मौजूद हैं। जिन्होंने अभी तक अफ्रीकी वन्य प्राणी सिर्फ चिडि़याघर में ही देखे हैं उनके लिए यहां की सैर एक अद्भुत अनुभव होगा। 350 वर्ग कि.मी. के इस क्षेत्र के दो मुख्य द्वार सकुकुजा और नेल्सप्रूट हैं। दोनों ही जोहांसबर्ग से लगभग एक दिन की ड्राइव की दूरी पर हैं। यहां ठहरने के लिए हट्स हैं जिनका प्रबंधन नेशनल पार्क बोर्ड संभालता है।

डार्केसबर्ग

यह एक प्रागैतिहासिक स्थल है जहां हजारों साल पहले से लोग निवास कर रहे हैं। यहां आदि मानव द्वारा बनाए गए भित्ति चित्र एवं शैल चित्र देखने को मिलते हैं। इनमें से कुछ शैल चित्र यूरोपियनों द्वारा कुछ दशक पहले ही उकेरे गए हैं। यहीं स्थित ‘रॉयल नेटल नेशनल पार्क’ का तुगेला जलप्रपात 850 मीटर ऊंचा और 5 चरणों वाला है। इसका पहला भाग तो सर्दियों में जमकर बर्फ में बदल जाता है। यहां पर्वतारोही भी बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।

पोर्ट सेंट जॉन्स

यह काले अफ्रीकियों की बहुतायत वाला एक छोटा-सा शांत शहर है। यहां पर कलाकारों और शिल्पकारों के कई स्टूडियो, रंगशालाएं और कार्यशालाएं हैं। इसे देख ऐसा लगता है मानो आप दक्षिण अफ्रीका के किसी गांव में खड़े हों। बहुमूल्य वनस्पति, खड़े पहाड़, मनोरम समुद्री तट और तटों पर बने प्राचीन परंपरागत अतिथिगृह यहां की विशिष्टताएं हैं।

पोर्ट सेंट जॉन्स के उत्तर में स्थित ‘सिलाका नेचुरल रिजर्व’ एक छोटा और समुद्र तटीय रिजर्व है। यहां ऊदबिलाव और सफेद समुद्री चिडि़या बड़ी संख्या में पाई जाती हैं। डटबस, उमटाटा या लुसिकीसिकी से बस द्वारा पोर्ट सेंट जॉन्स तक पहुंचा जा सकता है।

‘मालाहारी जेम्सबोक नेशनल पार्क’ केपटाउन में उत्तरी क्षेत्र में बोत्सवाना के निकट स्थित है। यह अफ्रीका का सबसे बड़ा वन्य प्राणी उद्यान है। यहां सरीसृप, पक्षी और छोटे स्तनधारियों की अनेकों प्रजातियां देखी जा सकती हैं। मांसाहारी वर्ग के प्राणियों में शेर, चीता, तेंदुआ, जंगली कुत्ता, लोमड़ी, लकड़बग्घा आदि पाए जाते हैं।

यहां जाने का सबसे अच्छा समय जून एवं जुलाई का महीना है जब जलवायु शीतल होती है। डपिंग्टन यहां का सबसे नजदीकी शहर है। सड़क की हालत खस्ता होने के कारण ड्राइविंग संभलकर करनी पड़ती है। यहां ठहरने की व्यवस्था स्थानीय नेशनल पार्क बार्ड करता है।

सन सिटी

सन सिटी विश्व पर्यटन में एक ऐसा नाम बन चुका है जहां अंर्तराष्ट्रीय पर्यटक बरबस खिंचे चले आते हैं। सन सिटी के प्रमुख आकर्षणों में यहां के भव्य होटल, सुंदर वॉटर गार्डन्स, गोल्फ कोर्स, गैंबलिंग हॅाल्स, खूबसूरत कसीनो और बेहतरीन मनोरंजक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां शामिल हैं। यहां पूरे साल रॉक स्टार अपना कार्यक्रम प्रस्तुत करते हैं। यहां के श्रेष्ठ कसिनो की श्रेणी में ‘गोल्ड सिटी ‘ का नया नाम जुड़ा है। यह सनकेन लिजेंड्री टाउन की शैली में तैयार किया गया बहुत ही सुंदर और कलात्मक तरीके से सुसज्जित किया गया शहर है।

Posted By: Preeti jha