नई दिल्ली, जेएनएन। दुनिया की नंबर दो टेनिस खिलाड़ी को यूएस ओपन के फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। सेरेना को जापान की नाओमी ओसाका ने मात देकर ग्रैंडस्लैम का खिताब जीता। फाइनल में सेरेना को अपना आदर्श मानने वाली ओसाका ने उन्हें ही 6-2,6-4 से हराकर अपना पहला ग्रैंडस्लैम खिताब जीता। 

सेरेना और ओसाका के बीच ये दूसरी बार मुकाबला हुआ था और दोनों ही बार ओसाका को जीत मिली। ओसाका ने इसी साल मार्च में मयामी ओपन के पहले राउंड में सेरेना को हराया था।  

वहीं इस फाइनल मुकाबले की बात करें तो सेरेना की नजरें 7वीं बार इस खिताब तो जीतने पर थी, बच्चे को जन्म देने के बाद दूसरी बार वह किसी ग्रैडस्लैम में जगह बनाने में सफल रही थी। इससे पहले वह विंबलडन के फाइनल में पहुंची थी लेकि वहां भी उन्हें जर्मनी कर्बर के हाथों का सामना करना पड़ा

सेरेना ने अंपायर को कहा चोर

फाइनल मुकाबले में काफी विवाद भी हुआ। दरअसल सेरेना पहला सेट 6-0 से पहले ही गंवा चुकी थी। इसके बाद दूसरे सेट के दूसरे गेम में उनके कोछ उन्हें इशारों से कुछ सलाह दे रहे थे। आपको बता दें कि ग्रैंडस्लैम में मैच के दौरान कोच खिलाड़ियों को ट्रेनिंग नहीं दे सकते। इसके बाद अंपायर ने सेरेना से कहा कि कोच आपको चलते मैच में ट्रेनिंग नहीं सकते।

सेरेना ने कहा कि कोच सिर्फ मेरा मनोबल बढ़ा रहे थे, मुझे नियमों के बारे में जानकारी है। मैं बेइमानी करने से अच्छा हारना पसंद करूंगी। इसके बाद सेरेना ने अपना गेम जीता और फिर ओसाका की सर्विस तोड़ दूसरे सेट में 3-1 की बढ़त हासिल कर ली। जैसे ही सेरेना ने गेम जीता वैसे ही उन्होंने गुस्से में अपना रैकेट कोर्ट पर देकर मारा, जिससे उनका रैकेट टूट गया। इसके बाद अंपायर ने उन पर एक पॉइंट का जुर्माना लगा दिया।

इसके बाद सेरेना अंपायर पर और भड़क गई और अंपायर के पास जाकर बोली कि आप माइक पर बोले कि सेरेना कोच से ट्रेनिंग नहीं ले रही थी। इसके बाद लगातर वह मैच में पिछड़ती चली गई। जब सेरेना 4-3 से पीछे थी तो उन्होंने अंपायर से कहा कि आपने एक पॉइंट चुराया है और उन्हें चोर कह डाला। इसके बाद उन पर एक पॉइंट पर जुर्माना लगा और ओसाका 5-3 से आगे हो गई। 

मैच के बाद सेरेना के कोच पैट्रिक मोराटोग्लू ने माना कि वो सेरेना को कोचिंग दे रहे थे, लेकिन साथ ही यह भी कहा, "मुझे नहीं लगता कि उसने मेरी तरफ देखा भी था।

Posted By: Lakshya Sharma