प्राग, एएफपी। दो बार की विंबलडन चैंपियन पेत्रा क्वितोवा कोरोना वायरस महामारी के चलते खाली स्टेडियमों में खेलने के पक्ष में नहीं हैं और उन्होंने कहा कि इसके बजाय वह ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंटों को रद करने को प्राथमिकता देगी। चेक गणराज्य के टूर्नामेंट की पूर्व संध्या पर इस 30 वर्षीय खिलाड़ी ने रोजर फेडरर की बात का समर्थन किया जिन्होंने पिछले सप्ताह कहा था कि वह रोलां गैरां (फ्रेंच ओपन) और फ्लाशिंग मीडोज (यूएस ओपन) में खाली स्टेडियमों में खेलने के पक्ष में नहीं हैं।

क्वितोवा ने कहा, 'अभी मेरी उम्र है और मैं निश्चित तौर पर एक अन्य ग्रैंडस्लैम में खेलना चाहूंगी लेकिन अगर इन्हें इस तरह (दर्शकों के बिना) आयोजित किया जाता है तो इसके बजाय मैं इन्हें रद करना पसंद करूंगी। ग्रैंडस्लैम में खेलना बहुत बड़ी बात है लेकिन जो दर्शक हमारे लिए ऊर्जा का स्त्रोत हैं उनके बिना खेलना अच्छा नहीं है। ग्रैंडस्लैम में ऐसा नहीं होना चाहिए।'

कोविड-19 बीमारी के कारण इस साल होने वाला फ्रेंच ओपन सितंबर तक स्थगित कर दिया गया है। विंबलडन को रद कर दिया गया है जबकि डब्ल्यूटीए टूर 20 जुलाई से पहले शुरू नहीं हो पाएंगे। प्राग में इस सप्ताह होने वाले टूर्नामेंट में आठ पुरुष और आठ महिला खिलाड़ी भाग लेंगे लेकिन इस दौरान दर्शक नहीं होंगे और खिलाड़ी आपस में हाथ भी नहीं मिलाएंगे। टूर्नामेंट में रेफरी और बॉल ब्वॉय होंगे लेकिन उनके हाथों में तौलिया नहीं होगा।

क्वितोवा ने कहा, 'हाथ नहीं मिलाना और केवल रैकेट टकराना नैतिक नहीं है, मुझे लगता है कि मेरे लिए यह सबसे अप्रिय होगा। हम केवल चेक गणराज्य में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में टेनिस की शुरुआत कर रहे हैं।' चेक गणराज्य में मार्च के मध्य से ही खेल रोक दिए गए थे। क्वितोवा की बातों से तो यही लग रहा है कि वो बदलते हालात में भी खुद को बदलने या फिर टेनिस में बदलाव देखने के लिए तैयार नहीं हैं जो बेहद जरूरी है। 

Posted By: Sanjay Savern

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