नई दिल्ली (जेएनएन)। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि जल्द ही आपको अपना सेलफोन चार्ज करने के लिए बिजली की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि यह काम पानी और नकम से भी संभव होगा? नहीं-नहीं, हम कोई कोरी कल्पना बयां नहीं कर रहे हैं, बल्कि आपको उस उम्मीद से रूबरू करवा रहे हैं जो जल्द ही पूरी होती दिख रही है। दरअसल एक क्रांतिकारी तकनीक हाइड्रा-लाइट के जरिए ऐसा होने की संभावनाएं जगी हैं। यह जानकारी किकस्टार्टर के जरिए सामने आई है।

इस तकनीक में एक पेटेंट का इस्तेमाल किया गया है जिसके बाद आपको बैटरी के इस्तेमाल से छुटकारा मिल जाएगा। इस आविष्कार में एक कार्बन बैटरी और एक धातु सिलेंडर है जिसे "पॉवररोड" कहा जाता है का इस्तेमाल किया गया है

कैसे होगा इसका इस्तेमाल:

इस तकनीक का इस्तेमाल करने के लिए आपको पॉवर रॉड निकालनी होगी और बैटरी के केस को नमक के पानी से भरना होगा या फिर कुकिंग (खाने का नमक) के साथ पानी डालना होगा।

इसके बाद आपको पॉवर रॉड इसमें इंजेक्ट या केस में फिर से लगानी होगा। ऐसा करते ही जैसे ही पॉवर रॉड साल्टेड वॉटर के संपर्क में आएगी वो बिजली पैदा करने लगेगी, जिसके जरिए आप कोई भी लाइट या फिर किसी भी डिवाइस को यूएसबी के माध्यम से चार्ज कर पाएंगे। इन डिवाइसेज में आपका मोबाइल भी हो सकता है।

आपको बता दें कि हाइड्रा लाइट कई फॉर्मेट में उपलब्ध है जिसे आपकी जरूरत के हिसाब से फिट किया जा सकता है, इसमें लैंप, स्ट्रीट लैंप और बैटरी शामिल है। यह इन्वेंशन कुछ कारणों के चलते क्रांतिकारी कहा जा सकता है। पहला यह कि यह टिकाऊ ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करती है। दूसरा यह कि यह ऐसे मौकों पर लाइफ सेवर साबित हो सकती है जब बिजली के अन्य स्रोत दुर्लभ हों। कल्पना भर कीजिए कि पहाड़ों में लंबी पैदल यात्रा करने वालों के लिए यह कितना उपयोगी हो सकता है।

Posted By: MMI Team

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