नई दिल्ली। अक्सर चीनी प्रोडक्ट्स को लेकर कई अलग-अलग बातें कहीं जाती है,जैसे की यह कब तक चलेंगे किसी को नहीं पता। चीनी प्रोडक्ट्स बेहद कम कीमत पर उपलब्ध हो जाते हैं। चीन दुनियाभर में अपने प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट करता है जो अन्य कंपनियों के प्रोडक्ट्स के मुकाबले बेहद कम कीमत में मिल जाते हैं। खासतौर से भारतीय मार्किट में चीनी प्रोडक्ट्स ने अच्छी पकड़ बनाई हुई है। लेकिन इन सस्ते प्रोडक्ट्स को खरीदते वक़्त क्या अपने कभी सोचा है की इन चीनी प्रोडट्स की कीमत आखिर इतनी कम कैसे होती है? इस पोस्ट में हम आपको यही बताने जा रहे हैं की चीन के मोबाईल इतने सस्ते कैसे होते हैं:

कैसे इतने सस्ते होते हैं चीनी मोबाइल?

चीनी मोबाईल इतने सस्ते कैसे होते हैं, यह आपने भी कभी सोचा होगा। जहां से यह प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट किये जाते हैं चीनी स्मार्टफोन की लागत उस देश में मिलने वाले स्मार्टफोन से भी कम होती है। इसके पीछे कुछ मुख्य कारण हैं। आइये जाने इसके पीछे की वजह:



सस्ते मजदूर/कामगर:

आपको यह जानकर शायद हैरानी हो की चीन में मानव मजदूरी दर सबसे कम है। इसका मतलब यह की अन्य देशों के मुकाबले चीन में सस्ते मजदूर मिलते हैं। कम तनख्वाह पर काम करने वाले लोगों के कारण फैक्ट्री में लगने वाले लोगों की लागत भी अपने आप कम हो जाती है। तो फोन बनाने में कामगारों की तनख्वाह में कमी से फोन लागत में भी कमी होती है। यही कारण है की शाओमी, हुवावे आदि जैसी चीनी कंपनियां दुनिया भर में अपने सस्ते स्मार्टफोन्स में मार्किट में अपनी पकड़ बना रही हैं।

ऑनलाइन बिक्री:

चीन के स्मार्टफोन्स की कीमत कम होने का एक बड़ा कारण ऑनलाइन सेल भी है। चीनी कंपनियां अपने ज्यादातर फोन की बिक्री ई-कॉमर्स वेबसाइट्स के जरिए करती हैं। जबकि दूसरी स्मार्टफोन निर्माता कंपनियां सोनी, एप्पल और सैमसंग जैसी कंपनियों के फोन हर देश के हर शहर में स्टोर पर उपलब्ध कराए जाते हैँ। ऐसे में छोटी कंपनियां सिर्फ ऑनलाइन स्मार्टफोन बेचकर अपने खर्चों पर कटौती करती हैं।

स्मार्टफोन की सीमित यूनिट्स:

चीनी कंपनियां सिर्फ उतने ही यूनिट्स बनाती हैं जितनी डिमांड होती हैं। ये कंपनियां डिमांड एंड सप्लाई पॉलिसी का इस्तेमाल करती हैं। इसमें यूजर्स की डिमांड जितनी होगी उतने ही फोन्स का निर्माण किया जाएगा। ऐसे में इन स्मार्टफोन्स का प्रचार भी इसी तरह किया जाता है जिससे यूजर्स जल्दी से जल्दी इन फोन्स को खरीदने की कोशिश करें।

लो क्वालिटी:

कई चीनी कंपनियां ऐसी भी हैं जो तकनीकी रिसर्च पर ज्यादा ध्यान न देकर केवल स्मार्टफोन बनाती हैं। उन्हें फोन की क्वालिटी से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है। लेकिन अगर दूसरी कंपनियों पर ध्यान दिया जाए तो सैमसंग और एप्पल जैसी कंपनियां अपना काफी पैसा तकनीक और बेहतर क्वालिटी में लगाती हैं।

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