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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कौन हैं Dr. Mario Molina, गूगल आज Doodle के जरिए मना रहा इनका 80वां जन्मदिन

By Shivani KotnalaEdited By: Shivani Kotnala
Published: Sun, 19 Mar 2023 09:08 AM (IST)

Who is Dr Mario Molina गूगल अपने डूडल के जरिए आज एक खास शख्स Dr Mario Molina का 80वां जन्मदिन ...और पढ़ें

Who Is Dr Mario Molina Mexican chemist ozone layer Nature journal, Pic Courtesy- Google
Who Is Dr Mario Molina Mexican chemist ozone layer Nature journal, Pic Courtesy- Google

नई दिल्ली, टेक डेस्क। टेक कंपनी गूगल के सर्च इंजन का इस्तेमाल दुनियाभर में किया जाता है। आपके हर सवाल का जवाब गूगल के पास होता है। गूगल सर्च इंजन पर सवाल से जुड़े कीवर्ड्स डालते ही आपके सवाल के ढेरों जवाब आपके सामने खुल जाते हैं। गूगल के सर्च इंजन की पहुंच हर वर्ग के यूजर तक है, ऐसे में गूगल भी अपने यूजर को हर दिन कुछ खास देता है।

आज गूगल ने डूडल बना कर एक खास शख्सियत को दर्शाया है। गूगल ने आज Dr. Mario Molina का डूडल सर्च इंजन पर लगाया है। अब आपके जेहन में भी यही सवाल आ रहा होगा कि आखिर Dr. Mario Molina कौन हैं? इस आर्टिकल में आपको Dr. Mario Molina के बारे में ही बताने जा रहे हैं।

दरअसल, मैक्सिकन केमिस्ट Dr. Mario Molina एक रिसर्चर थे, इन्होंने ही अपनी रिसर्च के दौरान पाया था कि क्लोरोफ्लोरोकार्बन्स पृथ्वी की जीवन रक्षक ओजोन लेयर के लिए खतरनाक हैं। Dr. Mario Molina ने ही सबसे पहले अंटार्कटिक ओजोन होल की खोज की थी।

Dr. Mario Molina का जन्म और मृत्यु

गूगल डूडल के जरिए आज Dr. Mario Molina का 80 वां जन्मदिन मना रहा है। रिसर्चर का जन्म 19 मार्च 1943 को मेक्सिको सिटी में हुआ था।

हालांकि, साल 2020 में ही 7 अक्टूबर को Dr. Mario Molina इस बड़ी खोज के बाद दुनिया को अलविदा कह गए थे। मेक्सिको में रहते हुए ही 77 साल की उम्र में Dr. Mario Molina की हार्ट अटैक की वजह से मौत हो गई थी।

साल 1995 में मिला था नोबल प्राइज

साल 1995 में Dr. Mario Molina को उनकी बेहतरीन खोज के लिए केमिस्ट्री में नोबल प्राइज से सम्मानित किया गया था। Dr. Mario Molina की बचपन से साइंस के प्रति विशेष रुचि थी। उनकी साइंस के प्रति रूचि का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने अपने बाथरूम को ही एक प्रयोगशाला में बदल दिया था।

Nature journal बनी Montreal Protocol का आधार

दुनिया के लिए एक बड़ी खोज को करने वाले Dr. Mario Molina ने अपने दूसरे साथियों के साथ मिलकर अपनी रिसर्च को एक किताब Nature journal के जरिए पेश किया था। यह रिसर्च ही Montreal Protocol का आधार बनी।

मालूम हो कि इस अंतरराष्ट्रीय सन्धि की वजह से ही ओजोन लेयर को खतरा पहुंचाने वाले करीब 100 केमिकल्स को बैन किया गया था।