नई दिल्ली, टेक डेस्क। WhatsApp दुनिया के टॉप मैसेजिंग ऐप में से एक है और मौजूदा वक्त में इस प्लेटफॉर्म से करोड़ों यूजर्स जुड़े हैं। व्हाट्सएप समय-समय पर नए फीचर्स पेश करता आया है, जो यूजर्स के बहुत काम आ रहे हैं। हालांकि, इतने फीचर्स होने के बाद भी कई यूजर्स ज्यादा फीचर्स की चाह में व्हाट्सएप के फेक वर्जन डाउनलोड कर लेते हैं और फिर हैकर्स उन्हें अपना निशाना बना लेते हैं। इन फर्जी ऐप में सूची में सबसे बड़ा नाम WhatsApp Delta का है। हम आपको इस खबर में WhatsApp Delta के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।

WhatsApp Delta

व्हाट्सएप डेल्टा ऐप WhatsApp का फेक वर्जन है। इस ऐप को डेल्टालैब स्टूडियो ने तैयार किया है। इसमें कलर, एक्सेंट कलर से लेकर ऐप थीम और कस्टम फॉन्ट तक की सुविधा दी गई है। इस ऐप में ऑटो रिप्लाई और डु नॉट डिस्टर्ब जैसे फीचर्स मिलेंगे। इसके अलावा व्हाट्सएप डेल्टा में सेंड किए गए मैसेज को मॉडिफाई किया जा सकता है। हालांकि, यह ऐप गूगल प्ले-स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर पर उपलब्ध नहीं है। इस ऐप के APK फाइल को थर्ड पार्टी साइट से डाउनलोड किया जा सकता है।

हमेशा के लिए बैन हो सकता है WhatsApp अकाउंट

व्हाट्सएप के एफएक्यू पेज पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, व्हाट्सएप अपने प्लेटफॉर्म के पायरेटेड वर्जन को इस्तेमाल करने का सलाह नहीं देता है। यदि कोई यूजर व्हाट्सएप का फर्जी ऐप इस्तेमाल करता है, तो उसके अकाउंट को बैन किया जा सकता है। इसके बाद भी यदि यूजर्स ऑफिशियल ऐप का इस्तेमाल नहीं करते हैं तो उनके अकाउंट पर हमेशा के लिए प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

WhatsApp के फेक वर्जन

आपको बता दें कि WhatsApp Delta और GB Whatsapp व्हाट्सएप के फेक वर्जन हैं। व्हाट्सएप ने अपने यूजर्स को ऑफिशियल ऐप इस्तेमाल करने की सलाह दी है। कंपनी का कहना है कि हम फेक वर्जन की सुरक्षा को लेकर गारंटी नहीं देते हैं। ये थर्ड पार्टी ऐप है। इनसे निजी डेटा चोरी या लीक हो सकता है।

Edited By: Ajay Verma