AI वर्म क्या है? जिससे Smart TV समेत इन डिवाइस पर खतरा, Anthropic ने दी चेतावनी
एंथ्रोपिक ने AI वर्म को लेकर चेतावनी दी है, जो बिना इंसानी मदद के डिवाइसों में फैल सकते हैं। स्मार्ट ...और पढ़ें

AI वर्म क्या है? Smart TV समेत इन डिवाइस पर खतरा, Anthropic की चेतावनी

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। पिछले कुछ वक्त में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल काफी ज्यादा बढ़ गया है लेकिन दुनिया में तेजी से हो रहे इस विकास के बीच अब AI वर्म को लेकर टेंशन बढ़ रही है। जी हां, Anthropic ने चेतावनी दी है कि छोटे AI मॉडल जल्द ही ऐसे AI वर्म चलाने में सक्षम हो जाएंगे, जो इंसानी मदद के बिना ही एक डिवाइस से दूसरे डिवाइस तक फैल जाएंगे। कंपनी ने स्मार्ट टीवी बॉक्स पर इसकी टेस्टिंग भी है, हालांकि पूरी तरह ऑटोनोमस और खतरनाक वर्म अभी तैयार नहीं हुआ है। चलिए पहले जानते हैं कि आखिर ये AI वर्म क्या होते हैं...
क्या होते हैं AI वर्म?
दरअसल AI वर्म ऐसे मैलवेयर को कहा जा सकता है, जो खुद ही अपनी कॉपी बना सकता है और दूसरे कंप्यूटर या डिवाइस तक फैल सकता है। ट्रेडिशनल वर्म की तुलना में AI बेस्ड वर्म में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल भी कनेक्टेड हो सकता है।
ये मॉडल अलग-अलग डिवाइस और कंडीशंस के हिसाब से अपने काम करने के तरीके को बदल सकता है। ऐसे में हर नए डिवाइस पर इसे अलग से इंस्ट्रक्शन देने की जरूरत भी कम पड़ सकती है।
Smart TV बॉक्स पर की गई टेस्टिंग
रिपोर्ट में बताया गया है कि Anthropic ने करीब 55 डॉलर यानी लगभग 5,000 रुपये के स्मार्ट टीवी बॉक्स को जोड़कर 26 अरब पैरामीटर वाला AI मॉडल रन किया। इस मॉडल को छोटे हिस्सों में बांट दिया गया और अलग-अलग डिवाइस पर इसकी कंप्यूटिंग प्रोसेस का हिस्सा रन किया गया। इससे ये समझने में मदद मिली कि कई छोटे डिवाइस मिलकर AI मॉडल चलाने में कंट्रीब्यूशन दे सकते हैं।
हालांकि इसका मतलब ये बिलकुल भी नहीं है कि AI वर्म अब नॉर्मल डिवाइस में अपने आप फैलने लगा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि एक्सपेरिमेंट के दौरान बंद टेस्ट नेटवर्क में मॉडल ने एक मशीन से दूसरी मशीन पर खुद को फैलाने का प्रोसेस पूरा किया, लेकिन AI वर्म के व्यापक और ऑटोनोमस रूप से फैलने की क्षमता अभी साबित नहीं हुई है।
स्मार्ट टीवी, फ्रिज और कैमरे क्यों हो सकते हैं टारगेट?
रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि स्मार्ट टीवी, फ्रिज, कैमरे और अन्य इंटरनेट से जुड़े डिवाइस अक्सर रेगुलर सिक्योरिटी अपडेट नहीं पाते। कई डिवाइस पुराने सॉफ्टवेयर पर सालों तक रन करते रहते हैं, जिससे उनमें कमजोरियां बनी रह सकती हैं। अगर किसी अटैकर ने इन कमजोरियों का फायदा उठाया, तो ऐसे डिवाइस सबसे पहले साइबर हमलों का हिस्सा बन सकते हैं।
