नई दिल्ली (टेक डेस्क)। देश की दूसरे और तीसरे नंबर की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनियां वोडाफोन और आइडिया के मर्जर को सरकार की मंजूरी मिल गई है। इसके बाद कंपनी का नाम क्या होगा, इसके बारे में कोई आधिरकारिक घोषणा तो नहीं की गई है लेकिन सूत्रों की मानें तो इस कंपनी का नाम वोडाफोन आइडिया लिमिटेड हो सकता है। टेलिकॉम डिपार्टमेंट ने आइडिया से वोडाफोन स्पेक्ट्रम के लिए 3 हजार 926 करोड़ रुपये नकद और 3 हजार 942 करोड़ रुपये बैंक गारंटी के तौर पर देने की बात कही है। इस पोस्ट में हम कुछ ऐसे सवालों के जवाब देंगे जिन्हें लेकर वोडाफोन और आइडिया यूजर्स थोड़े कंफ्यूज हैं।

पहला सवाल: क्या यूजर्स को वोडाफोन-आइडिया मर्जर के बाद नई सिम लेनी होगी?

जवाब: इसका जवाब है नहीं। वोडाफोन-आइडिया मर्जर के बाद यूजर्स को नई सिम लेने की जरुरत नहीं है। इसका मुख्य कारण है कि यूजर्स के पास पहले से ही 4जी सिम होगी। क्योंकि पिछले काफी समय से 4जी सिम चलन में आ चुकी हैं। ऐसे में पुरानी सिम बदलने की जरुरत नहीं है। हालांकि, ऐसा जरुर हो सकता है कि अगर मर्जर के बाद कंपनियां नई ब्रैंडिंग के साथ नई सिम लाती हैं तो यूजर्स को नई सिम मिल सकती है।

दूसरा सवाल: वोडाफोन या आइडिया मर्जर से किसे होगा फायदा?

जवाब: वोडाफोन या आइडिया मर्जर के बाद दोनों कंपनियों को सबसे बड़ा फायदा ग्राहकों को लेकर होगा। कंपनी के पास 43 करोड़ से ज्यादा ग्राहक हो जाएंगे। इससे यह देश की सबसे बड़ी कंपनी बन जाएगी। वोडाफोन शहरी इलाके में और आइडिया ग्रामीण इलाकों में बेहतर माना जाता है। इस मर्जर के बाद नई कंपनी शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में अच्छी पकड़ बनाएगी।

तीसरा सवाल: ग्राहकों को क्या होगा फायदा?

वोडाफोन या आइडिया मर्जर के बाद सबसे ज्यादा फायदा ग्राहकों को होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि नई कंपनी बनने के बाद नए प्लान्स भी पेश किए जाएंगे। इसके बाद एक बार फिर से मार्केट में प्राइस वॉर शुरू हो जाएगी। यूजर्स को डाटा, वॉयस समेत अन्य सुविधाएं और भी कम कीमत में मिलने की उम्मीद है।

चौथा सवाल: वोडाफोन-आइडिया के प्लान्स में क्या होगा बदलाव?

जवाब: फिलहाल कंपनी की तरफ से इस मामले को लेकर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है। मर्जर के बाद प्लान्स में बदलाव होगा या नहीं इस बारे में जानने के लिए मर्जर तक का इंतजार करना होगा।

पांचवा सवाल: वोडाफोन-आइडिया मर्जर के बाद मार्केट पर क्या असर होगा?

जवाब: वोडाफोन-आइडिया मर्जर के बाद देश में टॉप तीन टेलिकॉम कंपनियां होंगी जिनमें वोडाफोन आइडिया लिमिटेड, भारती एयरटेल और रिलयांस जियो शामिल हैं। इसके अलावा बीएसएनल भी रहेगी, लेकिन उसका मार्केट शेयर सिर्फ 5-6 फीसद ही है। इससे मार्केट में जो भी प्राइस वॉर छिड़ेगा, वो इन्हीं तीन कंपनियों के बीच होगा।

यह भी पढ़ें:

कहीं आप भी तो नहीं फंस रहे हैं सिम स्वैप की जाल में, जानें कैसे बचें

Oppo Find X Vs Samsung Galaxy S9 Plus Vs Vivo Nex S: जानें कौन है बेहतर

वोडाफोन बनाम जियो: जानें कौन सी कंपनी दे रही कम कीमत में बेहतर पोस्टपेड प्लान 

 

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस