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Uber छोड़ अब OpenAI India की कमान संभालेंगे प्रभजीत सिंह, AC केबिन छोड़ खुद ड्राइवर बन जाते थे

Published: Sun, 28 Jun 2026 08:00 AM (IST)

Uber India के प्रेसिडेंट प्रभजीत सिंह ने कंपनी में 11 शानदार साल बिताने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे ...और पढ़ें

Uber India के प्रेसिडेंट प्रभजीत सिंह ने कंपनी को अलविदा कह दिया है।

Uber India के प्रेसिडेंट प्रभजीत सिंह ने कंपनी को अलविदा कह दिया है। 

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टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। भारत के कॉरपोरेट और टेक वर्ल्ड से एक बड़ी खबर आई है। Uber India के प्रेसिडेंट प्रभजीत सिंह ने 11 साल बाद कंपनी को अलविदा कह दिया है। वह OpenAI (India) के मैनेजिंग डायरेक्टर बनने जा रहे हैं। शुक्रवार को उन्होंने उबर कर्मचारियों को एक ईमेल भेजकर अपने इस्तीफे की घोषणा की। इसके तुरंत बाद, OpenAI ने कन्फर्म किया कि वह सितंबर में कंपनी में शामिल होंगे। वह भारत में कंपनी के सबसे सीनियर लीडर होंगे और सीधे एशिया पैसिफिक के एमडी किरन मणी को रिपोर्ट करेंगे। प्रभजीत ने ईमेल में लिखा कि उन्होंने फ्रंटियर टेक्नोलॉजी में बड़े अवसरों का फायदा उठाने के लिए उबर छोड़ने का फैसला किया। ये सिर्फ उबर छोड़ने का फैसला नहीं था, बल्कि अनंत संभावनाओं की ओर बढ़ने का एक कदम था, जिसे वह नजरअंदाज नहीं कर सकते थे। आइए जानते हैं उनकी वर्किंग स्टाइल के बारे में।

मीटिंग रूम में ऐप देखना और ग्राउंड रियलिटी दोनों अलग हैं

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रभजीत हर दो-तीन महीने में एक दिन के लिए एक आम ड्राइवर बन जाते हैं। एक पुरानी कार किराए पर लेने के बाद, वह लगातार छह से आठ घंटे तक राइड्स चलाते हैं। इस दौरान वह अपनी पहचान उजागर नहीं करते। उनका मानना है कि मीटिंग रूम में एप का डेटा देखना और खुद ड्राइवर बनकर उसी एप का इस्तेमाल करना... एक अलग एक्सपीरिएंस होता है। इससे पैसेंजर्स का बर्ताव, वेटिंग, थकान और कमाई की चिंता समझ में आती है। यही एक्सपीरिएंस कंपनी के फैसलों और नई सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद करता है।

जल्दीबाजी और पेनाल्टी का डर

राइड के समय ड्राइवर बनने पर प्रभजीत को उन्हीं दिक्कतों का सामना करना पड़ा जिससे लाखों ड्राइवर्स हर दिन गुजरते हैं। एक बार, जल्दबाजी में उन्होंने एक लंबी दूरी की राइड ले ली और जुर्माने के डर से उन्हें इसे पूरा करना पड़ा। अगली बुकिंग का इंतजार उन्हें बेचैन कर रहा था। जब वह अपनी ही गेटेड सोसाइटी में एक पैसेंजर को पिक करने पहुंचे, तो गार्ड उन्हें पहचान नहीं पाया और उन्हें ड्राइवर समझकर उनके साथ रूखा बर्ताव किया। उस दिन उन्हें अहसास हुआ कि पीली नंबर प्लेट के साथ लोगों का नजरिया भी बदल जाता है। उन्होंने इसे 'येलो प्लेट डिवाइड' का नाम दिया और कहा कि इसके बावजूद ड्राइवर्स से उम्मीद की जाती है कि वे हर बार पैसेंजर्स के सामने मुस्कुराएं।

हर बदलाव के लिए तैयार

साल 2017 और 2019 के बीच, कंपनी में बड़े बदलाव हो रहे थे। लीडरशिप ट्रांजिशन, फूड बिजनेस की बिक्री और कई अहम फैसले। इस दौरान प्रभजीत हर वीकेंड पर एक थिएटर वर्कशॉप में जाते थे। वह कलाकारों के साथ प्रैक्टिस करते थे, फिर बिना किसी पब्लिसिटी के दिल्ली की झुग्गियों या पब्लिक प्लेस में नुक्कड़ नाटक करते थे। कभी एजुकेशन जैसे मुद्दों पर एक्टिंग करते, तो कभी पॉल्यूशन लपर। कई बार उनका रोल सिर्फ एक मूर्ति की तरह खड़े रहने का होता था। कोई नहीं जानता था कि वह उबर इंडिया के एक बड़े अधिकारी हैं। प्रभजीत कहते हैं, 'थिएटर ने सिखाया कि जैसे ही स्टेज पर स्क्रिप्ट बदलती है, स्थिति के हिसाब से तुरंत और सही फैसले लेना ही असली लीडरशिप है।'

भारत पर फोकस

भारत 10 करोड़ से ज्यादा एक्टिव ChatGPT यूज़र्स के साथ OpenAI के लिए एक इम्पोर्टेंट मार्केट बन गया है। कंपनी अपनी जड़ों को मजबूत करने के लिए लगातार बड़े नामों को जोड़ रही है। 'OpenAI for India' इनिशिएटिव के तहत नए ऑफिसों और AI की पहुंच का विस्तार करने का प्लान बनाया गया है।

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