नई दिल्ली, पीटीआई। Telecom Tariff 66th Amendment Order 2022: टेलीकॉम रेग्यूलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने ग्राहकों के हित में एक बड़ा फैसला सुनाया है। TRAI ने हाल ही में टेलिकॉम टैरिफ (66वां संशोधन) आदेश जारी किया है। जहां टेलिकॉम सर्विस प्रोवाइडर (TSPs) को 28 दिनों की जगह 30 दिनों की वैधता वाले रिचार्ज प्लान को भी पेश करने का आदेश दिया है। टेलिकॉम कंपनियों को ट्राई के नए आदेश के तहत 30 दिनों की वैधता वाले प्लान को नोटिफिकेशन जारी होने के 60 दिनों के भीतर पेश करना होगा। 

ट्राई के नए आदेश के मुताबिक हर टेलिकॉम कंपनियों को कम से कम एक प्लान वाउचर, एक स्पेशल टैरिफ वाउचर और एक कॉम्बो वाउचर ऐसा पेश करना चाहिए, जिसकी वैलिडिटी 28 दिन की जगह पूरे 30 दिन की हो। इन प्लान्स को अगर ग्राहक दोबारा रिचार्ज कराना चाहें, तो वो ऐसा मौजूदा प्लान की ही तारीख से करा सकें, ऐसा प्रावधान होना चाहिए। 

30 की जगह 28 दिनों की वैधता 

पिछले दिनों यूजर्स ने शिकायत दर्ज करायी थी कि टेलिकॉम कंपनियां महीने भर का पूरा रिचार्ज नहीं देती हैं। टेलिकॉम कंपनियां एक माह में 30 दिन की जगह 28 दिनों की वैलिडिटी वाले प्लान दे रही हैं, जिसके बाद ट्राई ने टेलिकॉम कंपनियों को 30 दिनों की वैधता वाले रिचार्ज प्लान को भी पेश करने का फैसला सुनाया है। 

कम दिनों की वैधता देने का आरोप

दरअसल ऐसी शिकायत थी कि प्राइवेट टेलिकॉम कंपनियां जैसे Reliance Jio, Airtel और Vodafone-Idea (Vi) की तरफ से एक माह के रिचार्ज के नाम पर ग्राहकों को 30 की जगह 28 दिनों की वैधता ऑफर करती है। ग्राहकों की मानें, तो हर माह 2 दिन कटौती करके कंपनियां सालभर में करीब 28 दिन की बचत कर लेती है। इस तरह टेलिकॉम कंपनियां ग्राहकों से सालभर में 12 की जगह 13 माह का रिचार्ज कराती हैं। इसी तरह दो माह के रिचार्ज में 54 या 56 दिनों की वैधता मिलती है। जबकि तीन माह के रिचार्ज में 90 दिनों की जगह 84 दिनों की वैधता ऑफर की जाती है।

Edited By: Saurabh Verma