नई दिल्ली (टेक डेस्क)। वर्ष 2018 में स्मार्टफोन बाजार काफी व्यस्त रहा। इस वर्ष जहां एप्पल ने अपना iPhone XS Max, iPhone XS और iPhone XR पेश किया है। वहीं, गूगल ने Pixel 3 और 3 Xl लॉन्च किया था। इसके अलावा सैमसंग ने भी इस वर्ष अपने A सीरीज और Note सीरीज के स्मार्टफोन को मार्केट में उतारा है। शाओमी, आसुस, ओप्पो, वीवो भी इस लिस्ट में शामिल हैं। इन सभी कंपनियों ने यूजर्स को कुछ न कुछ बेहतर देने की कोशिश की है। रिसर्च कंपनी काउंटरप्वाइंट ने वर्ष 2016 से लेकर 2018 तक का स्मार्टफोन मार्केट का डाटा शेयर किया है। इस पोस्ट में हम आपको इस वर्ष के स्मार्टफोन मार्केट के डाटा की जानकारी दे रहे हैं। इससे आप यह जान पाएंगे कि भारत में किस फोन निर्माता कंपनी का दबदबा ज्यादा रहा।

भारतीय स्मार्टफोन मार्केट Q1 2018:

2018 की पहली तिमाही में फीचर फोन की डिमांड सबसे ज्यादा रही। इसके चलते भारतीय मोबाइल फोन सेगमेंट ने साल दर साल 48 फीसद की बढ़ोतरी की है। वहीं, स्मार्टफोन मार्केट की बात करें तो इसमें कोई भी बदलाव देखने को नहीं मिला है। पिछले साल यानी 2017 की पहली तिमाही के मुकाबले इस साल की पहली तिमाही में चीनी कंपनियों के स्मार्टफोन्स की परफॉर्मेंस शानदार रही। 2018 की पहली तिमाही में इन कंपनियों ने 57 फीसद शेयर हासिल किया। जबकि 2017 की पहली तिमाही में यह आंकड़ा 53 फीसद था। भारतीय स्मार्टफोन मार्केट में चीनी कंपनियों ने इस बार सबसे ज्यादा हिस्सेदारी दर्ज की है। हुआवे के हॉनर ब्रांड ने पहली बार भारतीय समार्टफोन मार्केट में 5वां स्थान हासिल किया है। इसका श्रेय Honor 9 Lite और Honor 7X की दमदार परफॉर्मेंस को जाता है।

फोटो साभार: CounterPoint

 

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इस डाटा के मुताबिक, 2018 की पहली तिमाही में शाओमी के पास 31 फीसद की शिपमेंट मार्केट की हिस्सेदारी थी। वहीं, सैमसंग की शिपमेंट मार्केट हिस्सेदारी 26 फीसद रही है। वहीं, वीवो की 6 फीसद, ओप्पो की 6 फीसद, हुआवे की 3 फीसद और अन्य के पास 28 फीसद मार्केट शेयर हैं। 

भारतीय स्मार्टफोन मार्केट Q2 2018:

2018 की दूसरी तिमाही में पूरे हैंडसेट मार्केट में स्मार्टफोन सेगमेंट में आधे की हिस्सेदारी दी थी। टॉप 5 ब्रांड्स ने पूरा मार्केट का 82 फीसद हिस्सा कैप्चर किया था। वहीं, एप्पल की बात करें तो अपनी डिस्ट्रीब्यूशन स्ट्रैटेजी में हो रहे बदलावों के चलते इसका मार्केट कुछ कम रहा। इसके अलावा अभी तक भी कंपनी का भारत में फोन असेंबल करने का काम ठीक से नहीं हो पाया है ऐसे में कंपनी को पार्ट्स इंपोर्ट करने के लिए दूसरे कंपनियों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। शाओमी की बात करें तो इसने समान तिमाही में अब तक की सबसे ज्यादा शिपमेंट्स का रिकॉर्ड बनाया है। इस सारा श्रेय इसके दमदार प्रोडक्टस और सप्लाई चेन स्ट्रेटजी को जाता है। यह कंपनी ऐसे प्रोडक्ट लॉन्च करती है जिनकी लाइफ उनके कॉम्पटीटर से ज्यादा होती है। साथ ही यह 10,000 रुपये के सेगमेंट में आते हैं।

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दूसरी तिमाही की बात करें तो इस दौरान सैमसंग टॉप पर रहा। सैमसंग का शिपमेंट मार्केट शेयर 28 फीसद रहा। वहीं, शाओमी का भी 28 फीसद ही रहा। इसके अलावा वीवो का 12 फीसद, ओप्पो का 9 फीसद, हुआवे का 3 फीसद और अन्य का 20 फीसद रहा। 

भारतीय स्मार्टफोन मार्केट Q3 2018:

इस तिमाही में भी स्मार्टफोन सेगमेंट ने कुल हैंडसेट मार्केट का आधार कैप्चर किया। टॉप 5 ब्रांड्स ने 77 फीसद की हिस्सेदारी दी है। स्मार्टफोन सेगमेंट में शाओमी ने अब तक की सबसे ज्यादा शिपमेंट्स का रिकॉर्ड कायम किया है। इसका सारा श्रेय Redmi 6 सीरीज को जाता है। साथ ही कंपनी की ऑफलाइन स्ट्रेटजी भी इसका मुख्य कारण है। सैमसंग की रिकॉर्ड शिपमेंट्स का श्रेय J6 और J8 को जाता है। साथ ही Android Go एडिशन पर लॉन्च होने वाले Galaxy J2 core का भी इसमें बहुत बड़ा हाथ है।

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2018 की तीसरी तिमाही पर गौर करें तो यहां शाओमी का शिपमेंट मार्केट शेयर 27 फीसद, सैमसंग का 22 फीसद, वीवो का 10 फीसद, माइक्रोमैक्स का 9 फीसद, ओप्पो का 8 फीसद और अन्य का 24 फीसद रहा। 

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Posted By: Shilpa Srivastava