नई दिल्ली (जेएनएन)। टेलिकॉम कंपनी रिलायंस जियो इंफोकॉम अपने यूजर बेस को 112 मिलियन यानि 11.2 करोड़ करने में कामयाब रही है। लेकिन केवल 18 फीसद यूजर्स ही जियो की सिम को प्राइमरी सिम के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं और बाकि के 82 फीसद यूजर्स जियो को सेकेंडरी कनेक्शन के तौर पर यूज कर रहे हैं। यह जानकारी बेंगलुरु की मार्किट रिसर्च बेस्ड एजेंसी वैलोसिटी एमआर ने जारी की है। रिलायंस जियो ने अपने यूजर्स को किफायती प्लान्स मुहैया कराएं हैं। इसमें यूजर्स को केवल डाटा के ही पैसे चुकाने होते हैं। वहीं, वॉयस कॉल्स, एसएमएस और एप्स को कॉम्प्लीमेंट्री सर्विसेस के तौर पर दिया जाता है।

रिलायंस जियो की 6 महीने तक चली फ्री सेवाओं के खत्म होने के बाद भी कंपनी अपने यूजर बेस को बरकरार रखने में सफल रही। देखा जाए तो जियो के ज्यादा यूजर्स प्री-पेड सर्विस का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं, पोस्टपेड यूजर बेस काफी लिमिटेड है। कॉल ड्रॉप मामलों के बावजूद, कंपनी ने अपने टैरिफ प्लान्स और ऑफर्स के जरिए एक मजबूत यूजर बेस बनाने में कामयाबी हासिल की है। रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले समय में 86 फीसद यूजर्स जियो की सर्विस के साथ बने रहेंगे।

हिंदू बिजनेस लाइन में प्रकाशित एक रिपोर्ट की मानें तो कनेक्टिविटी संबंधित मापदंडों में (जिसमें कॉल ड्रॉप, कॉल क्वालिटी, वॉयस क्वालिटी, इंटरनेट स्पीड और डाटा चार्ज शामिल हैं) रिलायंस जियो अपने प्रतिद्वदिंयों से काफी निचले स्तर पर है। वैलोसिटी एमआर की यह रिपोर्ट दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद और कोच्चि में 2,000 लोगों के बीच सर्वे कर तैयार की गई है।

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Posted By: Shilpa Srivastava

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