विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

फोन में एप्स हो जाएंगे खत्म, AI एजेंट्स लेंगे जगह; मौजूदा मॉडल बोरिंग: Nothing CEO

Published: Sat, 21 Mar 2026 11:30 AM (GMT+05:30)

Nothing के CEO कार्ल पेई का मानना है कि भविष्य में स्मार्टफोन पर मौजूद एप्स की जगह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ...और पढ़ें

Nothing के CEO कार्ल पेई का मानना है कि फ्यूचर में फोन में एप्स खत्म हो जाएंगे। Photo- Reuters.

Nothing के CEO कार्ल पेई का मानना है कि फ्यूचर में फोन में एप्स खत्म हो जाएंगे। Photo- Reuters. 

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। Nothing के CEO कार्ल पेई ने प्रेडिक्ट किया है कि फ्यूचर में, स्मार्टफोन पर मौजूद एप्स की जगह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एजेंट्स ले लेंगे। South by Southwest (SXSW) में बोलते हुए, उन्होंने कहा कि मौजूदा एप-सेंटर्ड मॉडल 'बोरिंग' है और पिछले 20 सालों में इसमें ज्यादा बदलाव नहीं आया है। उन्होंने बताया कि आज किसी काम को पूरा करने के लिए स्मार्टफोन का इस्तेमाल करना किसी एडमिन के काम जैसा लगता है, जहां अंतिम नतीजे तक पहुंचने के लिए अलग-अलग एप्स को मैनुअल तरीके से सेट करना पड़ता है। एजेंटिक इंटरफेस के बढ़ने के साथ, उनका मानना है कि जल्द ही, यूजर्स किसी एजेंट को बता पाएंगे कि उन्हें क्या चाहिए और वह काम अपने आप हो जाएगा।

कार्ल पेई स्मार्टफोन पर एक एप-फ्री एक्सपीरिएंस की कल्पना करते हैं

गुरुवार को SXSW के एक सेशन में बोलते हुए, Nothing के CEO ने स्मार्टफोन के लिए एप-फ्री एक्सपीरिएंस के अपने पहले बताए गए विजन के बारे में बात की। मौजूदा इंटरफेस के साथ अपनी दिक्कतों को बताते हुए, उन्होंने कहा, 'जिस तरह से हम आज फोन इस्तेमाल करते हैं, वह बहुत पुराने जमाने का है। ये iPhone से पहले का है। आपके पास लॉक स्क्रीन, होम स्क्रीन, एप्स होते हैं। आप अलग-अलग एप्स ब्राउज़ करते हैं; हर एप एक पूरी स्क्रीन जैसा होता है। एक तरह का एप स्टोर होता है जिससे आप और एप्स डाउनलोड कर सकते हैं। तो, पिछले 20 सालों में इस इंटरैक्शन मॉडल में असल में कोई बदलाव नहीं आया है।'

इसे 'बोरिंग' बताते हुए, पेई ने समझाया कि आज स्मार्टफोन का इस्तेमाल करना किसी एडमिन का काम करने जैसा लगता है। एक उदाहरण देते हुए, उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति किसी के साथ कॉफी पीना चाहता है, तो उसे पहले एक एप का इस्तेमाल करके टेबल बुक करनी पड़ती है, फिर एक मैसेजिंग एप का इस्तेमाल करके उस व्यक्ति को प्लान के बारे में बताना पड़ता है। फिर शायद कैलेंडर में एक इवेंट बुक करना पड़ता है और फिर उस जगह जाने के लिए Uber का इस्तेमाल करना पड़ता है।

इसके बजाय, Nothing के CEO के विजन में सिर्फ एक AI एजेंट को अपनी मंशा बताना शामिल है और वह एजेंट इसमें शामिल सभी स्टेप्स को समझकर उन्हें पूरा कर देगा। इससे यूजर को सिर्फ बुक की गई कैब के लिए वहां पहुंचने का काम करना होगा। पेई कहते हैं कि जैसे-जैसे AI बेहतर होगा, वह और भी मुश्किल कामों को पूरा करने में मदद कर पाएगा। जैसे कि यूजर्स को ज्यादा सेहतमंद बनने और वजन कम करने में मदद करना।

उन्होंने आगे कहा, 'और मुझे लगता है कि ये तब और भी ज्यादा असरदार हो जाएगा है जब ये आपके लिए सजेशन देना शुरू कर देगा। मुझे लगता है कि समय के साथ, ये सिस्टम हमें हमसे भी ज्यादा बेहतर तरीके से जान जाएंगे और सचमुच, आप जानते हैं, बेहतरीन सुझाव दे पाएंगे।'

इस आधार पर, वह इस नतीजे पर पहुंचते हैं कि ऐप्स का कॉन्सेप्ट जल्द ही खत्म हो जाएगा। उन्होंने ये चेतावनी भी दी है कि एप डेवलपर्स और कंपनी के लीडर्स, जिनका मेन काम ऐप्स बनाना और उन्हें डिस्ट्रिब्यूट करना है, उन्हें अपने एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (API) या कनेक्टर प्रोटोकॉल (जैसे Anthropic का MCP) को ओपन करने के बारे में सोचना चाहिए, ताकि यूजर्स AI एजेंट्स के जरिए उन एप्स की फंक्शनैलिटी को ऑटोमेट कर सकें।

पेई ने कहा, 'भविष्य ऐसा नहीं है कि कोई एजेंट किसी ह्यूमन इंटरफेस का इस्तेमाल करे। आपको एजेंट के इस्तेमाल के लिए एक इंटरफेस बनाना होगा। मुझे लगता है कि ऐसा करना ही भविष्य के लिहाज से ज्यादा सुरक्षित तरीका है।'

यह भी पढ़ें: क्या गैस-तेल के बाद अगली बलि इंटरनेट की? जानिए कैसे वॉर से ब्लैकआउट हो सकता है आपका डेटा