नई दिल्ली, टेक डेस्क। Meta ने अपने प्लेटफॉर्म पर Cryptocurrency को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों के लिए नियामक लाइसेंसों की संख्या को तीन से बढ़ाकर 27 कर दिया है। इन सभी नियम को सार्वजनिक किया गया है। इन्हें कंपनी के पॉलिसी पेज पर देखा जा सकता है। कंपनी का कहना है कि क्रिप्टोक्यूरेंसी को वैध बनाने पर काम चल रहा है। भारत समेत दुनियाभर की सरकारें क्रिप्टोक्यूरेंसी को लेकर नए कानून लाने की तैयारी कर रही हैं। इस ही को देखते हुए लाइसेंस की संख्या को बढ़ाया गया है।

Meta और Cryptocurrency न्यूज आउटलेट के मुताबिक, अब क्रिप्टो वॉलेट को विज्ञापन चलाने के लिए किसी से अप्रूवल लेने की जरूरत नहीं है। हालांकि, क्रिप्टोक्यूरेंसी एक्सचेंज, जो यूजर्स को क्रिप्टोकरेंसी खरीदने और बेचने की सुविधा प्रदान करते हैं, उन्हें अभी भी विज्ञापन चलाने के लिए मेटा से अनुमति लेनी होगी।

इससे पहले, Cryptocurrency विज्ञापनदाताओं को विज्ञापन चलाने के लिए आवेदन करना पड़ता था, जिसमें उनके द्वारा प्राप्त किसी भी लाइसेंस जैसी जानकारी शामिल होती थी। लेकिन नए अपडेट के बाद क्रिप्टोकुरेंसी एक्सचेंज और वॉलेट अब प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन देने के योग्य होंगे, भले ही उनके पास संभावित 27 नियामक लाइसेंसों में से केवल एक हो।

इनमें अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, कनाडा, एस्टोनिया, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, हांगकांग, इंडोनेशिया, जापान, लक्जमबर्ग, मलेशिया, नीदरलैंड, नॉर्वे, फिलीपींस, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, स्वीडन में नियामकों द्वारा जारी किए गए लाइसेंस शामिल हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कंपनी ने लाइसेंस की संख्या को तब बढ़ाया है, जब मेटा के एक्जीक्यूटिव David Marcus ने कंपनी छोड़ने का ऐलान किया। मार्कस ने फेसबुक के क्रिप्टो प्रयासों का नेतृत्व किया था, जिसमें क्रिप्टो वॉलेट और डिजिटल मुद्रा डायम शामिल है, जिसे पहले लिब्रा के नाम से जाना जाता था।

Edited By: Ajay Verma