विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

MacBook vs Windows: एपल का मैकबुक खरीदें या विंडोज लैपटॉप, कौन-सा विकल्प खरीदना सबसे बेहतर?

By Santosh AnandEdited By: Subhash Gariya
Published: Wed, 21 Oct 2026 04:29 PM (IST)

नया लैपटॉप खरीदते समय सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि मैकबुक खरीदना बेहतर रहेगा या विंडोज लैपटाप। दोनों ही विकल्प अपनी-अपनी खूबियों के साथ आते हैं।

मैकबुक या विंडोज : अपनी जरूरतों के हिसाब से चुनें सबसे बेहतर लैपटॉप

मैकबुक या विंडोज : अपनी जरूरतों के हिसाब से चुनें सबसे बेहतर लैपटॉप

HighLights

  1. मैकबुक प्रीमियम डिजाइन, परफॉरमेंस और लंबी बैटरी लाइफ के लिए जाने जाते हैं।

  2. विंडोज लैपटॉप में बजट, डिजाइन और उपयोग के अधिक विकल्प मिलते हैं।

  3. गेमिंग के लिए विंडोज, क्रिएटिव काम के लिए मैकबुक बेहतर हो सकते हैं।

टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। एपल के मैकबुक अपने प्रीमियम डिजाइन, दमदार परफार्मेंस और लंबी बैटरी लाइफ के लिए जाने जाते हैं, वहीं विंडोज लैपटॉप में आपको अलग-अलग बजट, डिजाइन और जरूरत के हिसाब से कई विकल्प मिल जाते हैं। अब प्रोसेसर और चिप तकनीक में हुए बदलावों के कारण दोनों के बीच मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। लैपटॉप खरीदते समय केवल उसकी कीमत या स्पेसिफिकेशंस देखना ही काफी नहीं है। यह भी समझना जरूरी है कि आप उसका उपयोग किस काम के लिए करेंगे। ऑफिस, पढ़ाई, वीडियो एडिटिंग, प्रोग्रामिंग और गेमिंग जैसी जरूरतों के लिए बाजार में ढेरों विकल्प मौजूद हैं।

डिजाइन और बिल्ड क्वालिटी

एपल के मैकबुक अपनी प्रीमियम बिल्ड क्वालिटी और आकर्षक डिजाइन के लिए जाने जाते हैं। इनका मेटल बॉडी डिजाइन देखने में शानदार लगता है और लैपटॉप को हाथ में पकड़ने पर भी अच्छी मजबूती का अहसास भी होता है। मैकबुक में स्क्रीन का हिंज भी मजबूत होता है, जिससे इसे एक हाथ से खोलना और स्क्रीन को अपनी जरूरत के हिसाब से सेट करना आसान रहता है। इसके अलावा, इसका कीबोर्ड और ट्रैकपैड भी लंबे समय तक काम करने वालों के लिए उपयोगी हैं।

दूसरी ओर, विंडोज लैपटॉप में डिजाइन और बनावट के ज्यादा विकल्प मिलते हैं। आप अपने बजट के हिसाब से प्लास्टिक बॉडी वाला किफायती लैपटॉप या मेटल बॉडी वाला प्रीमियम मॉडल खरीद सकते हैं। डेल, एचपी, लेनोवो, आसुस और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियां अलग-अलग डिजाइन और फीचर्स वाले लैपटॉप पेश करती हैं। विंडोज लैपटॉप की बड़ी खासियत यह है कि इनमें सामान्य लैपटॉप के अलावा 2-इन-1 मॉडल, टचस्क्रीन वाले डिवाइस और टैबलेट की तरह उपयोग किए जा सकने वाले लैपटॉप भी मिलते हैं। कुछ मॉडल में डिजिटल पेन का सपोर्ट भी मिलता है। इसके मुकाबले मैकबुक पारंपरिक लैपटॉप डिजाइन में ही उपलब्ध होते हैं। इसलिए अगर आपको डिजाइन और उपयोग के ज्यादा विकल्प चाहिए, तो विंडोज लैपटॉप के बारे में सोच सकते हैं।

परफार्मेंस और प्रोसेसर

मैकबुक और विंडोज लैपटॉप के बीच तुलना करते समय प्रोसेसर पर ध्यान देना जरूरी है। एपल अपने मैकबुक में खुद की एम सीरीज और ए सीरीज चिप का उपयोग करता है, जो प्रोसेसर, ग्राफिक्स और अन्य कामों को एक ही चिप में बेहतर तरीके से संभालने के लिए डिजाइन की गई हैं। इससे परफार्मेंस और बिजली की खपत के बीच अच्छा बैलेंस बनाने में मदद मिलती है। मैकबुक एयर जैसे मॉडल रोजमर्रा के काम, पढ़ाई, ऑफिस के काम, वेब ब्राउजिंग और हल्की-फुल्की फोटो या वीडियो एडिटिंग के लिए उपयोगी हैं। वहीं मैकबुक प्रो ज्यादा प्रोसेसिंग पावर की जरूरत वाले कार्यों, जैसे कि वीडियो एडिटिंग, प्रोग्रामिंग और दूसरे क्रिएटिव कामों के लिए बेहतर विकल्प होते हैं।

विंडोज लैपटॉप में मुख्य रूप से इंटेल और एएमडी के प्रोसेसर मिलते हैं। कई हाइ-परफार्मेंस मॉडल में एनवीडिया या एएमडी के अलग ग्राफिक्स कार्ड दिए जाते हैं। इससे गेमिंग और ग्राफिक्स से जुड़े कामों में ज्यादा विकल्प मिलते हैं। अब कुछ विंडोज लैपटॉप में क्वालकॉम के स्नैपड्रैगन प्रोसेसर भी उपयोग किए जा रहे हैं, जो कम बिजली की खपत और बेहतर बैटरी लाइफ को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किए गए हैं। ऐसे में देखा जाए तो सामान्य उपयोग के लिए दोनों प्लेटफार्म अच्छा परफार्मेंस दे सकते हैं। मगर वीडियो एडिटिंग जैसे क्रिएटिव कामों में मैकबुक के कुछ मॉडल बेहतरीन विकल्प हैं, जबकि गेमिंग और अलग-अलग हार्डवेयर कांफिगरेशन के मामले में विंडोज लैपटॉप में ज्यादा विकल्प मिलते हैं। हालांकि सही चुनाव लैपटॉप के मॉडल, प्रोसेसर, रैम और ग्राफिक्स पर निर्भर करता है।

मैकओएस या विंडोज 11

मैकबुक में एपल का मैकओएस आपरेटिंग सिस्टम मिलता है, जबकि ज्यादातर नए विंडोज लैपटॉप विंडोज 11 पर चलते हैं। दोनों आपरेटिंग सिस्टम उपयोग करने में आसान हैं, लेकिन इनके काम करने का तरीका अलग है। मैकओएस का इंटरफेस साफ-सुथरा और एक जैसा एक्सपीरियंस देने के लिए जाना जाता है। इसमें अलग-अलग एप का उपयोग करते समय भी मेन्यू और कंट्रोल का तरीका काफी हद तक एक जैसा रहता है। इससे नए यूजर्स को सिस्टम समझने में आसानी हो सकती है। इसके अलावा, यूनिक्स आधारित होने के कारण मैकओएस डेवलपमेंट और प्रोग्रामिंग से जुड़े कई कार्यों के लिए भी उपयोगी है।

वहीं विंडोज 11 में आपको कई तरह के सॉफ्टवेयर और डिवाइस का सपोर्ट मिलता है। इसका इंटरफेस भी आधुनिक है और इसमें स्टार्ट मेन्यू, टास्कबार और कई उपयोगी सेटिंग्स दी गई हैं। हालांकि अलग-अलग कंपनियों के सॉफ्टवेयर का डिजाइन और उपयोग करने का तरीका एक जैसा नहीं होता है। कुछ पुराने सिस्टम टूल्स भी इसमें मौजूद हैं, जिससे नए यूजर्स को कभी-कभी सेटिंग्स खोजने में परेशानी हो सकती है। अगर आप आसान और एक जैसा यूजर एक्सपीरियंस चाहते हैं, तो मैकओएस पसंद आ सकता है। वहीं, अगर आप ज्यादा सॉफ्टवेयर विकल्प और सिस्टम पर अपने हिसाब से काम करने की सुविधा चाहते हैं, तो विंडोज 11 अच्छा विकल्प है।

मल्टीपल विंडो

विंडोज 11 में विंडो मैनेजमेंट के लिए कई सुविधाएं दी गई हैं। आप स्क्रीन पर दो या उससे ज्यादा विंडो को एक साथ व्यवस्थित कर सकते हैं। स्नैप लेआउट की मदद से स्क्रीन को अलग-अलग हिस्सों में बांटना आसान हो जाता है। उदाहरण के लिए, आप एक तरफ वेब ब्राउजर और दूसरी तरफ डाक्यूमेंट खोलकर काम कर सकते हैं। इसमें खुले हुए ऐप के बीच स्विच करना आसान रहता है। साथ ही, विंडोज में कई मॉनिटर एक साथ उपयोग करने वालों के लिए भी उपयोगी फीचर हैं। वहीं मैकओएस में भी एक साथ कई ऐप उपयोग करने और विंडो व्यवस्थित करने के विकल्प हैं। इसमें मिशन कंट्रोल और स्प्लिट व्यू जैसी सुविधाएं मिलती हैं। हालांकि अगर आप विंडोज की तरह कई विंडो को अपने हिसाब से व्यवस्थित करने के आदी हैं, तो मैकओएस का तरीका थोड़ा अलग लग सकता है। इसलिए एक साथ कई विंडो में काम करने वाले यूजर, खासकर आफिस यूजर्स और उन लोगों के लिए जो स्प्रेडशीट, ब्राउजर और डाक्यूमेंट के बीच लगातार स्विच करते हैं, उन्हें विंडोज लैपटॉप ज्यादा सुविधाजनक लग सकता है।

सॉफ्टवेयर और डिवाइस कनेक्टिविटी

मैकबुक की सबसे बड़ी खूबियों में से एक एपल का इकोसिस्टम है। अगर आपके पास आइफोन, आइपैड, एपल वाच या एयरपाड्स हैं, तो मैकबुक के साथ इनका उपयोग करना काफी आसान हो सकता है। एयरड्रॉप से फाइल ट्रांसफर की जा सकती हैं, आइफोन पर कॉपी किए गए टेक्स्ट या लिंक को मैकबुक पर पेस्ट किया जा सकता है और कई ऐप व सर्विसेज के जरिए डिवाइस के बीच काम जारी रखा जा सकता है। यही वजह है कि एपल डिवाइस यूज करने वाले यूजर्स को मैकबुक ज्यादा सुविधाजनक लगता है। हालांकि अगर आप एंड्रॉयड फोन का यूज करते हैं, तो मैकबुक के साथ कुछ सुविधाएं सीमित हो सकती हैं। कई कामों के लिए अलग ऐप या अतिरिक्त सेटअप की जरूरत पड़ सकती है।

विंडोज लैपटॉप का इकोसिस्टम ज्यादा खुला है। इसमें एंड्रॉयड फोन को माइक्रोसाफ्ट फोन लिंक जैसे ऐप के जरिए कनेक्ट किया जा सकता है। इससे फोन के मैसेज, नोटिफिकेशन और कुछ अन्य सुविधाओं को लैपटॉप पर यूज करना आसान हो सकता है। कुछ सैमसंग स्मार्टफोन के साथ यह अनुभव और बेहतर हो सकता है। इसके अलावा, माइक्रोसॉफ्ट वर्ड, एक्सेल, पावरप्वाइंट और वननोट जैसे ऐप विंडोज और मैकओएस दोनों पर उपलब्ध हैं। इसलिए अगर आप माइक्रोसॉफ्ट के सॉफ्टवेयर का उपयोग करते हैं, तो जरूरी नहीं कि इसके लिए आपको विंडोज लैपटॉप ही खरीदना पड़े। कई ऐप दोनों प्लेटफार्म पर काम करते हैं।

गेमिंग

अगर आप गेम खेलने के लिए लैपटॉप खरीद रहे हैं, तो विंडोज लैपटॉप आमतौर पर बेहतर विकल्प साबित होते हैं। बाजार में कई ऐसे गेमिंग लैपटॉप उपलब्ध हैं, जिनमें शक्तिशाली प्रोसेसर, अलग ग्राफिक्स कार्ड, बेहतर कूलिंग सिस्टम और हाई रिफ्रेश रेट वाली स्क्रीन मिलती है। विंडोज पर गेम्स की लाइब्रेरी भी काफी बड़ी है। इसमें कई लोकप्रिय पीसी गेम्स और गेमिंग प्लेटफार्म का सपोर्ट मिलता है। अलग-अलग बजट में गेमिंग लैपटॉप चुनने की सुविधा भी मौजूद है।

मैकबुक में भी गेम खेले जा सकते हैं और एपल की नई चिप में ग्राफिक्स से जुड़े काम करने की क्षमता अच्छी है। हालांकि सभी लोकप्रिय पीसी गेम मैकओएस के लिए उपलब्ध नहीं हैं। कुछ गेम चलाने के लिए अतिरिक्त तरीके अपनाने पड़ सकते हैं और हर गेम में समान परफारमेंस की गारंटी नहीं होती है। इसलिए अगर गेमिंग आपकी प्राथमिकता है, तो विंडोज लैपटॉप खरीदना ज्यादा समझदारी भरा फैसला हो सकता है।

 

बैटरी लाइफ

मैकबुक की एक बड़ी खासियत इसकी बैटरी लाइफ है। एपल की चिप और मैकओएस के बीच बेहतर तालमेल के कारण कई मैकबुक मॉडल कम बिजली की खपत के साथ अच्छा परफार्मेंस देते हैं। वहीं विंडोज लैपटॉप में बैटरी लाइफ माडल और हार्डवेयर के हिसाब से काफी अलग हो सकती है। हल्के काम के लिए बने लैपटॉप अच्छी बैटरी लाइफ दे सकते हैं, जबकि पावरफुल गेमिंग लैपटॉप में ज्यादा बिजली खर्च होती है। ऐसे लैपटॉप में भारी काम या गेमिंग के दौरान पंखे की आवाज भी सुनाई दे सकती है। हालांकि सभी विंडोज लैपटॉप की बैटरी लाइफ कम नहीं होती है। स्नैपड्रैगन प्रोसेसर वाले कुछ माडल लंबे समय तक चलते हैं।

कौन-सा लैपटॉप सही रहेगा?

मैकबुक और विंडोज लैपटॉप में से सही विकल्प चुनने के लिए सबसे पहले यह तय करें कि आप लैपटॉप का उपयोग किस काम के लिए करेंगे। अगर आपके पास आइफोन या आइपैड है, आप वीडियो एडिटिंग या दूसरे क्रिएटिव काम करते हैं और आपको प्रीमियम डिजाइन के साथ अच्छी बैटरी लाइफ चाहिए, तो मैकबुक पर विचार कर सकते हैं। वहीं अगर आप गेमिंग करते हैं, अलग-अलग बजट में विकल्प चाहते हैं, टचस्क्रीन या 2-इन-1 लैपटॉप खरीदना चाहते हैं या फिर एंड्रायड फोन के साथ बेहतर तालमेल चाहते हैं, तो विंडोज लैपटॉप आपकी जरूरतों के ज्यादा करीब हो सकता है। ऑफिस, पढ़ाई और सामान्य उपयोग के लिए दोनों प्लेटफार्म अच्छे विकल्प हैं।

यह भी पढ़ें- फेस्टिव सीजन में लैपटॉप खरीदने से पहले जानें इंटेल, एएमडी और स्नैपड्रैगन में कौन-सा प्रोसेसर है आपके लिए बेस्ट?