नई दिल्ली, टेक डेस्क। दैनिक जागरण डिजिटल की नई सीरीज #NayaBharat में आपका स्वागत है। कोरोनावायरस महामारी के बीच उत्पन्न हुई आर्थिक संकट के दौर में हमने Jagran HiTech #NayaBharat सीरीज की शुरुआत की है। इस सीरीज को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत मिशन के विजन को ध्यान में रखकर बनाया गया है। सीरीज के आज के एसिपोड हमारे साथ Lenovo India के CMO अमित दोशी जुड़े हैं। Jagran Hightech के एडिटर सिद्धार्था शर्मा ने अमित दोशी से कोविड-19 के बाद के नए भारत, उससे जुड़ी चुनौतियों और इंडस्ट्री जगत के अन्य मुद्दों को लेकर बातचीत की। तो आइए इस बातचीत को विस्तार से जानते हैं-

सिद्धार्था शर्मा- ओवरऑल कोविड-19 का क्या इम्पैक्ट रहा लेनोवो के ऊपर भारत में या पूरी कम्प्यूटर इंडस्ट्री पर?

अमित दोशी- कोविड-19 लॉकडाउन के बाद जो स्थिति तो नहीं होगी जैसी पहले थी और ये बात तय है कि जैसे हम काम करते हैं, जैसे हमारे सामाजिक रिलेशन्स हैं जो हमारे काम करने का तरीका है, वो पूरा बदलने वाला है। शुरू के कुछ दिनों में हमने देखा है कि इसका डिमांड पर इम्पैक्ट पड़ा है। जैसे-जैसे स्टोर्स कुछ-कुछ खुल रहे हैं, दुकानें ओपन हो रही हैं, हमें कंज्यूमर्स की काफी सारी रिक्वायरमेंट्स आ रही हैं, जो हम अपनी तरफ से पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं।  दूसरा हम ऑफिसेज की बात करें तो वाकई में हमें कंफर्ट लाना पड़ेगा। जैसे हम अभी रिमोट वर्किंग से एक-दूसरे से बात कर रहे हैं, काफी फर्क पड़ता है, मीटिंग्स कैसे होती हैं। दिन का शेड्यूल कैसे चलता है, हम एक-दूसरे के साथ इंगेज कैसे कर पाते हैं और प्रोडक्टिविटी कैसे होती है। इसमें हम कुछ डिमांड देखी हैं, जो कंपनीज हैं जहां पर वर्कर्स ऑफिस में जाकर काम करते थे, जहां डेस्कटॉप थे उनको रातों-रात अब लैपटॉप प्रोवाइड कराया जा रहा है। वहां पर भी कुछ कस्टमर्स हैं जहां पर हमारी हेल्प चाहिए, तो ये दोनों बड़ें चेंजेज आ रहे हैं, जो हम कह रहे हैं, लर्न फ्रॉम होम या वर्क फ्रॉम होम।

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सिद्धार्था शर्मा- कैसे बिजनेस मॉडल चेंज होंगे, पोस्ट कोविड-19?

अमित दोशी- लोग ऑनलाइन बिजनेस से कंफर्टेबल ज्यादा होंगे, पहले से। लोग डिजिटल माध्यम से स्टोर्स के साथ कनेक्ट करना चाहेंगे तो अगर में जाउंगा तो प्लान करके जाउंगे। कम से कम पहले के जो तीन-चार महीने होंगे, वहां तक लोग एहतियात बरतेंगे। दूसरी चीज, ये मुझे जो बिलकुल लग रही है जो होगी कि लोग कम से कम जहां पर स्टोर नहीं खुलें हैं या जहां पर नहीं जा पा रहे हैं, वो कोशिश करेंगे कि रिमोट टेक्नोलॉजी की मदद से क्या वो कनेक्ट कर सकते हैं, क्या वो प्रोडक्ट को सिलेक्ट कर सकते हैं। तो वो दो-तीन चीजे हैं जो हम सहूलियत देने की कोशिश कर रहे हैं। हमारे सारे स्टोर्स गूगल माई बिजनेस में लिस्टेड हैं। हम ये कोशिश कर रहे हैं कि एसएमएस, वॉट्सऐप के माध्यम से कंज्यूमर्स हमारे स्टोर्स से कम्युनिकेट कर पाएं। जहां संभव हो सेफली, वहां हमारे सेल्स स्टाफ आसानी से वीडियो के जरिए डेमोनस्ट्रेट कर पाएं। इस दौरान काफी लोग ऐसे भी हैं जो लेनोवो प्रोडक्ट्स नहीं खरीदा और उनको सर्विस की जरूरत है और उनके ब्रांड्स सर्विस नहीं कर पा रहे हैं तो हमने आफ्टर सेल सर्विस सारे ब्रांड्स के लिए कुछ लिमिटेड टाइम के लिए खोली हुई हैं ताकि हम मदद कर सकें। तो हमारा जो अभी ऑब्जेकिटव है वलो टू फोल्ड है, एक तो समझना कि हो क्या रहा है, कस्टमर की क्या एक्सपेक्टेशन्स है। हमारे चैनल पार्टनर्स की क्या एक्सपेक्टेशन्स हैं, उसके हिसाब से हम अपनी स्ट्रेटेजी और अपने प्लान्स को ढ़ालें और दूसरा जितनी मदद हम कस्टमर्स की कर सकें इस समय और उनको जहां जरूरत है हमारी तो हम उनके साथ हो सकें, यही हमारा गोल है इस समय।

सिद्धार्था शर्मा- लेनोवो और बांकि सारी कम्यूटर मैन्युफेक्चरिंग कंपनी भी एक अहम हिस्सा प्ले करती हैं, SME's और MSME's सेक्टर में भारत में। सरकार ने इन सेक्टर के लिए एक रिलीफ पैकेज निकाला है, तो उसके बारे में आपकी क्या राय है?

अमित दोशी- जो भी रिलीफ पैकेज है और जो भी अभी तक मैनें सुना है तो ये निश्चित ही सेक्टर को रिवाइव करने में मदद करेगा। अगर हम अपनी इंडस्ट्री की नजर से देखें तो SME's और MSME's बहुत ही जरूरी हिस्सा है, इंडस्ट्री का, हमारे मार्केट का और अगर SME's को सहायता मिलती है, वर्किंग कैपिटल को लेकर या और कोई सहायता है जो भी सहायता मिलेगी, इससे SME's बेहतर हो सकेंगे, कम्पीट कर सकेंगे और फ्यूचर के लिए अपनी इंटरप्राइज बिल्ड कर पाएंगे और जहां तक फ्यूचर का सवाल है, आप भी मानेंगे, हम एक डिजिटल दौर की तरफ जा रहे हैं और जितना डिजिटाइजेशन होगा, हमें भरोसा है कि हम इंडस्ट्री की सहायता के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। हमारे प्रोडक्ट्स, हमारे सॉल्यूशन्स, हम काफी नई ऑफरिंग लेकर आ रहे हैं। एक हमारी नई ऑफरिंग है जिसमें हम IT डिपार्टमेंट पूरा मैनेज करने की  कोशिश करते हैं। रेंटल्स लेकर आ रहे हैं जहां पर SME's अगर खरीद नहीं पा रहे हैं तो हम वो सारे प्लान्स देख रहे हैं, जिसपर हम SME's की मदद कर सकें।

सिद्धार्था शर्मा- लेनोवो देश में एडुटेक में काफी अग्रणी ब्रांड रहा है कोविड के दौर में हमने देखा है कि एडुटेक ने काफी इनोवेशन किया है, तो लेनोवो ने ऐसा कुछ किया हो स्कूल-कॉलेज या एडुटेक पार्टनर की मदद करने के लिए?

अमित दोशी- अभी तक जो हमारा प्रजेंश रहा है एडुटेक में वो डिवाइसेज के जरिए रहा है। अगर, आप इंडिया के जो लीडिंग एडुटेक प्रोवाइडर्स हैं आप BYJU's का उदाहरण लें तो इसके सारे कंटेंट्स है वो सारे लेनोवो टैबलेट्स पर चलते हैं। जैसे हमारे कुछ और टाई-अप्स हैं जहां पर हमारे टैबलेट्स पर ये जो लर्निंग है वो ऑप्टिमाइज्ड किया गया है तो हमारा जो पहले प्रजेंस था वो इसके जरिए था और आगे चलते हुए हमें बड़ा इस बात का भरोसा है कि हम काफी ऐसे सॉल्युशन्स ले आ पाएंगे तीनों लोगों के लिए जो इस इकोसिस्टम में हैं, स्टूडेंट्स, टीचर्स और स्कूल्स और जो एडुटेक प्रोवाइडर्स हैं। और हमारा जो फुटप्रिंट है वो डिवाइसेज से लेकर सॉल्यूशन्स तक, इनसे हम पूरी रिक्वाइरमेंट पूरी कर पाएंगे। अगर, हम अभी की बात करें तो हमने एक प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है जिसका नाम है स्मार्टर एड। ये जो हमारे प्लेटफॉर्म का प्लान था, हमेशा से था लेकिन लॉकडाउन में इसकी रिक्वायरमेंट और बढ़ गई। सबसे बड़ा प्रॉब्लम जो है इंडिया में अगर एजुकेशन की बात करें तो वो है शिक्षकों की कमी।

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अगर आप रिक्वायरमेंट को देखें तो भारत में करीब 10 लाख शिक्षकों की कमी है। जो टीचर्स की सप्लाई पूरी नहीं है जो स्टूडेंट्स की लर्निंग नीड है उसके हिसाब से। तो स्मार्टर एड एक स्मार्ट प्लेटफॉर्म है जहां पर अगर आप स्टूडेंट्स हैं रजिस्टर कर सकते हैं और आप कह सकते हैं कि मुझे इस-इस सब्जेक्ट की पढ़ाई करनी है आप ग्रेड 5 या ग्रेड 12 के बीच में हों तो। और दूसरी तरफ अगर ऐसे लोग हैं जो टीच करना चाहते हैं, वॉलेंटियर करना चाहते हैं, जिनमें पैशन है, जज्बा है वॉलेंटियर करने का वो टीच कर सकते है। तो ये हमने कुछ चार हफ्ते पहले अनाउंस किया ये प्लेटफॉर्म और इसका रिस्पॉन्स काफी शानदार रहा है अभी तक। कुल मिलाकर हमारे पास कुछ 1,300 टीचर्स ऐसे हैं जिन्होंने हमे अपने पूरे डिटेल्स दिए हैं। जिनको हमने वेरिफाई किया है और जो प्लेटफॉर्म पर हैं और हम अब इनविटेशन दे रहे हैं स्टूडेंट्स को कि वो आकर के प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर करें।  उनको जो पढ़ाई करनी है वैसा टीचर ढूंढ पाएं और ये सारी सर्विस फ्री है। 

सिद्धार्था शर्मा- मेरा आपसे आखिर में यही सवाल है कि ये जो नया भारत है उसको कैसे देखते हैं? कोई मैसेज हो इंडस्ट्री के लिए एडुटेक के लिए जो आप देना चाहते हैं इस माध्यम से।

अमित दोशी- मेरे हिसाब से नया भारत दो डाइमेंशन्स से देख सकते हैं। पहला डायमेंशन ये, जहां पर हेल्थ की बात होती है तो ये हम सब के लिए एक बड़ा वेक-अप कॉल रहा है तो मुझे विश्वास है कि नया भारत ऐसा होगा जहां पर सारे लोग, जागरूकता होगी स्वास्थ्य के बारे में, इंफेक्शन्स के बारे में, हाइजीन के बारे में, सेनिटेशन के बारे में। दूसरा डायमेंशन जो है वो है डिजिटाइजेशन और डिजिटल टेक्नोलॉजी से हम कैसे आगे बढ़ पाएं। हमने ये देखा था कि जो मोबाइल पेमेंट की बात थी, जब डिमोनेटाइजेशन हुआ था तो उस समय काफी लोगों ने ट्राई किया। ऐसा नहीं था कि मोबाइल पेमेंट्स पहले नहीं थे। उस समय काफी लोगों ने मोबाइल पेमेंट को ट्राई किया और उसके साथ काफी लोग इससे जुड़े रहे और मुझे जो लग रहा है, यहां जो वर्क फ्रॉम होम की बात है या लर्न फ्रॉम होम की बात है या टेक्नोलॉजी को नए तरीकों से यूज करने की बात है, काफी लोग ट्राई करेंगे। और नया भारत जो है टेक्नोलॉजी के हिसाब से काफी जागरूक होगा। 

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Posted By: Harshit Harsh

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