नई दिल्ली, टेक डेस्क। भारत में इंटरनेट यूजर्स की तेजी से बढ़ती संख्या के मद्देनजर Google अपने वर्तमान प्रोडक्ट्स को उनके अनुरूप बनाने के साथ ही नए प्रोडक्ट्स भी विकसित कर रही है, ताकि उनकी यूनिक डिजिटल जरूरतों को पूरा किया जा सके। केपीएमजी-Google रिसर्च के अनुसार, भारतीय भाषाओं में इंटरनेट यूज करने वालों की संख्या 2021 तक 53.6 करोड़ हो सकती है। यह रफ्तार अंग्रेजी से छह गुना अधिक है।  

हालांकि यहां यह जानना भी जरूरी है कि इस पहल से तेज गति से बढ़ रहे उन यूजर्स को मदद मिल रही है या नहीं, जो भारतीय भाषाओं में इंटरनेट का यूज करना पसंद करते हैं। इसके अलावा, इस पहल से पेमेट प्रोसेस आसान हो रही है या नहीं और कम स्पीड वाले इंटरनेट कनेक्शन के अनुरूप प्रोडक्ट्स बन रहे हैं या नहीं। Google भारतीयों की इन सभी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन काम करने में उनकी मदद करने पर लगातार काम कर रही है।

KPMG Google रिसर्च के मुताबिक, 2021 तक ऑनलाइन न्यूज पढ़ने वालों की संख्या 28 करोड़, सरकारी सेवाओं का ऑनलाइन उपयोग करने वालों की संख्या 17.5 करोड़, ई-कॉमर्स सर्विसेज का उपयोग करने वालों की संख्या 17.5 करोड़, डिजिटल पेमेंट्स करने वालों की संख्या 17.5 करोड़ और डिजिटल क्लासिफाइड उपयोग करने वालों की संख्या 10 करोड़ हो जाने का अनुमान है।

भारत में स्मार्टफोन के कारण बड़ी संख्या मे लोग पहली बार ऑनलाइन हो रहे हैं। ऐसे में डिजिटल प्रोडक्ट्स को तेजी से बढ़ रही इस आबादी के अनुरूप बनाना काफी जरूरी हो गया है। स्थानीय भाषाओं पर अधिक फोकस, तेज और बेहतर इंटरनेट कनेक्शन और इंटरनेट डाटा की बचत के लिए ऐप्स जैसे तरीकों से हमने ऐसे लोगों तक अपने अधिकांश लोकप्रिय Google प्रोडक्ट्स की पहुंच बढ़ाई है, ताकि ये यूजर्स की यूनिक जरूरतें पूरी हों।

वैसे तो भारत में अधिक स्पीड वाला इंटरनेट नेटवर्क उपलब्ध है, इसके बावजूद बड़ी आबादी के पास अभी भी 2जी सर्विसेज ही हैं, जो न तो फास्ट हैं और न ही डाटा फ्रेंडली। ऐसे में स्मार्टफोन यूजर्स को तेज और बेहतर ऑनलाइन सर्विस देने के लिए हमने कई ऐप्स और सर्विसेज विकसित की हैं, जिनसे मोबाइल का परफॉरमेंस बेहतर होने के साथ ही डाटा की खपत भी कम हो गई है।

केपीएमजी-Google रिसर्च के अनुसार, वर्तमान में भारत के 41 करोड़ इंटरनेट यूजर्स में से 23.4 करोड़ लोग भारतीय भाषाओं में इंटरनेट यूज करना पसंद करते हैं। ऐसे लोगों की संख्या 2021 तक 53.6 करोड़ हो सकती है। यह रफ्तार अंग्रेजी की तुलना में छह गुना अधिक है।  

Posted By: Harshit Harsh

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