नई दिल्ली (जेएनएन)। भले ही भारत में साइबर एक्सपर्ट्स रैनसमवेयर के हमले से देश को सुरक्षित बता रहे हों लेकिन सच यह है कि भारत के 40,000 से ज्यादा कंप्यूटर्स इस वायरस से प्रभावित हैं। रैनसमवेयर अटैक से प्रभावित देशों में भारत तीसरा सबसे बड़ा देश है। हालांकि, अभी तक भारत में किसी भी संस्था या बैंक ने किसी तरह की कोई शिकायत नहीं की है। लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर मंगलवार को देश में कई जगह एटीएम बंद रहे। साइबर एक्सपर्ट्स की मानें तो दुनियाभर में 2 लाख से ज्यादा कंप्यूटर्स पर इस वायरस ने अटैक किया है जिसके बाद दुनियाभर के कॉरपोरेट जगत का कामकाज पहले जैसा ही शुरु हो गया है।

डीएसके लीगल के पार्टनर तुषार अजिंकिया ने कहा, “भारत में पारदर्शिता की कमी है। बैंकों और लिस्टेड कंपनियों के लिए यह बेहद जरुरी है कि अगर उनपर साइबर अटैक हो तो वो इस बात की जानकारी दें। लेकिन कई कंपनियां या बैंक ऐसे मामलों को रिपोर्ट ही नहीं करते हैं। पहले हैकर्स केवल भारतीय वेबसाइट्स को अटैक करते थे लेकिन अब उन्होंने इसे पैसे कमाने का जरिया बना लिया है।

WannaCry रैनसमवेयर की वजह से ब्रिटेन में स्वास्थ्य सेवाएं और फ्रांस की कार कंपनी रेनॉ का कामकाज प्रभावित हुआ है। वहीं, भारत में कंपनियों का कामकाज पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ा है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि भविष्य के लिए सिस्टम्स सेफ हैं। Kaspersky लैब के प्रबंध निदेशक अल्ताफ हाल्दे ने कहा, "हमने अपनी रिसर्च में पाया है कि भारत में इस वायरस ने बड़े पैमाने पर अटैक किया है और रैनसमवेयर हमले के मामले में भारत तीसरे नंबर पर है।

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Posted By: Shilpa Srivastava

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