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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Laptop Licensing: लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना चाहती है सरकार, 72 घंटों के अंदर मिलेगा लाइसेंस

By Anand PandeyEdited By: Anand Pandey
Published: Fri, 04 Aug 2023 04:33 PM (IST)

Laptop Licensing in India भारत ने घोषणा की है कि वह तत्काल प्रभाव से लैपटॉप टैबलेट और पर्सनल कंप्यूटर के ...और पढ़ें

India seeks to boost manufacturing with laptop licensing move Rajeev Chandrasekhar
India seeks to boost manufacturing with laptop licensing move Rajeev Chandrasekhar

HighLights

  1. लैपटॉप आयात लाइसेंस के लिए सरकार 72 घंटों के भीतर देगी मंजूरी।
  2. घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना चाहती है सरकार।
  3. नया नियम एपल, डेल और सैमसंग जैसी टेक कंपनियों को प्रभावित कर सकता है।

नई दिल्ली, टेक डेस्क। आईटी मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने शुक्रवार को कहा कि लैपटॉप, टैबलेट और पर्सनल कंप्यूटर के आयात के लिए लाइसेंस की आवश्यकता लागू करने के भारत के फैसले से घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा और यह सुनिश्चित होगा कि इसका टेक्निकल इकोसिस्टम केवल वेरिफाइड सिस्टम का इस्तेमाल करता है।

भारत ने घोषणा की है कि वह तत्काल प्रभाव से लैपटॉप, टैबलेट और पर्सनल कंप्यूटर के आयात के लिए लाइसेंस की आवश्यकता लागू करेगा। यह एक ऐसा कदम जो एपल, डेल और सैमसंग जैसी कंपनियों को कड़ी टक्कर दे सकता है।

लोकल मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा बढ़ावा

देश में मौजूदा नियम कंपनियों को स्वतंत्र रूप से लैपटॉप आयात करने की अनुमति देते हैं, लेकिन नए नियम में इन प्रोडक्ट के लिए एक विशेष लाइसेंस अनिवार्य है, जैसा कि भारत ने 2020 में इनबाउंड टीवी शिपमेंट के लिए लगाए गए बैन के समान किया है।

सरकार ने गुरुवार को अपनी अधिसूचना में इस कदम का कोई कारण नहीं बताया, जो एपल, डेल और सैमसंग जैसी टेक कंपनियों को प्रभावित कर सकता है और उन्हें लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए मजबूर कर सकता है।

सरकार दे रही मेक इन इंडिया पर जोर

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार अपनी "मेक इन इंडिया" योजना के तहत लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दे रही है और आयात को हतोत्साहित कर रही है। भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स आयात, जिसमें लैपटॉप, टैबलेट और पर्सनल कंप्यूटर शामिल हैं, अप्रैल से जून की अवधि में $19.7 बिलियन रहा, जो साल-दर-साल 6.25% अधिक है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत के कुल सालाना आयात में लैपटॉप, टैबलेट और पर्सनल कंप्यूटर का हिस्सा लगभग 1.5% है, जिसमें से लगभग आधा चीन से होता है। एपल के कई आईपैड और डेल के लैपटॉप स्थानीय स्तर पर निर्मित होने के बजाय देश में आयात किए जाते हैं।

72 घंटों के भीतर मिलेगी लाइसेंस की मंजूरी

मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने एक्स सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (पहले ट्विटर) पर कहा कि विश्वसनीय हार्डवेयर और सिस्टम सुनिश्चित करना सरकार का उद्देश्य है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार आयात पर निर्भरता कम करके और ऐसे प्रोडक्ट के घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना चाहती है।

मामले की प्रत्यक्ष जानकारी रखने वाले एक सूत्र के अनुसार, भारत सरकार को उम्मीद है कि लैपटॉप और टैबलेट आयात करने के लिए कंपनियों द्वारा लाइसेंस अनुरोधों को 48 घंटों से 72 घंटों के भीतर मंजूरी दे दी जाएगी, जिसके लिए अब नई दिल्ली की मंजूरी की आवश्यकता है।