नई दिल्ली, पीटीआई। Twitter Action on khalistani Account: इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म ट्विटर (Twitter) को सरकार की बात माननी पड़ी है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आइटी मंत्रालय की तरफ से ट्विटर (Twitter) को 27 जून को आखिरी अल्टीमेटम देते हुए नोटिस जारी किया गया था। इस नोटिस में कहा गया था कि अगर ट्विटर सरकार के नियमों के हिसाब से कार्रवाई नहीं करती है, तो आपको परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए। सरकार की चेतावनी के बाद ट्विटर को बात माननी पड़ी। एक आधिकारिक सूत्र ने सोमवार को यह जानकारी दी।

27 जून को Twitter ने जारी किया था नोटिस 

ट्विटर (Twitter) 27 जून को नोटिस जारी कर ट्विटर को अल्टीमेटम दिया गया था। सरकार के सभी पिछले आदेशों का पालन करने के लिए इलेक्ट्रानिक्स और आइटी मंत्रालय ने ट्विटर को चार जुलाई तक का समय दिया था। इस अवधि में आदेशों का पालन करने में असफल रहने पर ट्विटर का इंटरमीडियरी का दर्जा खत्म हो सकता था जिसका अर्थ है कि वह अपने प्लेटफार्म पर पोस्ट की गई सभी टिप्पणियों के लिए उत्तरदायी होता।

खालिस्तानी ट्विटटर अकाउंट के खिलाफ हुई कार्रवाई 

सरकार ने मई में ट्विटर से खालिस्तान से संबंधित कंटेंट पर कार्रवाई करने को कहा था। बाद में जून में सरकार ने ट्विटर को लगभग 60 अकाउंट्स पर कार्रवाई करने के लिए कहा। सूत्रों के मुताबिक ट्विटर ने अनुपालन की सूचना दी है। 26 जून को माइक्रोब्लागिंग साइट ने 80 से अधिक ट्विटर खातों और ट्वीट की एक सूची प्रस्तुत की, जिन्हें 2021 में सरकार के अनुरोध के आधार पर ब्लाक किया गया है। सरकार ने ट्विटर से कहा था कि विवादित ट्वीट करने वाले कई पत्रकारों, राजनेताओं और किसानों के विरोध के समर्थकों के कई अकाउंट्स और कुछ ट्वीट को ब्लॉक करे। बता दें कि ट्विटर और बाकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को नए आईटी नियमों के तहत सरकार के बताए निर्देश को 24 घंटे के अंदर मानना होता है। 

Edited By: Saurabh Verma