ब्रह्मानंद मिश्र। आजकल देश के अलग-अलग हिस्सों से बिजली भुगतान के नाम पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी से संबंधित खबरें आ रही हैं। आमतौर पर, बिजली बिल के भुगतान के लिए बिजली बोर्डों द्वारा उपभोक्ताओं को रिमाइंडर भेजे जाते हैं। अब स्कैमर्स भी बिजली बिल का भुगतान नहीं करने पर कनेक्शन काटने से संबंधित एसएमएस और वाट्सएप मैसेज भेजने लगे हैं। इस तरह की चेतावनी वाले संदेश को देखते ही लोग बिना सोच-विचार के ही भुगतान कर देते हैं। यहां तक कि कई लोग मैसेज को भी सही ढंग से नहीं पढ़ते। बिजली बिल भुगतान के नाम पर धोखाधड़ी के सर्वाधिक मामले दिल्ली, हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब और ओडिशा से रिपोर्ट हो रहे हैं।

इस तरह के मैसेज से रहें अलर्ट

स्कैमर्स कुछ इस तरह के मैसेज भेज रहे हैं- 'प्रिय ग्राहक, आपका बिजली कनेक्शन आज रात नौ बजे काट दिया जाएगा, क्योंकि आपने पिछले महीने का बिल भुगतान नहीं किया है। कृपया दिए गए नंबर पर विद्युत अधिकारी से संपर्क करें।" इस तरह के मैसेज किसी अनजान नंबर से आते हैं। यह किसी बिजली बोर्ड से संबंधित नहीं होते।

अगर आप ध्यान से देखें, तो एसएमएस का स्रोत विश्वसनीय नहीं होता। अमूमन, वास्तविक एसएमएस में किसी फोन नंबर के बजाय बिजली बोर्ड का नाम होता है, जैसे- BSES DELHI, फोन नंबर की जगह BSES DL लिखा होता है। दूसरी गौर करने वाली बात यह है कि इस तरह के वाट्सएप संदेश और एसएमएस में भाषा संबंधी त्रुटियां भी होती हैं।

आनलाइन ठगी के नये-नये तरीके

स्कैमर्स आम लोगों के साथ धोखाधड़ी के लिए नये-नये तरीके अपनाते हैं। फिशिंग ई-मेल और संदेश किसी ज्ञात कंपनी, बैंक, क्रेडिट कार्ड कंपनी, सोशल नेटवर्किंग साइट, आनलाइन पेमेंट या आनलाइन स्टोर से आने वाले संदेश की ही तरह प्रतीत होते हैं। स्कैमर्स लोगों को जाल में फंसाने के लिए पेमेंट लिंक, सरकारी रिफंड, कूपन, आफर आदि भेजते हैं। हालांकि कुछ ऐसे उपाय हैं जिससे इस तरह के टेक्स्ट मैसेज या वाट्सएप मैसेज की पहचान की जा सकती है।

कैसे करें बचाव

आनलाइन सुरक्षा के लिए सबसे पहले जरूरी है कि आपके सिस्टम का सिक्योरिटी साफ्टवेयर अपडेटेड हो। इससे साइबर हमलों से बचने में मदद मिलेगी। किसी भी तरह का बिल भुगतान या पेमेंट आधिकारिक वेबसाइट या वेरिफाइड एप के जरिए ही करें। पेमेंट के लिए इस्तेमाल होने वाले किसी भी एप को गूगल प्ले स्टोर या एपल एप स्टोर से डाउनलोड करने से पहले उसकी सत्यता को जांचें। अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड से भुगतान तभी करें, जब आप पूरी तरह आश्वस्त हों। फोन काल पर कभी भी किसी के साथ ओटीपी, सीवीवी साझा न करें। बैंक अथारिटी कभी भी इस तरह की संवेदनशील सूचनाएं नहीं मांगती। एसएमएस या ई-मेल पर आने वाले किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। लिंक के जरिए स्कैमर्स लोगों को असानी से अपना शिकार बनाते हैं। अगर आपको कोई संदेहास्पद फोन काल आती है, तो उसे तुरंत डिस्कनेक्ट कर दें। अगर आपका डेबिट या क्रेडिट चोरी हो गया है या खो गया है, तो तुरंत बैंक को सूचित करें, उसे ब्लाक कराएं, ताकि समय रहते किसी तरह के वित्तीय नुकसान से बचा जा सके।

Edited By: Sanjay Pokhriyal