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वेबसाइट्स के बार-बार नोटिफिकेशन पॉप-अप से मिलेगी राहत! Google Chrome में आ रहा है नया UI अपडेट

Published: Sat, 25 Jul 2026 01:30 PM (IST)Updated: Sat, 25 Jul 2026 03:26 PM (IST)

Google एंड्रॉयड पर क्रोम ब्राउजर के यूजर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए एक नया नोटिफिकेशन परमिशन इंटरफेस ला रहा ...और पढ़ें

Android यूजर्स के लिए Google ला रहा है स्मार्ट Chrome 155 अपडेट।

Android यूजर्स के लिए Google ला रहा है स्मार्ट Chrome 155 अपडेट। 

टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। Google एंड्रॉयड पर क्रोम यूजर्स के एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने की दिशा में काम करता दिख रहा है। कंपनी ने कंफर्म किया है कि वह एक नया रीडिजाइंड नोटिफिकेशन परमिशन इंटरफेस ला रही है। ये बदलाव Chrome 155 वर्जन से रोलआउट होना शुरू होगा। गूगल ने ये भी दिखाया है कि यूजर्स के लिए ये अपडेट कैसा दिखेगा। गूगल की सलाह है कि वेबपेज लोड होते ही परमिशन रिक्वेस्ट दिखाने के बजाय इस प्रॉम्प्ट को किसी रेलेवेंट एक्शन या कॉन्टेक्स्ट से जोड़ा जाए।

Android के लिए Chrome 155 को मिला नया नोटिफिकेशन परमिशन UI

Chrome for Developers के एक ब्लॉग पोस्ट में, गूगल ने एलान किया कि वह वेब ब्राउजिंग के दौरान बार-बार आने वाले नोटिफिकेशन प्रॉम्प्ट से होने वाली झुंझलाहट को दूर करने के लिए बदलाव कर रहा है। एंड्रॉयड पर क्रोम 155 वर्जन के साथ नया नोटिफिकेशन यूजर एक्सपीरियंस मिलना शुरू होगा। फिलहाल Play Store पर Android के लिए Google Chrome 150 उपलब्ध है।

गूगल का कहना है कि एंड्रॉयड पर क्रोम के लिए रीडिजाइन किए गए नोटिफिकेशन परमिशन इंटरफेस में 'कम दखल देने वाला UI दिया गया है, जो पुराने वर्जन की तरह ही आसान है लेकिन यूजर फ्रिक्शन को काफी कम करता है।' कंपनी नोट करती है कि ये बदलाव यूजर्स को बिना काम रोके किसी भी साइट के नोटिफिकेशन सब्सक्राइब करने के बारे में सही फैसला लेने में मदद करता है।

इसके लिए गूगल ने क्रोम के Site Controls मेन्यू के अंदर एक नया डेडिकेटेड नोटिफिकेशन सब्सक्रिप्शन ऑप्शन जोड़ा है। ब्लॉग पोस्ट में एक स्क्रीनशॉट शामिल है जो इस ऑप्शन को दिखाता है। इस अपडेट के साथ, जो यूजर्स किसी वेबसाइट द्वारा पहली बार प्रॉम्प्ट दिखाए जाने पर तुरंत जवाब नहीं देना चाहते, वे बाद में Site Controls इंटरफेस में जाकर सब्सक्राइब कर सकते हैं। इससे यूजर्स को ब्राउजिंग में ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी मिलने की उम्मीद है।

गूगल ने ये भी नोट किया कि अगर यूजर्स कोई रिस्पॉन्स नहीं देते हैं, तो नया नॉन-ब्लॉकिंग नोटिफिकेशन प्रॉम्प्ट अपने आप एक्सपायर हो जाएगा। इसके चलते डेवलपर्स को उस कोड में बदलाव करना पड़ सकता है जो परमिशन मिलने की जांच करता है।

गूगल ने डेवलपर्स से यूजर एंगेजमेंट बढ़ाने के लिए प्रॉम्प्ट्स को सही कॉन्टेक्स्ट से जोड़ने का रिक्वेस्ट किया है। टेक दिग्गज ने डेवलपर्स के लिए कुछ उदाहरण भी दिए हैं। जैसे कि कोई ई-कॉमर्स साइट ऑर्डर देने के तुरंत बाद डिलीवरी अपडेट के लिए नोटिफिकेशन परमिशन मांग सकती है। इसी तरह, कोई न्यूज वेबसाइट यूजर्स द्वारा कई खबरें पढ़ने के बाद टॉपिक अलर्ट का सुझाव दे सकती है या ट्रैवल साइट्स किसी खास फ्लाइट को सर्च करने के बाद फेयर अलर्ट के लिए प्रॉम्प्ट दिखा सकती हैं।

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