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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 01, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

इतिहास रचने को तैयार ISRO, चन्द्रमा के और करीब पहुंचा Chandrayaan 2

By Harshit HarshEdited By:
Published: Sun, 01 Sep 2019 10:45 AM (GMT+05:30)Updated: Sun, 01 Sep 2019 04:38 PM (GMT+05:30)

भारत के इस दूसरे मून मिशन में Chandrayaan-2 को 22 जुलाई को आंध्र प्रदेश के श्री हरिकोटा से लॉन्च किया गया था। Chandrayaan-2 चन्द्रमा पर 7 सितंबर को लैंड करेगा

इतिहास रचने को तैयार ISRO, चन्द्रमा के और करीब पहुंचा Chandrayaan 2
इतिहास रचने को तैयार ISRO, चन्द्रमा के और करीब पहुंचा Chandrayaan 2

नई दिल्ली, टेक डेस्क। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने शुक्रवार को अपने ट्वीट के जरिए बताया कि Chandrayaan-2 सफलतापूर्वक चांद की चौथी और आखिरी कक्षा के समीप पहुंच गया है। ISRO के मुताबिक, इस स्पेसक्राफ्ट के सभी पैरामीटर्स सामान्य है। आज यानी 1 सितबंर को शाम के 6 बजकर 21 मिनट पर Chandrayaan-2 ने Manoeuvre ऑर्बिट में प्रवेश किया। भारत के इस दूसरे मून मिशन में Chandrayaan-2 को 22 जुलाई को आंध्र प्रदेश के श्री हरिकोटा से लॉन्च किया गया था। Chandrayaan-2 चन्द्रमा पर 7 सितंबर को लैंड करेगा। Manoeuvre ऑर्बिट में प्रवेश की समय 11:55hrs अनुमानित की गई है। इस अनुमानित समय के अनुसार, Chandrayaan-2 ने Manoeuvre ऑर्बिट में प्रवेश कर लिया होगा। हालांकि, ISRO की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। ISRO के लेटेस्ट ट्वीट के मुताबिक, बीते 30 अगस्त को 18:18hrs पर Chandrayaan-2 ने आखिरी कक्षा में प्रवेश किया था।

Manoeuvre ऑर्बिट में प्रवेश करते ही ISRO एक और इतिहास रच देगा। भारत के दूसरे लूनर मिशन में Chandrayaan-2 ने 20 अगस्त को चन्द्रमा की पहली कक्षा में प्रवेश किया था। कल यानी 2 सितबंर को Chandrayaan-2 से प्रज्ञान लैंडर अलग हो जाएगा। प्रज्ञान लैंडर चन्द्रमा की सतह पर पहुंच कर वहां के वातावरण, मिट्टी आदि का परीक्षण करेगा। ISRO के मुताबिक, 7 सितंबर को लैंडर चन्द्रमा की सतह पर लैंड कर सकता है।

ISRO के चेयरमैन के सिवान ने कहा कि चन्द्रमा की सतह पर प्रज्ञान लैंडर की साफ्ट लैंडिंग एक अत्यंत ही सुखदायी क्षण होगा। ISRO के लिए ये किसी ड्रीम प्रोजेक्ट की तरह होगा, क्योंकि चन्द्रमा के दक्षिणी पोल पर आज तक किसी देश ने सॉफ्ट लैंडिंग नहीं कराई है। यही नहीं, भारत उन चार देशों में शामिल हो जाएगा, जिसने चन्द्रमा पर सफलतापूर्वक लैंड किया हो।

Chandrayaan-2 ने 14 अगस्त को पृथ्वी की कक्षा को छोड़ा था और चन्द्रमा की कक्षा की तरफ कदम बढ़ाया था। Chandrayaan-2 के हर कदम को ISRO के वैज्ञानिक मॉनिटर कर रहे हैं। इसे ISRO के बैंगलुरू स्तिथ ट्रैकिंग कमांड नेटवर्क ISRO Telemetry के जरिए मॉनिटर किया जा रहा है। Chandrayaan-2 की अब तक की यात्रा सफल रही है। इसे 22 जुलाई को GSLV MkIII-M1 लॉन्च व्हीकल के जरिए लॉन्च किया गया था।