नई दिल्ली, टेक डेस्क। 1 फरवरी 2022 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त वर्ष 2022-23 के लिए आम बजट पेश करेंगी। उम्मीद की जा रही है कि पिछले साल की तुलना में इस आम बजट को बढ़ाया जा सकता है। भारत टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में लगातार ऊंचाई की ओर बढ़ रहा है। भारत की टेक कंपनियां ग्लोबल लेवल पर अपना विस्तार कर रही हैं। कुछ दिनों पहले ही शुरू हुए कई नए इंडियन स्टार्टअप्स ने अपनी पहचान बड़े स्तर पर बना ली है। मोबाइल हो या अन्य टेक प्रोडक्ट निर्माण सभी में भारतीय कंपनियां विदेशी कंपनियों को टक्कर दे रही हैं। ऐसे में टेक इंडस्ट्री को इस आम बजट से काफी उम्मीदें हैं।

सरकार को घटाना चाहिए जीएसटी

अवनीत सिंह मारवाह सीईओ एसपीएल भारत में थॉमसन के अनन्य ब्रांड लाइसेंसधारी ( SPPL) ने कहा कि इस बजट में हम उम्मीद करते हैं कि सरकार को जीएसटी 28% से घटाकर 18% करना चाहिए। पहले सहमति व्यक्त की है कि अगर एक तिमाही के लिए जीएसटी संग्रह 1 लाख करोड़ से अधिक है तो वे कार्रवाई करेंगे और जीएसटी को कम करेंगे। इस समय बाजार की धारणा काफी कम है और इस तरह के प्रोत्साहन की पेशकश करने का यह सबसे अच्छा समय है। इससे देश में उपभोक्ता व्यवहार को बढ़ाने में मदद मिलेगी।

घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहित करने की जरूरत

उन्होंने कहा कि सरकार ने सेमीकंडक्टर चिपसेट और डिस्प्ले पैनल के विकास के लिए पीएलए योजना के तहत 76,000 करोड़ रुपये की मंजूरी देकर एक बड़ा काम किया है, लेकिन सरकार को इसके लिए एक समय तय करनी चाहिए, ताकि इसका लाभ उठाया जा सके। भविष्य में सरकार को घरेलू रूप से निर्मित की जाने वाली चीजों में सोचना चाहिए। घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए पूर्ण निर्मित इकाई (उत्पादों) पर आयात शुल्क बढ़ाया जाना चाहिए।

हालांकि आम बजट आने के बाद भी यह साफ हो सकेगा कि टेक इंडस्ट्री की उम्मीद के हिसाब से यह आगामी आम बजट से कितना सही है और टेक इंडस्ट्री के बड़े और छोटे प्लेयर्स इससे कितना संतुष्ट हैं।

Edited By: Sarveshwar Pathak