विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

AI से शॉपिंग में मिलेगी मदद, लेकिन आंख मूंदकर भरोसा पड़ सकता है भारी; इन बातों का रखें ध्यान

Published: Wed, 07 Oct 2026 04:28 PM (IST)

AI ऑनलाइन शॉपिंग में स्मार्ट सर्च और व्यक्तिगत सुझावों से मदद कर सकता है, लेकिन इसकी सलाह पर आंख मूंदकर ...और पढ़ें

AI से शॉपिंग में मिलेगी मदद, लेकिन आंख मूंदकर भरोसा पड़ सकता है भारी; इन बातों का रखें ध्यान

AI से शॉपिंग में मिलेगी मदद, लेकिन आंख मूंदकर भरोसा पड़ सकता है भारी; इन बातों का रखें ध्यान

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। आप 50 हजार की रेंज में अच्छे कैमरे वाला स्मार्टफोन खरीदना चाहते हैं, तो इसके लिए ई-कामर्स प्लेटफॉर्म पर प्रोडक्ट्स के दर्जनों पेज पर जाने, उनकी खूबियां को समझने, रिव्यूज को पढ़ने या उन पर मिल रहे डिस्काउंट की तुलना करने की जरूरत नहीं है। ये सभी जानकारियां आप AI चैटबाट से बस एक सवाल पूछकर प्राप्त कर सकते हैं। वह न केवल विकल्प सुझाएगा, बल्कि कीमत, खरीदारी और पेमेंट आदि के बारे में भी विस्तार से बताएगा।

यहां तक कि रिफ्रेश रेट, प्रोसेसर आर्किटेक्चर, रैम, स्टोरेज टाइप या डिस्प्ले टेक्नोलॉजी जैसे टेक्निकल शब्द और स्पेसिफिकेशंस को भी आप इससे आसान भाषा में समझ सकते हैं। इन तमाम खूबियों के साथ यह भी ध्यान रखें कि AI सिस्टम का हर जवाब भले ही आपको भरोसेमंद लगता हो, लेकिन उसमें गलत या पुरानी जानकारी होने की भी गुंजाइश बनी रहती है।

ऐसे में AI के सुझावों पर आंख बंद करके भरोसा करना आपके लिए नई मुश्किलें पैदा कर सकता है। AI के प्रयोग का एक सीधा नियम है- इसकी सलाह लें, पर फैसला खुद से करें। शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर मौजूद AI चैटबाट को सीधे या परोक्ष रूप से प्लेटफॉर्म के व्यावसायिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए डिजाइन किया जाता है, इसलिए खरीदारी के फैसले में सतर्कता जरूरी है।

AI उपयोगी तभी, जब सतर्कता हो

बीते दिनों नेटवेस्ट और बैंक आफ अमेरिका समेत अनेक संस्थाओं ने यह आशंका जताई थी कि आनलाइन शॉपिंग में AI एजेंट के जरिये स्कैम, धोखाधड़ी और डाटा प्राइवेसी के उल्लंघन का खतरा बढ़ रहा है। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है, जब ओपनAI, एंथ्रोपिक, गूगल, मेटा आदि कंपनियां AI चैटबाट्स को शॉपिंग टूल के तौर पर तेजी से बढ़ावा दे रही हैं।

वे ऐसे भविष्य की कल्पना कर रही हैं, जहां खरीदार प्रोडक्ट चुनने और खरीदारी के लिए लोग AI एजेंट का इस्तेमाल करेंगे। वहीं, रिटेलर्स चैटबाट्स के सुझावों को प्रभावित करने की होड़ में हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक AI एजेंट से होने वाली सर्च एक साल पहले के 0.3 प्रतिशत से बढ़कर 2.5 प्रतिशत हो गई हैं और यह ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है।

AI कैसे कर सकता है आपकी मदद

  • स्मार्ट सर्च और डिस्कवरी : आम बोलचाल की भाषा में पूछे गए सवालों को समझने के चलते यह बहुत उपयोगी है। सिर्फ कीवर्ड-आधारित सर्च की तुलना में प्रोडक्ट्स को ज्यादा सही तरीके से फिल्टर और रैंक करता है।
  • पर्सनलाइज्ड सुझाव : आपकी ब्राउजिंग हिस्ट्री, पिछली खरीदारी और पसंद के आधार पर प्रोडक्ट्स का सुझाव देता है। ऐसी काम की चीजें खोजने में मदद करता है जिन्हें शायद आपने खुद न खोजा हों।
  • कीमत और डील की जानकारी : कीमतों के उतार चढ़ाव पर भी AI की नजर होती है और वह डील्स के बारे में अलर्ट करता है। कूपन, कैशबैक आफर और खरीदारी के सबसे अच्छे समय की पहचान कर सकता है।
  • प्रोडक्ट की जानकारी : प्रोडक्ट से जुड़े खास सवालों के तुरंत जवाब देता है और फीचर्स, स्पेसिफिकेशंस और कीमत के आधार पर प्रोडक्ट्स की तुलना करता है।
  • आर्डर और डिलीवरी में मददः प्लेटफॉर्म का इंटीग्रेटेड AI आर्डर को ट्रैक करता है और डिलीवरी के समय का अंदाजा देता है। AI पावर्ड कस्टमर सपोर्ट के जरिये समस्याओं को तेजी से सुलझाने में मदद करता है। साथ ही AI संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने और आपके अकाउंट को सुरक्षित रखने के लिए ट्रांजैक्शन पर नजर रखता है।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • प्रोडक्ट के बारे में सतर्कता : AI से बने सारांश में कभी-कभी बारीक बातें छूट सकती हैं, हमेशा पूरी प्रोडक्ट लिस्टिंग, रिव्यू और स्पेसिफिकेशंस खुद भी देखना जरूरी है।
  • फर्जी रिव्यू से सावधानी : कुछ सेलर्स फर्जी रिव्यू बनाने के लिए AI का इस्तेमाल करते हैं। वेरिफाइड परचेज बैज और डिटेल देखना जरूरी है।
  • AI सुझावों पर बहुत अधिक निर्भरताः इसके सुझाव एल्गोरिदम पर आधारित होते हैं- महंगी चीजें खरीदने से पहले हमेशा अपनी रिसर्च करें। पर्सनलाइजेशन की वजह से 'फिल्टर बबल' न बनने दें, जिससे आप बेहतर विकल्पों से चूक जाएं।
  • सुरक्षित पेमेंट के तरीके : कभी भी ओटीपी, पासवर्ड या कार्ड की जानकारी शेयर न करें। चैटबाट या कस्टमर सपोर्ट के साथ भी नहीं, केवल यूपीआइ जैसे भरोसेमंद पेमेंट तरीकों का इस्तेमाल करना चाहिए।
  • डाटा प्राइवेसीः ध्यान रखें कि आप कौन सी पर्सनल जानकारी शेयर कर रहे हैं, समय-समय पर एप की परमिशन की समीक्षा करें। एप की प्राइवेसी पालिसी पढ़ें कि आपके डाटा का इस्तेमाल कैसे किया जाता है।
  • सोच-समझकर फैसला : AI असिस्टेंट मदद के लिए हैं, लेकिन खरीदारी का अंतिम निर्णय हमेशा आपका होना चाहिए। महंगी चीजों (लैपटॉप , अप्लायंसेज, ज्वेलरी) के लिए एक्सपर्ट रिव्यू से जानकारी की पुष्टि करें। सबसे अच्छे शॉपिंग अनुभव के लिए AI की सलाह के साथ अपनी समझ का भी इस्तेमाल करें।

साइबर हाइजीन की बनाएं आदत

  • कभी किसी चैटबाट के साथ ओटीपी, पासवर्ड, सीवीवी नंबर या बैंक अकाउंट की जानकारी साझा करने से बचें।
  • आनलाइन शॉपिंग के लिए सिर्फ आफिशियल प्लेटफॉर्म या एप का ही इस्तेमाल करना चाहिए।
  • एसएमएस, वाट्सएप या ईमेल के जरिये भेजे गए थर्ड-पार्टी लिंक से बचें, ये स्कैम हो सकता है।
  • हमेशा असली प्रोडक्ट पेज पर प्रोडक्ट की जानकारी, कीमत और रिव्यू को दोबारा जांचना चाहिए।
  • धोखाधड़ी करने वाले या किसी प्रतिष्ठित कंपनी जैसा दिखने वाला नकली चैटबाट आपको बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है। हमेशा यूआरएल को जांचें।
  • बहुत अधिक डिस्काउंट या 'लिमिटेड टाइम सीक्रेट डील' जैसे कहीं वादा किया जाता है, तो सतर्क हो जाएं।
  • AI चैटबाट आपकी बातचीत के डाटा का इस्तेमाल खुद को बेहतर बनाने के लिए कर सकते हैं। ऐसे में अकाउंट एंड लिस्ट > योर अकाउंट > प्राइवेसी सेटिंग्स में जाकर इसे नियमित चेक करते रहें।
  • एक भरोसेमंद AI चैटबाट आपसे कभी सीधे पैसे, पासवर्ड या पर्सनल डाटा नहीं मांगता।