पुराना स्मार्टफोन बेकार समझने की न करें गलती, ऐसे आएगा काम
अगर आपने अपना डेटा नए फोन में ट्रांसफर कर लिया है और पुराने फोन का उपयोग किसी दूसरे काम के ...और पढ़ें

टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। नया स्मार्टफोन खरीदने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि पुराने फोन का क्या किया जाए। अक्सर पुराना फोन अलमारी या दराज में पड़ा रह जाता है, जबकि उसमें कैमरा, जीपीएस, स्टोरेज और कई दूसरे ऐसे फीचर्स मौजूद होते हैं जिनका दोबारा उपयोग किया जा सकता है। हालांकि AI के दौर में जब फोन में मौजूद निजी फोटो, डॉक्यूमेंट, पासवर्ड और दूसरे डेटा की सुरक्षा पहले से ज्यादा जरूरी हो गई है, पुराने फोन को किसी काम में लगाने से पहले डेटा सिक्योरिटी का ध्यान रखना भी जरूरी है।
बनाएं सिक्योरिटी कैमरा
पुराने फोन को घर के सिक्योरिटी कैमरे या बेबी मॉनिटर के तौर पर उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए अलग से महंगा कैमरा खरीदने की जरूरत नहीं है। फोन में बेबी कैम या आईपी फोन कैमरा जैसे एप इंस्टाल करके इसे कैमरे में बदला जा सकता है। एप सेटअप करने के बाद फोन को ऐसी जगह रखें जहां से कमरे या घर के उस हिस्से का साफ व्यू मिले, जिस पर नजर रखनी है। फोन को चार्जर से कनेक्ट रखना बेहतर होगा ताकि लंबे समय तक कैमरा चलता रहे। कुछ एप लाइव वीडियो देखने, आडियो सुनने और फोटो या वीडियो रिकार्ड करने की सुविधा भी देते हैं।
डैशकैम में बदलें
अगर पुराने फोन का कैमरा अभी भी ठीक है, तो इसे कार के डैशकैम के रूप में उपयोग किया जा सकता है। फोन को कार के डैशबोर्ड या विंडशील्ड पर माउंट करके सड़क की रिकॉर्डिंग की जा सकती है। इसके लिए डैश कैम ट्रैवल एप के अलावा गूगल प्ले स्टोर पर और भी विकल्प मिल जाएंगे। फोन को लगातार रिकॉर्डिंग के लिए उपयोग करते समय इसे कार के चार्जिंग पोर्ट से कनेक्ट रखना जरूरी है। ध्यान रखें कि फोन को ऐसी जगह न लगाएं जहां से ड्राइवर का व्यू बाधित हो।
एंड्रॉयड ऑटो जैसा एक्सपीरियंस
अगर आपकी कार में एंड्रायड ऑटो नहीं है, तो पुराने फोन या टैबलेट को कार के लिए एक अलग स्क्रीन की तरह उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए कार लांचर, ऑटेजेन, ऑटोमैट जैसे एप का उपयोग किया जा सकता है। इनमें मैप, म्यूजिक और दूसरी जरूरी चीजों को बड़े आइकन के साथ एक्सेस किया जा सकता है। हालांकि ड्राइविंग के दौरान फोन को हाथ में लेकर उपयोग करने के बजाय इसे सुरक्षित माउंट पर लगाना चाहिए।

बनाएं ई-बुक रीडर
अगर आपको किताबें पढ़ने का शौक है, तो पुराने फोन को अलग ई-बुक रीडर में बदल सकते हैं। किंडल, गूगल प्ले बुक्स और मून + रीडर जैसे एप के जरिए किताबें, मैगजीन और कॉमिक्स पढ़ी जा सकती हैं। रीडिंग के दौरान बार-बार आने वाले नोटिफिकेशन परेशानी पैदा न करें, इसके लिए नोटिफिकेशन बंद कर सकते हैं। फोन में सिंपल लांचर या ग्रेस्केल मोड का उपयोग भी किया जा सकता है। इससे फोन की स्क्रीन पर रंग कम होने की वजह से पढ़ने का अनुभव ज्यादा आरामदायक लग सकता है।
गेमिंग के लिए अलग फोन
नए फोन की बैटरी को गेमिंग में खर्च करने के बजाय पुराने फोन को गेमिंग डिवाइस बनाया जा सकता है। अगर पुराने फोन का हार्डवेयर ठीक है, तो उसमें प्ले स्टोर से गेम डाउनलोड किए जा सकते हैं। क्लाउड गेमिंग के लिए एक्सबाक्स क्लाउड गेमिंग, एनविडिया जीफोर्स नाउ, स्टीम लिंक जैसी सेवाओं का भी उपयोग किया जा सकता है। वहीं पुराने गेम खेलने वालों के लिए एंड्रायड एमुलेटर भी एक विकल्प हो सकता है। इस तरह आपका पुराना फोन एक अलग हैंडहेल्ड गेमिंग डिवाइस बन सकता है।
डिजिटल घड़ी बनाएं
अगर पुराना फोन ज्यादा पावरफुल नहीं है, तो इसे बेडसाइड डिजिटल घड़ी में बदला जा सकता है। इसके लिए फ्लिप क्लॉक जैसे एप इंस्टॉल करके फोन को स्टैंड पर रखा जा सकता है। अगर आपके पास वायरलेस चार्जिंग वाला स्टैंड है, तो लंबे समय तक उपयोग करना और आसान हो जाएगा। फोन को डिजिटल फोटो फ्रेम के तौर पर भी उपयोग किया जा सकता है। गूगल फोटोज में स्लाइडशो फीचर की मदद से फोन की स्क्रीन पर अपनी पसंदीदा तस्वीरें दिखाई जा सकती हैं। वहीं फोटू जैसे एप में अलग-अलग क्लाउड स्टोरेज से फोटो लेकर स्लाइडशो चलाने और ट्रांजिशन बदलने जैसे विकल्प भी मिल सकते हैं।
बनाएं जीपीएस ट्रैकर
पुराने एंड्रायड फोन का उपयोग लोकेशन ट्रैकिंग के लिए भी किया जा सकता है। फोन में गूगल का फाइंड हब फीचर मौजूद है, जिसका उपयोग डिवाइस की लोकेशन पता करने के लिए किया जा सकता है। इसे कार में सुरक्षित जगह पर रखकर लोकेशन की जानकारी ली जा सकती है। हालांकि किसी दूसरे व्यक्ति की लोकेशन ट्रैक करने के लिए उसकी जानकारी और सहमति जरूरी है। फोन की बैटरी जल्दी खत्म न हो, इसके लिए छोटा पावर बैंक भी साथ रखा जा सकता है।
Wi-Fi रिपीटर
कुछ पुराने एंड्रायड फोन को Wi-Fi रिपीटर की तरह उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए फोन में Wi-Fi से कनेक्ट रहते हुए हॉटस्पॉट चलाने का विकल्प होना जरूरी है। अगर आपका पुरान फोन इस सुविधा को सपोर्ट करता है, तो इसे उस जगह रखा जा सकता है, जहां घर में Wi-Fi सिग्नल कमजोर आता है। हालांकि पुराने फोन से मिलने वाला नेटवर्क परफॉर्मेंस किसी खास Wi-Fi एक्सटेंडर जितना अच्छा नहीं होगा, लेकिन छोटे डेड जोन के लिए यह एक सस्ता विकल्प हो सकता है।
लैपटॉप का सेकेंड स्क्रीन
पुराने फोन की बड़ी स्क्रीन को लैपटॉप या पीसी के लिए सेकेंड स्क्रीन की तरह उपयोग किया जा सकता है। विंडोज कंप्यूटर के साथ स्पेसडेस्क जैसे एप के जरिए फोन को दूसरी स्क्रीन में बदला जा सकता है। फोन को Wi-Fi के जरिए कनेक्ट किया जा सकता है, लेकिन ज्यादा स्थिर कनेक्शन के लिए यूएसबी केबल बेहतर विकल्प हो सकता है।
कनेक्शन होने के बाद कंप्यूटर की स्क्रीन को फोन तक एक्सटेंड किया जा सकता है और अलग-अलग एप्स को दूसरी स्क्रीन पर रखा जा सकता है। इसी तरह कुछ एप्स की मदद से पुराने फोन को कंप्यूटर के वेबकैम, माइक्रोफोन या स्पीकर के तौर पर भी उपयोग किया जा सकता है।
पुराने फोन का डेटा कैसे सुरक्षित करें
पुराने फोन को दोबारा उपयोग करने से पहले सबसे जरूरी काम डेटा की सुरक्षा है। AI के दौर में फोन में सिर्फ फोटो और वीडियो ही नहीं, बल्कि बैंकिंग एप, ईमेल, सोशल मीडिया अकाउंट, पासवर्ड, कांटैक्ट और निजी डॉक्यूमेंट जैसी कई संवेदनशील चीजें मौजूद रहती हैं। अगर पुराना फोन किसी दूसरे व्यक्ति को देना या बेचना है, तो सिर्फ फोटो और एप डिलीट करना पर्याप्त नहीं है।
पहले जरूरी डेटा का बैकअप नए फोन या सुरक्षित क्लाउड स्टोरेज में लें। इसके बाद पुराने फोन से गूगल या दूसरे अकाउंट को हटाएं और स्क्रीन लॉक, बैंकिंग एप और पासवर्ड से जुड़ी जानकारी को चेक करें। अगर फोन किसी दूसरे व्यक्ति को देना है, तो सबसे सुरक्षित तरीका फैक्ट्री रीसेट करना है। रीसेट से पहले यह सुनिश्चित करें कि जरूरी डेटा का बैकअप हो चुका है और पुराने फोन से आपका गूगल अकाउंट या दूसरे जरूरी अकाउंट हटा दिए गए हैं।
डेटा को लेकर रहें सावधान
- आजकल AI एप्स और स्मार्ट टूल्स का उपयोग फोटो एडिटिंग, डाक्यूमेंट स्कैनिंग, ट्रांसलेशन और दूसरे कामों के लिए तेजी से बढ़ रहा है। इसलिए पुराने फोन में मौजूद निजी फोटो, डाक्यूमेंट या दूसरी जानकारी को किसी अनजान एप में अपलोड करने से बचें।
- अगर पुराने फोन को सिक्योरिटी कैमरा, स्टोरेज या किसी दूसरे काम के लिए उपयोग कर रहे हैं, तो उसमें संवेदनशील डेटा रखने के बजाय सिर्फ जरूरी फाइलें रखें।
- फोन में उपलब्ध सुरक्षा अपडेट भी जरूर चेक करें। अगर डिवाइस बहुत पुराना है और लंबे समय से सुरक्षा अपडेट नहीं मिला है, तो उसे बैंकिंग या दूसरे संवेदनशील कामों के लिए उपयोग करने से बचें।
- थोड़ी सावधानी के साथ पुराना फोन का उपयोग सिक्योरिटी कैमरा, डैशकैम, ई-बुक रीडर, गेमिंग डिवाइस, डिजिटल घड़ी, जीपीएस डिवाइस, सेकेंड स्क्रीन या पोर्टेबल स्टोरेज जैसे कई कामों में किया जा सकता है। लेकिन अगर फोन को किसी और को देना या बेचना है, तो पहले डेटा की सुरक्षा को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दें।
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