एक ही कमरे में कुछ फोन का Wi-Fi फास्ट और कुछ का स्लो क्यों? 10 में से 7 लोग नहीं जानते वजह
एक ही Wi-Fi कनेक्शन पर भी स्मार्टफोन में इंटरनेट की स्पीड अलग-अलग हो सकती है। इसका कारण Wi-Fi हार्डवेयर, बैंड सपोर्ट और फोन के सॉफ्टवेयर जैसे कारक होते हैं।

एक ही कमरे में कुछ फोन का Wi-Fi फास्ट और कुछ का स्लो क्यों? 10 में से 7 लोग नहीं जानते वजह

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टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। घर में एक ही Wi-Fi कनेक्शन यूज करने के बावजूद कभी-कभी एक स्मार्टफोन में इंटरनेट की स्पीड ज्यादा देखने को मिलती है, जबकि एक फोन में वीडियो काफी स्लो लोड होता है। ऐसा सिर्फ इंटरनेट कनेक्शन के कारण नहीं बल्कि स्मार्टफोन के हार्डवेयर, Wi-Fi टेक्नोलॉजी और नेटवर्क सेटिंग्स का भी इसमें खास रोल होता है।
Wi-Fi हार्डवेयर का असर
आजकल आने वाले ज्यादातर स्मार्टफोन में एक जैसा Wi-Fi हार्डवेयर नहीं मिलता। अलग-अलग प्राइस रेंज के हिसाब से फोन में Wi-Fi एंटीना, नेटवर्क चिप और सिग्नल रिसीव करने की पावर अलग अलग हो सकती है। बेहतर हार्डवेयर वाले डिवाइस कमजोर सिग्नल में भी अच्छी स्पीड ऑफर कर सकते हैं, जबकि दूसरे डिवाइस में इसी कंडीशन में इंटरनेट स्लो चल सकता है।
Wi-Fi बैंड बढ़ा सकते हैं स्पीड
ज्यादातर एडवांस राउटर 2.4GHz और 5GHz बैंड सपोर्ट के साथ आते हैं। 2.4GHz बैंड की रेंज ज्यादा देखने को मिलती है और ये दीवारों के पार बेहतर काम कर सकता है। जबकि दूसरी तरफ 5GHz बैंड कम दूरी पर ज्यादा स्पीड ऑफर कर सकता है, लेकिन दीवारों से गुजरने पर इसका सिग्नल खराब हो सकता है। ऐसे में अगर दो फोन अलग-अलग बैंड से जुड़े हुए हैं, तो उनकी इंटरनेट स्पीड में फर्क देखने को मिल सकता है।
पुराने फोन में क्यों आती है दिक्कत?
पुराने स्मार्टफोन में Wi-Fi का पुराना स्टैंडर्ड यूज किया जा सकता है। ऐसे डिवाइस राउटर की फुल स्पीड का फायदा नहीं उठा पाते। कभी कभी फोन का सॉफ्टवेयर, बैकग्राउंड में चल रहे एप्स और नेटवर्क से जुड़ी समस्याएं भी इंटरनेट की परफॉर्मेंस खराब कर सकती हैं। हर एक फोन में इसलिए स्पीड में फर्क देखने को मिल सकता है।
