मुसीबत में आपका फोन बनेगा लाइफसेवर, अभी कर लें ये जरूरी सेटिंग्स
आज के दौर में स्मार्टफोन मुसीबत के समय लाइफलाइन की तरह भी काम कर सकता है। प्राकृतिक आपदा, सड़क हादसा, ...और पढ़ें

मुसीबत में आपका फोन बनेगा लाइफसेवर, अभी कर लें ये जरूरी सेटिंग्स

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। आज कई एंड्रॉयड फोन और आइफोन में इमरजेंसी कांटैक्ट, मेडिकल जानकारी, आपातकालीन चेतावनी, भूकंप अलर्ट, कार क्रैश डिटेक्शन और सैटेलाइट के जरिए मदद मांगने जैसी सुविधाएं मिलने लगी हैं, लेकिन इन फीचर्स का फायदा तभी उठा पाएंगे, जब आप इन्हें पहले से समझकर सही तरीके से अपने फोन में सेटअप कर लेते हैं। आइए जानते हैं आप कैसे अपने फोन में इमरजेंसी फीचर का लाभ उठा सकते हैं।
इमरजेंसी एसओएस
इमरजेंसी की स्थिति में फोन अनलाक करके कई मेन्यू में जाना संभव नहीं होता है। ऐसे समय में इमरजेंसी एसओएस शॉर्टकट काफी काम आ सकता है। कई एंड्रॉयड फोन में पावर बटन को तेजी से कई बार दबाकर इमरजेंसी एसओएस शुरू करने का विकल्प मिलता है।
हालांकि फोन और साफ्टवेयर के अनुसार शॉर्टकट अलग हो सकता है। इसे आप आप फोन की सेटिंग्स में सेफ्टी और इमरजेंसी वाले सेक्शन में जाकर सेट कर सकते हैं। यहां इमरजेंसी एसओएस के जरिए आपातकालीन सेवाओं को काल करना, इमरजेंसी कांटैक्ट को अपनी लोकेशन भेजना या वीडियो रिकार्डिंग शुरू करना जैसी फीचर का उपयोग कर सकते हैं।

कुछ फोन में इमरजेंसी के दौरान रिकार्ड किया गया वीडियो अपने आप इमरजेंसी कांटैक्ट के साथ साझा और क्लाउड में बैकअप भी किया जा सकता है, हालांकि इसके लिए इंटरनेट कनेक्शन की जरूरत पड़ सकती है।
क्राइसिस अलर्ट
किसी प्राकृतिक आपदा या गंभीर मौसम की स्थिति में कुछ मिनट पहले मिली जानकारी भी आपको सुरक्षित जगह पहुंचने का समय दे सकती है। एंड्रॉयड में क्राइसिस अलर्ट फीचर है, जो आसपास होने वाली गंभीर घटनाओं से संबंधित चेतावनी देती है। इसमें प्राकृतिक आपदा, खराब मौसम और दूसरी खतरनाक परिस्थितियों से जुड़े अलर्ट शामिल हो सकते हैं।
यह सुविधा आमतौर पर आपके लोकेशन के आधार पर जरूरी जानकारी दिखाती है। किसी अलर्ट पर टैप करने पर संबंधित घटना के बारे में ज्यादा जानकारी और सुरक्षा से जुड़े सुझाव भी देखे जा सकते हैं। अगर आपने अब तक इस फीचर को आन नहीं किया है, तो फिर फोन की सेटिंग्स के अंदर सेफ्टी एंड इमरजेंसी वाले सेक्शन में जाएं और यहां से इस फीचर को आन कर दें।
इसके अलावा, सरकारी एजेंसियों की ओर से भेजे जाने वाले वायरलेस इमरजेंसी अलर्ट भी फोन पर मिल सकते हैं। एंड्रॉयड में आमतौर पर सेफ्टी ऐंड इमरजेंसी के अंदर वायरलेस इमरजेंसी अलर्ट का विकल्प भी मिलता है।
अर्थक्वेक अलर्ट

भूकंप को रोकना संभव नहीं है, लेकिन कुछ मामलों में उसके झटके महसूस होने से पहले मिलने वाला अलर्ट आपको सुरक्षित जगह पहुंचने या कवर लेने के लिए कुछ सेकंड दे सकता है। एंड्रॉयड फोन में अर्थक्वेक अलर्ट की सुविधा उपलब्ध है। यह फीचर भी आपको फोन की सेटिंग्स के अंदर सेफ्टी और इमरजेंसी वाले सेक्शन में मिल जाएगा।
गूगल अलग-अलग क्षेत्रों में भूकंप की जानकारी जुटाने के लिए अलग-अलग सिस्टम का उपयोग करता है। कुछ जगहों पर भूकंप की शुरुआती चेतावनी के लिए शेकअलर्ट जैसी प्रणाली का उपयोग किया जाता है, जबकि अन्य क्षेत्रों में एंड्रॉयड फोन के एक्सेलेरोमीटर से मिलने वाले डाटा का भी उपयोग किया जा सकता है।
अलर्ट में भूकंप की अनुमानित तीव्रता, केंद्र और झटकों की जानकारी मिल सकती है। कुछ मामलों में सुरक्षित जगह लेने के निर्देश भी दिखाए जा सकते हैं। हालांकि भूकंप अलर्ट हर क्षेत्र में उपलब्ध हो, यह जरूरी नहीं है और हर भूकंप का पता भी चल पाए, ऐसा नहीं है।
इमरजेंसी लोकेशन
आपात स्थिति में सिर्फ मदद मांगना काफी नहीं है। मदद पहुंचाने वाली टीम को आपकी सही लोकेशन पता होना भी उतना ही जरूरी है। एंड्रॉयड फोन में इमरजेंसी लोकेशन सर्विस यानी ईएलएस इसी काम के लिए बनाई गई है। अगर यह सुविधा आपके फोन और क्षेत्र में उपलब्ध है और आपने इसे आन किया है, तो इमरजेंसी नंबर पर काल या मैसेज करते समय आपकी लोकेशन अधिकृत इमरजेंसी सेवाओं को भेजी जा सकती है।
यह सुविधा खास तौर पर तब उपयोगी हो सकती है, जब आप किसी स्वास्थ्य समस्या की वजह से अपनी लोकेशन ठीक से नहीं बता पा रहे हैं या किसी ऐसी जगह फंस गए हों जहां से आसपास की जानकारी देना मुश्किल हो। ईएलएस का उपयोग इमरजेंसी सेवाओं से संपर्क करने के दौरान ही किया जाता है और उपलब्ध सिस्टम के अनुसार लोकेशन की जानकारी अधिकृत आपातकालीन सेवाओं तक भेजी जाती है।
क्रैश डिटेक्शन फीचर

आज के कुछ स्मार्टफोन कार दुर्घटना का पता लगाने में सक्षम हैं। फोन में मौजूद एक्सेलेरोमीटर और दूसरे सेंसर अचानक होने वाले तेज झटके या दुर्घटना जैसे पैटर्न को पहचानने में मदद कर सकते हैं। अगर फोन को गंभीर कार दुर्घटना का अंदाजा होता है, तो कुछ डिवाइस इमरजेंसी सर्विस से संपर्क करने का विकल्प दिखा सकते हैं। अगर यूजर प्रतिक्रिया नहीं देता है, तो उपलब्ध फीचर के अनुसार फोन खुद इमरजेंसी सेवाओं से संपर्क करने की कोशिश कर सकता है।
गूगल पिक्सल के कुछ माडल में कार क्रैश डिटेक्शन उपलब्ध है। अगर आपके फोन में यह सुविधा है, तो सेटिंग्स में सेफ्टी और इमरजेंसी वाले सेक्शन में जाकर इसे चेक करें। आइफोन में यह सुविधा आइफोन 14 और इसके बाद के कुछ माडल में उपलब्ध है। इसे सेटिंग्स में इमरजेंसी एसओएस और फिर क्रैश डिटेक्शन वाले विकल्प से चेक किया जा सकता है।
सैटेलाइट से मांग सकते हैं मदद
अगर आप ऐसी जगह हैं जहां मोबाइल नेटवर्क नहीं है, लेकिन आसमान साफ है और फोन सैटेलाइट कनेक्शन सपोर्ट करता है, तो कुछ नए स्मार्टफोन सैटेलाइट के जरिए इमरजेंसी मदद मांगने की सुविधा देते हैं। एपल ने आइफोन 14 सीरीज के साथ सैटेलाइट के जरिए इमरजेंसी एसओएस की सुविधा शुरू की थी।
अगर सामान्य काल या मैसेज के जरिए इमरजेंसी सेवाओं से संपर्क नहीं हो पाता है, तो उपलब्ध स्थिति में आइफोन सैटेलाइट से कनेक्ट होकर टेक्स्ट के जरिए मदद मांगने में सहायता कर सकता है। गूगल ने भी हाल के कुछ पिक्सल फोन में पिक्सल सैटेलाइट एसओएस की सुविधा दी है। इसे फोन की सेटिंग्स में सेफ्टी और इमरजेंसी वाले सेक्शन में जाकर देखा और सेट किया जा सकता है।
सैमसंग भी कुछ गैलेक्सी फोन में सैटेलाइट कनेक्टिविटी से जुड़ी सुविधाएं जोड़ रहा है। हालांकि इन सुविधाओं की उपलब्धता फोन माडल, देश और नेटवर्क सेवा के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
अभी कर लें ये जरूरी सेटिंग्स
इमरजेंसी फीचर्स तभी काम आएंगे जब आपने उन्हें पहले से सेट किया हो। इसलिए अपने फोन में सेफ्टी और इमरजेंसी वाले सेक्शन को अभी खोलकर देखें। सबसे पहले इमरजेंसी कांटैक्ट जोड़ें। इसके बाद अपनी मेडिकल जानकारी अपडेट करें और इमरजेंसी एसओएस को सेट करें।
अगर आपके फोन में कार क्रैश डिटेक्शन, भूकंप अलर्ट, क्राइसिस अलर्ट या इमरजेंसी लोकेशन सर्विस उपलब्ध है, तो उनकी सेटिंग भी चेक करें। अगर आपका फोन सैटेलाइट इमरजेंसी कम्युनिकेशन सपोर्ट करता है, तो इसे भी सेटअप कर लिए बेहतर रहेगा।
स्मार्टफोन के ये फीचर्स रोजाना इस्तेमाल में शायद नजर न आएं, लेकिन किसी मुश्किल परिस्थिति में इनकी अहमियत काफी बढ़ सकती है। प्राकृतिक आपदा, भूकंप, गंभीर मौसम, सड़क हादसे या नेटवर्क से बाहर होने जैसी स्थिति में फोन आपको चेतावनी देने, लोकेशन साझा करने और इमरजेंसी सेवाओं तक पहुंचने में मदद कर सकता है।
