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जानलेवा होती जा रही ऑनलाइन गेमिंग: बच्चे के हाथ में फोन देने से पहले जरूर करें ये काम

Published: Thu, 05 Feb 2026 02:03 PM (IST)

गाजियाबाद में ऑनलाइन गेमिंग की लत के कारण तीन बहनों ने जान दे दी। यह घटना बच्चों में गेमिंग की ...और पढ़ें

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टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। ऑनलाइन गेमिंग की लत बच्चों की जान तक ले रहा है। दिल्ली से लगे गाजियाबाद में ऐसा ही मामला सामने आया है। यहां तीन बहनों एक साथ 9वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। बताया जा रहा है कि तीनों बहने कोरियन गेम खेलने की आदी थी। टास्क आधारित इस गेम का नाम कोरियन लव गेम है।

पेरेंट्स आमतौर पर बच्चों के टाइमपास के लिए मोबाइल फोन दे देते हैं। बच्चों में मोबाइल की आदत यहीं से पड़ती है। इसके बाद खुद ही एक्सप्लोर करते हुए वे गेमिंग तक पहुंच जाते हैं। ऑनलाइन गेम के टास्क और पॉइंट्स उनके लिए बेहद जरूरी हो जाते हैं। आप अक्सर गौर करते हैं कि जब भी दो बच्चें किसी गेम के बारे में बात करते हैं तो वे गेम के लेवल और पॉइंट्स की जरूर बात करते हैं।

इसका बच्चों के दिमाग पर बेहद गहरा असर होता है। गेम में हर टास्क जीतने और ज्यादा से ज्यादा पॉइंट्स हासिल करने की जिद में वे असल जिंदगी में सभी से कट जाते हैं। ऐसे में सवाल आता है कि जब बच्चे फोन की आदी होने लगे तो पेरेंट्स को क्या करना चाहिए।

बच्चों को फोन देने से पहले पेरेंट्स को कुछ ऐप्स फोन में इंस्टॉल करने के साथ-साथ सेटिंग में बदलाव भी करने चाहिए।

Google Family Link एप

बच्चे का फोन में Google Family Link एप जरूर इंस्टॉल करना चाहिए। इससे आप फोन का स्क्रीन टाइम तय कर सकते हैं। इसके साथ ही पेरेंट्स यह भी तय कर पाएंगे कि फोन में कौन-सी ऐप कितनी देर तक चलेगी और वे एप्स को कंट्रोल भी कर पाएंगे। इसके साथ ही पेरेंट्स इससे फोन को लॉक भी कर पाएंगे।

Kids Place एप

यह एप भी बच्चों के फोन में सिक्योरिटी मोड इनेबल करने के लिए किया जाता है। इसमें आप उन एप्स को सलेक्ट कर सकते हैं, जो आप चाहते हैं कि उनके फोन में ओपन हो। इसके साथ ही फोन से गेमिंग और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को पूरी तरह बैन भी कर सकते हैं।

YouTube Kids

अगर बच्चे को वीडियो देखने के लिए फोन दे रहे हैं तो YouTube Kids एप बेहद जरूरी है। इसमें बच्चे को उम्र के हिसाब से सिक्योर कंटेंट ही ऑफर किया जाता है।

पेरेंटल कंट्रोल सेटिंग

बच्चों को फोन देने से पहले पेरेंटल कंट्रोल सेटिंग इनेबल रखें। इसके लिए आपको एंड्रॉयड फोन में प्ले स्टोर ओपन करना है। अब अपने प्रोफाइल फोटो पर क्लिक करें और फैमिली पर टैप करें। यहां आपको पेरेंटल कंट्रोल पर टैप करना है। टॉगल बटन से पेरेंटल कंट्रोल ऑन करें और पिन सेट करें। ध्यान रखें कि यह पिन आपको बच्चों को नहीं बताना है। इसके बाद आपको रिस्ट्रिक्शन लागू करनी हैं।

इसे इनेबल करने का वीडियो नीचे दिया गया है। आप चाहें दो स्टेप बाय स्टेप वीडियो फॉलो कर इसे इनेबल कर सकते हैं।

बच्चे और फोन दोनों पर रखें नजर इन सेटिंग और एप्स के साथ-साथ आपको अपने बच्चे और फोन दोनों पर नजर रखनी है। अपने बच्चे की हर ऑनलाइन एक्टिविटी पर नजर बनाए रखें। वह कौन-सी एप में कितना वक्त गुजारता है। कुछ गेमिंग एप्स में चैटिंग और कंमेंट्स का ऑप्शन मिलता है। इनपर समय समय पर नजर बनाए रखें कि वह किनसे कैसे बात करता है।

बच्चों को ऑनलाइन गेमिंग की लत से बचाने का सबसे प्रभावी तरीका क्या है?