नई दिल्ली, टेक डेस्क। आजकल ज्यादातर लोगों को कुछ पता लगाना होता है या फिर किसी चीज के बारे में जानकारी लेनी होती है तो हम Google सर्च करते हैं। घर या ऑफिस में हों या फिर ट्रैवल कर रहे हों अपने स्मार्टफोन, लैपटॉप, टैब में हम Google सर्च आसानी से कर लेते हैं। बशर्ते की इन डिवाइस में इंटरनेट एक्सेस हो। फूट रेसिपी से लेकर पसंदीदा गाने के बोल देखने हो, गूगल सर्च ही हमारा सहारा होता है। ऐसे में गूगल सर्च आजकल हमारे रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया है। कई बार कुछ ऐसी चीजें भी अनजाने में गूगल पर सर्च कर लेते हैं, जो आगे चलकर हमारे लिए नुकसान दायक साबित होता है। आज हम आपको ऐसी ही 10 चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में Google पर सर्च नहीं करनी चाहिए।

ऑनलाइन बैंकिंग वेबसाइट

डिजिटल ट्रांजेक्शन के दौर में अक्सर हम Google पर ऑनलाइन बैंकिंग सर्विस को इस्तेमाल करने के लिए बैंक की वेबसाइट और URL को सर्च करते हैं। जब भी ऑनलाइन बैंकिंग की सेवा का इस्तेमाल करना हो, बैंक के ऑफिशियल वेबसाइट का URL ही एंटर करें। बैंक के ऑफिशियल वेबसाइट का URL बैंक द्वारा जारी किए गए डॉक्यूमेंट में मेंशन होता है। अगर आप ऑनलाइन बैंकिंग के लिए Google सर्च करते हैं तो कई सारी फिशिंग साइट के लिंक्स भी सामने आ सकते हैं। इन लिंक्स पर आप क्लिक करेंगे तो आपको अपने बैंक की वेबसाइट जैसी हू-ब-हू पोर्टल दिख जाएगी। यहां पर जैसे ही अपने बैंकिंग डिटेल्स को आप दर्ज करेंगे तो ये हैकर्स के हाथ लग सकता है और आपके अकाउंट से भारी-भरकम राशि निकाली जा सकती है।

कंपनी के कस्टमर केयर नंबर

ज्यादातर हम किसी कंपनी के प्रोडक्ट की शिकायत करने के लिए उसके कस्टमर केयर या हेल्पलाइन नंबर को गूगल सर्च करते हैं। हैकर्स कंपनियों के फेक हेल्पलाइन नंबर को गूगल सर्च में प्रमोट करते हैं, जिसकी वजह से जैसे ही आप कस्टमर केयर नंबर गूगल में सर्च करेंगे, आपको फेक हेल्पलाइन नंबर मिल सकता है। जैसे ही आप इस नंबर पर कॉल करेंगे, आपकी निजी जानकारियां हैकर्स तक पहुंच सकते हैं। ऐसे में आप हमेशा प्रोडक्ट पर मेंशन किए गए हेल्प लाइन नंबर या फिर कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट पर दिए गए हेल्पलाइन नंबर का ही इस्तेमाल करें।

ऐप या सॉफ्टवेयर

हम कई बार गूगल सर्च में किसी भी ऐप या सॉफ्टवेयर के सर्च करते हैं। गूगल सर्च में कई बार फिशिंग या फर्जी ऐप्स और सॉफ्टवेयर भी हो सकते हैं जो हमारे डिवाइस को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में हमें ऐप को गूगल प्ले स्टोर या एप्पल के ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करना चाहिए। वहीं, सॉफ्टवेयर के लिए कंपनी के आधिकारिक वेबसाइट के जरिए ही डाउनलोड करना चाहिए।

मेडिकल प्रिसक्रिप्शन

कई बार बीमार पड़ने पर हम गूगल में बीमारी के लक्षण के आधार पर दवाई सर्च करते हैं। ऐसा करना हमारे लिए नुकसान दायक हो सकता है। बीमार पड़ने पर हमेशा डॉक्टर से संपर्क करें और उनके बताए दवाई का ही इस्तेमाल करें।

पर्सनल फाइनेंस और स्टॉक मार्केट का एडवाइस

गूगल पर सर्च करने सीरियस फाइनेंस और स्टॉक मार्केट का एडवाइस नहीं लेनी चाहिए। गूगल सर्च करने पर हमें कोई ऑथेंटिक या विश्वसनीय सोर्स नहीं मिलता है। ऐसे में किसी भी तरह की वित्तीय लेन-देन में आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है।

सरकारी वेबसाइट

इन दिनों हैकर्स सरकारी वेबसाइट और पोर्टल का डुप्लीकेट वेबसाइट भी प्रमोट करने लगे हैं। कई यूजर्स इन फर्जी वेबसाइट के आसानी से शिकार हो सकते हैं। सरकारी वेबसाइट के अंत में gov.nic.in जरूर मेंशन होता है। वेब अड्रेस को देखकर ही किसी भी सरकारी वेबसाइट को ओपन करें।

सोशल मीडिया वेबसाइट

सरकारी वेबसाइट के अलावा सोशल मीडिया वेबसाइट भी हैकर्स के लिए आसान टारगेट होता है। ऐसे में सोशल मीडिया वेबसाइट को URL दर्ज करके ही ओपन करें, नहीं तो आपकी निजी जानकारियां लीक हो सकती हैं।

ई-कॉमर्स

आजकल हम शापिंग के लिए ई-कॉमर्स वेबसाइट का सहारा लेते हैं। ऐसे में हैकर्स इन ई-कॉमर्स साइट्स का फर्जी पोर्टल प्रमोट कर करते हैं। आप शॉपिंग करने के लिए अपनी कार्ड डिटेल्स को दर्ज करेंगे तो इसकी जानकारी हैकर्स तक पहुंच सकती है और आपको वित्तीय नुकसान उठाना पड़ सकता है।

एंटी वायरस

कभी भी गूगल पर एंटी वायरस भी नहीं सर्च करना चाहिए। एंटी वायरस की जगह पर आप गलती से वायरस वाले सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर सकते हैं। जिसकी वजह से आपका कम्प्यूटर या फिर डिवाइस खराब हो सकता है।

कूपन कोड्स

कैशबैक और गिफ्ट के चक्कर में हम अक्सर कूपन कोड्स सर्च करते हैं। कूपन कोड्स को अगर आप गूगल पर सर्च करेंगे तो कई बार फर्जी कोड्स आ जाएंगे। जैसे ही आप इन फर्जी प्रोमो कोड या कूपन कोड को शॉपिंग करने में इस्तेमाल करेंगे, आपकी बैंकिंग जानकारी चोरी हो सकती है।

Posted By: Harshit Harsh

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