नई दिल्ली, टेक डेस्क। Biometric or E-passport: केंद्र सरकार जल्द भारतीयों के लिए बायोमेट्रिक पासपोर्ट लॉन्च कर सकती है। जिसे ई-पासपोर्ट के नाम से भी जाना जाएगा। विदेश मंत्रालय के सचिव संजय भट्टाचार्य ने

ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। सरकार का दावा है कि भारत इस तरह की पासपोर्ट सेवा वाले चुनिंदा देश की सूची में शामिल हो जाएगा। आइए जानते हैं कि आखिर बॉयोमेट्रिक पासपोर्ट क्या हैं और इसके क्या फायदे हैं?

फिंगरप्रिंट और बायोमेट्रिक का होगा इस्तेमाल 

ई-पासपोर्ट को बनाने टाटा की कंपनी टीसीएस बनाएगी। इसमें सबसे नई आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। ई-पासपोर्ट को छापने और जारी करने का पूरा अधिकार सरकार के पास होगा। पासपोर्ट में फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल पहले से होता है। फिंगरप्रिंट भी बायोमेट्रिक का हिस्सा है। हालांकि इसके अलावा आईरिस और अल्गोरिदम का उपयोग किया जा सकता है। 

क्या है बायोमेट्रिक पासपोर्ट

बायोमेट्रिक पासपोर्ट चिप इनेबल्ड पासपोर्ट होंगे। जिस पर लोगों को बायोमेट्रिक डेटा दर्ज होगा। यह पासपोर्ट रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) के जरिए डेटा ट्रांसफर को इजाजत नहीं देगा। जिससे यह फुल-प्रूफ सिक्योर रहेगा। बायोमेट्रिक पासपोर्ट का आइडिया साल 2017 में आया था। बॉयोमेट्रिक पासपोर्ट को ट्रायल बेसिस पर 20,000 डिप्लोमैट को जारी किए गए हैं। यह पासपोर्ट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वैध होगा।

क्या होंगे फायदे

  1. ई-पासपोर्ट फिजिकल पासपोरट के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित होंगे।
  2. ई-पासपोर्ट बायोमेट्रिक डेटा को स्टोर करेंगे। ऐसे में पासपोर्ट खो जाने पर ई-पासपोर्ट होल्डर को ज्यादा दिक्कत नहीं होगी।
  3. ई-पासपोर्ट होल्डर का एयरपोर्ट पर ज्यादा वक्त बर्बाद नहीं होगा।
  4. ई-पासपोर्ट से जालसाजी रोकने में मदद मिलेगी।
  5. यात्रियों के लिए तेजी से इमिग्रेशन में मदद मिलेगी।
  6. ई-पासपोर्ट के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त लोगो के साथ आएगी।

घर बैठे बनवाएं पासपोर्ट

मौजूदा वक्त में घर बैठे पासपोर्ट के लिए अप्लाई किया जा सकता है। इसके लिए पासपोर्ट सेवा पोर्टल पर विजिट करना होगा।

किन डॉक्यूमेंट की होगी जरूरत

पासपोर्ट बनवाने के लिए तीन तरह के डॉक्यूमेंट्स जरूरी होंगे। इसमें निवास प्रमाण पत्र, जन्मतिथि का प्रमाण-पत्र और नॉन-ईसीआर कैटेगरी के लिए डॉक्यूमेंट शामिल हैं।

Edited By: Saurabh Verma