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क्या आपके भी मोबाइल पर अचानक बजा इमरजेंसी अलर्ट सायरन? सरकार ने बताई वजह

Published: Sat, 02 May 2026 12:19 PM (IST)Updated: Sat, 02 May 2026 12:25 PM (IST)

भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपना खुद का एक अलर्ट सिस्टम बना रहा है, ताकि जब भी कोई ...और पढ़ें

देशभर में सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम की टेस्टिंग जारी है। Photo- Gemini AI.

देशभर में सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम की टेस्टिंग जारी है। Photo- Gemini AI.

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टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) इमरजेंसी कम्युनिकेशन सिस्टम को मजबूत करने के प्रयासों के तहत, शनिवार (2 मई, 2026) को सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम का देशभर में टेस्टिंग करने वाला था और तय प्लान के तहत इसे किया भी गया। काफी जगहों को यूजर्स को ये मैसेज रिसीव हुए।

अगर आगे भी इस हफ्ते आपके मोबाइल फोन ने जोर से बीप किया या कोई अचानक मैसेज फ्लैश हो, तो घबराएं नहीं है। दरअसल, सरकार एक नए इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम की टेस्टिंग कर रही है जो चुने हुए क्षेत्र के सभी मोबाइल फोन्स पर सीधे चेतावनी भेजता है और ये टेस्ट आम यूजर्स को दिखाई दे रहे हैं।

ये पहल संचार मंत्रालय के तहत दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के साथ मिलकर चलाई जा रही है। ये सिस्टम 'सचेत' (SACHET) नामक अलर्ट प्लेटफॉर्म के साथ इंटीग्रेटेड है, जिसे सी-डॉट (C-DOT) द्वारा विकसित किया गया है।

स्टैंडर्ड टेक्स्ट मैसेज के उलट, सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट एक साथ एक निश्चित भौगोलिक क्षेत्र के सभी मोबाइल फोन्स पर भेजे जाते हैं। ये टेलीकॉम नेटवर्क को ओवरलोड किए बिना तेज और व्यापक कवरेज सुनिश्चित करता है। ये बड़ी इमरजेंसी के दौरान इसे और भी प्रभावी बनाता है, जब फोन लाइन्स और डेटा नेटवर्क अक्सर जाम हो जाते हैं।

Flash message

ये टेक्नोलॉजी मौजूदा SMS सिस्टम के साथ जोड़ी गई है ताकि सुनामी, भूकंप, बिजली गिरने जैसी प्राकृतिक आपदाओं और गैस लीक या केमिकल खतरों जैसी मानव निर्मित इमरजेंसी में अलर्ट डिलीवरी को मजबूत किया जा सके।

ये सिस्टम पूरी तरह से स्वदेशी है। सी-डॉट को इस सेल ब्रॉडकास्ट-बेस्ड अलर्ट सिस्टम के स्वदेशी विकास और इम्प्लीमेंटेशन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

देशभर में रोलआउट के हिस्से के रूप में, इसके औपचारिक उद्घाटन से पहले सिस्टम की परफॉर्मेंस और रिलायबिलिटी का आकलन करने के लिए टेस्टिंग और ट्रायल किए जा रहे हैं। इस दौरान, नागरिकों को उनके मोबाइल डिवाइसेस पर अंग्रेजी, हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में टेस्ट मैसेज मिल सकते हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया है कि चूंकि अलग-अलग नेटवर्क्स के मोबाइल टावर्स का मूल्यांकन किया जा रहा है, इसलिए यूजर्स को ये अलर्ट एक से ज्यादा बार मिल सकते हैं। ये सामान्य है और इसकी उम्मीद की जा रही है। सरकार ने साफ किया है कि जिसे भी ये मैसेज मिले, उसे कोई जवाब देने की जरूरत नहीं है।

टेस्ट मैसेज केवल उन्हीं मोबाइल फोन्स पर प्राप्त होंगे जहां 'सेल ब्रॉडकास्ट टेस्ट अलर्ट' इनेबल्ड हैं। यूजर्स इन सेटिंग्स को मैनेज कर सकते हैं: Settings > Safety and Emergency > Wireless Emergency Alerts > Test Alerts।

ये मैसेज एक प्लान्ड देशव्यापी टेस्टिंग एक्सरसाइज का हिस्सा हैं और इनके लिए रिसीवर्स द्वारा किसी कार्रवाई की जरूरत नहीं है। एक बार ट्रायल खत्म होने और सिस्टम के औपचारिक रूप से लॉन्च होने के बाद, ये असली आपदाओं के दौरान ऑटोमैटिकली काम करेगा और प्रभावित क्षेत्र के नागरिकों तक सेकंड्स में पहुंच जाएगा।

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