Ayushman Card Update: घर बैठे मोबाइल से पूरी करें e-KYC, वरना फ्री इलाज लेने में हो सकती है दिक्कत!
आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज जारी रखने के लिए आयुष्मान कार्ड में जानकारी सही होना आवश्यक है। लाभार्थी ...और पढ़ें

Ayushman Card Update: घर बैठे मोबाइल से पूरी करें e-KYC, वरना फ्री इलाज लेने में हो सकती है दिक्कत!

समय कम है?
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टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। सेंट्रल गवर्नमेंट की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत एलिजिबल परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है, लेकिन इस स्कीम का लाभ उठाने के लिए आयुष्मान कार्ड में दर्ज डिटेल्स का सही होना काफी ज्यादा जरूरी है। अगर आधार कार्ड में नाम, डेट ऑफ बर्थ या लिंग जैसी डिटेल्स बदल गई हैं, तो आयुष्मान कार्ड की डिटेल्स को भी अपडेट करवाना जरूरी है। इसके लिए लाभार्थी Ayushman App के जरिए e-KYC प्रोसेस को पूरा कर सकते हैं।
किन कंडीशंस में जरूरी है e-KYC?
अगर आपके आयुष्मान कार्ड में पुरानी डिटेल्स दर्ज है, फोटो क्लियर नहीं है या e-KYC प्रोसेस अधूरी है, तो आपको अपनी डिटेल्स दोबारा वेरीफाई कराने की जरूरत है। इससे योजना का लाभ ले रहे लाभार्थी की पहचान कन्फर्म करने और रिकॉर्ड में जरूरी चेंज करने में मदद मिलती है। हालांकि, e-KYC की जरूरत और उपलब्ध ऑप्शन लाभार्थी के रिकॉर्ड पर डिपेंड कर सकते हैं।
Ayushman App से कैसे पूरा करें वेरिफिकेशन?
मोबाइल से e-KYC प्रोसेस पूरा करने के लिए सबसे पहले अपने फोन में Ayushman App इंस्टॉल करें। फेस ऑथेंटिकेशन का यूज करना चाहते हैं, तो Aadhaar FaceRD एप भी इंस्टॉल करें। इसके बाद नीचे बताए गए स्टेप्स को फॉलो करें...
- सबसे पहले Ayushman App ओपन करके Login करें और Beneficiary मोड सेलेक्ट करें।
- मोबाइल नंबर एंटर करके OTP के जरिए लॉगिन पूरा करें।
- इसके बाद अपना राज्य, स्कीम और जिला चुनकर लाभार्थी की डिटेल्स सर्च करें।
- पहचान के लिए आधार नंबर या राशन कार्ड नंबर एंटर करें।
- फैमिली मेंबर्स की लिस्ट में संबंधित शख्स का नाम ढूंढे और e-KYC या Redo e-KYC ऑप्शन सेलेक्ट करें।
- उपलब्ध ऑप्शंस में से Aadhaar OTP, फेस ऑथेंटिकेशन या फिंगरप्रिंट के जरिए पहचान वेरीफाई करें।
- मांगी गई डिटेल्स भरें, लाइव फोटो की जरूरत होने पर उसे कैप्चर करें और डिटेल्स जमा कर दें।
एंड में सबमिट पर क्लिक करके रिक्वेस्ट डाल दें। आवेदन की जांच और मंजूरी में लगने वाला टाइम अलग-अलग हो सकता है। स्टेटस अपडेट होने के बाद एप में कार्ड डाउनलोड करने का ऑप्शन उपलब्ध हो जाएगा।
e-KYC नहीं कराई तो क्या होगा?
अगर लाभार्थी की आइडेंटिटी या रिकॉर्ड में कोई गड़बड़ी है, तो हॉस्पिटल में एलिजिबिलिटी वेरिफिकेशन के दौरान दिक्कत आ सकती है। इससे कैशलेस इलाज का प्रोसेस प्रभावित हो सकता है। हालांकि, सिर्फ e-KYC न होने से हर लाभार्थी का कार्ड या इलाज अपने आप बंद हो जाता है, ऐसा जरूरी नहीं है। इसलिए किसी भी अपडेट से पहले एप में अपना स्टेटस चेक कर लें। जरूरत पड़े तो आयुष्मान भारत हेल्पलाइन 14555 पर कॉल करके सही जानकारी प्राप्त करें।
