नई दिल्ली, टेक डेस्क। Elon Musk ने सोशल मीडिया कंपनी Twitter के खिलाफ अपनी कानूनी लड़ाई अब तेज कर दी है। मस्क द्वारा 44 बिलियन डॉलर की twitter डील को ख़त्म करने की घोषणा के बाद ट्विटर उनके खिलाफ पहले ही कोर्ट में पहुंच चुका है।

हालांकि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मस्क ने अपना मुकदमा गोपनीय रूप से दर्ज किया है। 164 पेजों के दस्तावेज़ वाला यह लॉ सूट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है, लेकिन कोर्ट के नियमों के अनुसार इसका एक संशोधित संस्करण आने वाले दिनों में सार्वजनिक किया जा सकता है।

डेलावेयर कोर्ट ऑफ चांसरी Delaware Court of Chancery के चांसलर कैथलीन मैककॉर्मिक (Kathleen McCormick) द्वारा 17 अक्टूबर 2022 से शुरू होने वाले 5 दिन के ट्रायल का आदेश देने के बाद ही मस्क की ओर से एक मुकदमा दर्ज करवाया गया। अब डेलावेयर कोर्ट ऑफ चांसरी को ही यह तय करना है कि मस्क ट्विटर डील को तोड़ सकते हैं या नहीं।

टेस्ला कंपनी के CEO एलोन मस्क ने कुछ समय पहले ही यह कह दिया था कि वे ट्विटर की डील को छोड़ सकते हैं। उन्होंने ट्विटर को अपने प्लेटफॉर्म पर फेक एकाउंट की संख्या गलत तरीके से बताने के कारण ऐसा ऐलान किया था। मस्क ने इस समझौते का उल्लंघन करने के लिए ट्विटर को दोषी ठहराया था।

मस्क के इस ऐलान के कुछ दिनों बाद ही ट्विटर ने दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में से एक एलोन मस्क पर मुकदमा दर्ज कर दिया। फेक एकाउंट के कारण मस्क के डील से अलग होने की बात पर सोशल मीडिया प्लेटफार्म ने दावा किया कि मस्क 54। 20 डॉलर प्रति शेयर के मर्जर कॉन्ट्रैक्ट के लिए बाध्य (बाउंड) हैं।

हालांकि दोनों पक्ष मूल रूप से 17 अक्टूबर के मुकदमे के लिए सहमत हो गए थे, लेकिन वे आंतरिक दस्तावेजों (internal documents) और अन्य सबूतों के कारण असमंजस में थे। इसके अलावा ट्विटर ने रेवेन्यू में गिरावट के पीछे का कारण भी अदालती लड़ाई को ही बताया है।

Edited By: Kritarth Sardana