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नई दिल्ली, टेक डेस्क। सोशल मीडिया Facebook पर यूजर्स का डाटा लीक करने को लेकर 5 अरब डॉलर यानी लगभग 34 हजार करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। इस बात की घोषणा फेडरल ट्रेड कमीशन (FTC) ने किया है। कैम्ब्रिज एनालिटिका डाटा स्कैंडल को लेकर FTC ने कहा है कि प्राइवेसी ब्रीच के लिए Facebook को 5 अरब डॉलर का जुर्माना देना होगा। FTC ने Facebook पर कानून उल्लंघन का आरोप लगाया है। FTC का कहना है कि Facebook ने यूजर्स से झूठ बोला है और उनकी प्राइवेसी से समझौता किया है।

फेडरल ट्रेड कमीशन ने आरोप लगाया है Facebook ने यूजर्स से फेशियल रिकॉग्निशन को लेकर झूठ बोला है। आपको बता दें कि यह विकल्प बाई डिफॉल्ट ऑफ नहीं था। जुर्माना लगाने के साथ-साथ FTC ने Facebook से कई बातें भी कही हैं। FTC का कहना है कि जब भी कंपनी कोई नया प्रोडक्ट या सर्विस लॉन्च करेगी तो उसे प्राइवेसी रिव्यू करना होगा। यह रिव्यू हर तिमाही में CEO और थर्ड पार्टी एसेसर को दिया जाएगा। Facebook ने जुर्माना देने के लिए हां कर दिया है।

क्या है Facebook पर जुर्माना लगने की वजह:

  • कैंब्रिज अनलिटिका डेटा ब्रीच
  • फेशियल रिकॉग्निशन डिफॉल्ट ऑफ है इस बारे में Facebook ने यूजर्स से झूठ बोला
  • यूजर्स के फोन नंबर को सिक्योरिटी के लिए मांगा गया। लेकिन इसका इस्तेमाल विज्ञापन के लिए किया गया है

जानें क्या है FTC: यह अमेरिका की एक इंडिपेंडेट एजेंसी है। इस एजेंसी को फेडरल ट्रेड कमीशन ऐक्ट के तहत बनाया गया है। आसान भाषा में समझा जाए तो यह एजेंसी यूजर्स के हित की रक्षा करता है। FTC कंज्यूमर या कंपनियों द्वारा की गई शिकायत की जांच करने पर काम करती है जिसमें फेक और फ्रॉड विज्ञापन शामिल हैं।

Facebook को स्वतंत्र गोपनीयता कमेटी बनाने का आदेश: जुर्माना लगाते समय यह साफ किया गया है कि Facebook के बोर्ड डायरेक्टर्स के बीच एक स्वतंत्र प्राइवेसी कमेटी बनाई जाएगी। यह कमेटी यूजर्स की प्राइवेसी से जुड़े फैसलों पर मार्क जुकरबर्ग के नियंत्रण को पूरी तरह खत्म कर देगी।

 

Posted By: Shilpa Srivastava

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