नई दिल्ली, टेक डेस्क। डाटा लीक और सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म Facebook का रिश्ता सा बन गया है। इस साल अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स के जरिए करीब 700 मिलियन यानि की 70 करोड़ यूजर्स के डाटा लीक्स हुए हैं। अब जो नया डाटा लीक का मामला सामने आया है इसके मुताबिक, वियतनाम स्थित फर्म ने नए 267 मिलियन यानि की 26.7 करोड़ Facebook यूजर्स के फोन नंबर, फोटो और यूजरनेम लीक होने की जानकारी दी है। दरअसल, 9 दिसंबर को वियतनामी Elasticsearch सर्वर पर इन यूजर्स की निजी जानकारियां लीक हुई। तीन दिनों के अंदर ही ये डाटा अलग-अलग हैकर फर्म्स के पास डाउनलोड के लिए उपलब्ध रही। इस ब्रीच के बारे में जानकारी 14 दिसंबर को तब लगी, जब रिसर्चर बॉब डियाचेनको ने करीब 1.2 बिलियन लोगों के डाटा को स्पॉट किया। ये डाटा विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से लीक हुए थे।

निजी जानकारियां पहले भी हो चुकीं हैं लीक

ऐसा पहली बार नहीं है कि Elasticsearch इस साल पहली बार सुर्खियों में आया है। साल की शुरुआत में भी 4TB डाटा डंप इस सर्वर पर उपलब्ध थे, जिनमें यूजर्स के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड की गई निजी जानकारियां भी शामिल हैं। ये डाटा अलग-अलग डाटा ब्रोक्रेज फर्म्स जैसे कि कैलिफोर्निया स्थित डाटा ब्रोकर फर्म पीपल डाटा लैब्स द्वारा ऑरिजिनेट किए गए थे।

सिक्युरिटी बढ़ाने के बावजूद डाटा हुए लीक

हालांकि, पिछले दो साल में Facebook ने यूजर्स की निजी जानकारियों को लीक होने से रोकने के लिए सर्वर की सिक्युरिटी काफी बढ़ा दी है, लेकिन इसके बावजूद हैकर्स और डाटा ब्रोक्रेज फर्म्स यूजर्स के डाटा को लीक करने में कामयाब हो रहे हैं। आपको बता दें कि पिछले साल कैम्ब्रिज एनालीटिका डाटा ब्रीच के उजागर होने के बाद Facebook के दुनियाभर के करोड़ों यूजर्स के डाटा सामने आए थे। इसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Facebook के को-फाउंडर मार्क जकरबर्ग को अमेरिकी कांग्रेस के सामने इस डाटा लीक पर सफाई भी देनी पड़ी थी।

डाटा प्रोटेक्शन एक्ट 2019

इस साल Facebook ही नहीं, बल्कि Twitter, Microsoft, Amazon जैसे कई प्लेटफॉर्म्स के जरिए यूजर्स की निजी जानकारियां लीक होने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। भारतीय यूजर्स की निजी जानकारियों की सुरक्षा को लेकर यहां कि सरकार काफी सख्त है। इसके लिए सरकार जल्द ही डाटा प्रोटेक्शन कानून बनाने की तैयारी कर रही है। डाटा प्रोटेक्शन बिल 2019 को हाल ही में केन्द्रीय कैबिनेट से मंजूरी भी मिल गई है। अब, इस बिल को संसद से पास करवाकर कानून बनाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। 

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस