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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 10, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

WhatsApp ने माना RBI का फैसला, अब भारत में ही स्टोर होगा यूजर्स का पेमेंट डाटा

By Shilpa SrivastavaEdited By: Shilpa Srivastava
Published: Wed, 10 Oct 2018 10:14 AM (IST)Updated: Wed, 10 Oct 2018 05:18 PM (IST)

रिजर्व बैंक ने कहा था कि सभी पेमेंट सिस्टम संचालकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि भुगतान से संबंधित सभी डाटा स्थानीय स्तर पर ही सुरक्षित रखा जाए

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नई दिल्ली (टेक डेस्क)। वॉट्सऐप ने कहा है कि वो रिजर्व बैंक के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए पेमेंट संबंधी डाटा को देश में ही रखेगा। इसके लिए स्थानीय स्तर पर डाटा को सुरक्षित रखने की व्यवस्था कंपनी ने की है। रिजर्व बैंक ने इस साल अप्रैल में जारी अपने सकरुलर में कहा था कि सभी पेमेंट सिस्टम संचालकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि भुगतान से संबंधित सभी डाटा स्थानीय स्तर पर ही सुरक्षित रखा जाए।

कंपनियों को मिला 15 अक्टूबर तक का समय:

इसकी व्यवस्था करने के लिए सभी कंपनियों को 15 अक्टूबर तक का समय दिया गया था। इसके अलावा वीजा, अमेरिकन एक्सप्रेस, फेसबुक, पेपाल और मास्टर, गूगल और वॉट्सऐप को भारत में अपना डाटा स्टोर करना होगा। रिजर्व बैंक ने कहा था कि डाटा के तहत प्रत्येक लेनदेन का पूरा ब्योरा होना आवश्यक है।

क्या है वॉट्सऐप का कहना?

वाट्सएप के एक प्रवक्ता ने बताया कि भारत में दस लाख से अधिक लोग वाट्सएप पेमेंट का परीक्षण कर रहे हैं। इसके तहत यह जानने की कोशिश की जा रही है कि इसके जरिये भुगतान की व्यवस्था सुरक्षित और सरल है अथवा नहीं। प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी ने स्थानीय स्तर पर डाटा को स्टोर करने की व्यवस्था कर ली है। कंपनी को भरोसा है कि जल्द ही इस पेमेंट व्यवस्था को देश भर में उपलब्ध करा दिया जाएगा। इससे देश में वित्तीय समावेशन के लक्ष्य पाने में मदद मिलेगी।

गूगल ने मांगा समय:

पिछले महीने, आरबीआई द्वारा निर्धारित डाटा स्टोर करने के दिशानिर्देशों को गूगल ने सहमति दे दी थी। लेकिन गूगल ने सही मैकेनिज्म के लिए डेडलाइन का समय बढ़ाने की बता कही थी। हालांकि, गूगल ने अभी इस मामले पर हो रही किसी भी तरह की विकास को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की है।