नई दिल्ली, टेक डेस्क। इंस्टैंट मैसेजिंग WhatsApp अपने प्लेटफॉर्म पर डाटा लोकलाइजेशन नियम को लागू कर देगी। इसके बाद कंपनी अपनी Pay सर्विस को भारत में लॉन्च कर सकती है। इस बात की जानकारी नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के मुख्य कार्यकारी दिलीप अस्बे ने दी है। आपको बता दें कि WhatsApp Pay को भारत में लॉन्च करने के लिए कंपनी को भारतीय यूजर्स का डाटा स्थानीय स्तर पर ही रखे जाने जाने की बात की गई थी। इसके बाद ही यह सर्विस लॉन्च की जा सकती थी।

क्या है RBI का कहना: स्थानीय रिजर्व बैंक ने WhatsApp Pay को लॉन्च करने से स्थानीय स्तर पर यूजर्स का डाटा स्टोर करने की बात कही थी। सिर्फ WhatsApp Pay ही नहीं बल्कि गूगल, अमेजन, मास्टर कार्ड, वीजा, पे-पाल समेत अन्य विदेशी कंपनियां भी इस नियम का पालन करती हैं या करेंगी। इससे यूजर्स का डाटा सुरक्षित रहता है।

WhatsApp Pay की टेस्टिंग पिछले वर्ष हुई थी शुरू: इस सर्विस की टेस्टिंग पिछले वर्ष शुरू की गई थी। लेकिन डाटा स्टोर करने के मामले को लेकर इसकी लॉन्चिंग टालनी पड़ी। अस्बे का कहना है कि WhatsApp अगले दो महीनों में सभी नियमों पर काम खत्म कर लेगा। आपको बता दें कि WhatsApp पर पेमेंट सर्विस इस्तेमाल करने की संख्या अभी 10 लाख है। ऐसा इसलिए है क्योंकि ग्राहकों से संबंधित आंकड़ों को स्थानीय स्तर पर रखने में कंपनी की कुछ समय की जरुरत है।

WhatsApp Pay पर चल रहा ऑडिट: इस सर्विस का ऑडिट किया जा रहा है। इसके बाद ही इस बात की समीक्षा की जाएगी कि इस सर्विस को कैसे आगे बढ़ाना है। देखा जाए तो कंपनी की पूरी कोशिश है कि वो जल्द से जल्द इसे लॉन्च कर पाए। अगर अन्य कंपनियो की बात की जाए तो Xiaomi, Amazon pay और Truecaller जैसी कंपनियां भी डाटा लोकलाइजेशन नियम की वजह से अभी तक अपनी पेमेंट सर्विस शुरू नहीं कर पाई हैं।

 

Posted By: Shilpa Srivastava

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