नई दिल्ली(टेक डेस्क)। जर्मन क्रिप्टोग्राफर की एक टीम के दावे ने व्हाट्सएप यूजर्स के बीच प्राइवेसी को लेकर फिर से एक नई बहस शुरू कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक व्हाट्सएप प्राइवेट ग्रुप चैट को हैकर्स आसानी से हैक कर सकते हैं।

स्विट्जरलैंड के म्यूनिख में आयोजित एक कॉन्फ्रेंस में रूर यूनिवर्सिटी के क्रिप्टोग्राफर्स ने दावा किया है कि व्हाट्सएप प्राइवट ग्रुप पर चैट को हैक किया जा सकता है और इसके लिए ग्रुप एडमिन के इजाजत की जरुरत नहीं है।

रिपोर्ट के मुताबिक एप के सर्वर का कंट्रोल देखने वाला कोई भी आदमी बिना एडमिन की परमिशन लिए खुद को प्राइवेट ग्रुप में शामिल कर सकता है। बतौर रिपोर्ट्स व्हाट्सएप के पास इन्विटेशन चेक करने का कोई सुरक्षित तरीका नहीं है, इसलिए अगर सर्वर चाहे तो बिना एडमिन की इजाजत लिए किसी भी बाहरी आदमी को ग्रुप में जोड़ सकता है। ग्रुप में बाहरी आदमी के जुड़ते ही ग्रुप की सारी प्राइवेसी खत्म हो जाएगी। बाहरी व्यक्ति ग्रुप में मौजूद किसी भी यूजर का नंबर या मैसेज आसानी से देख सकेगा। यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि व्हाट्सएप एंड टू एंड इनक्रिप्शन सिक्योरिटी के आधार पर प्राइवेसी का दावा करते आया है।


व्हाट्सएप के करीब 1.25 अरब यूजर्स हैं। ये यूजर्स 50 अलग भाषाओं में व्हाट्सएप का इस्तेमाल करते हैं। इन 50 भाषाओं में 10 भारतीय भाषा भी शामिल है। हांलाकि रिपोर्ट्स के दावे को व्हाट्सएप ने गलत बताते हुए इसे खारिज कर दिया है। व्हाट्सएप ने यूजर्स को भरोसा दिलाते हुए कहा कि उनकी प्राइवेसी सुरक्षित है और इसे कोई हैक नहीं कर सकता।

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