नई दिल्ली, टेक डेस्क। WhatsApp यूजर्स की प्राइवेसी को लेकर सवाल उठते रहते हैं। कुछ ही दिन पहले Pegasus स्पाईवेयर अटैक की जानकारी सामने आई थी। इस तरह की खबरों के देखते हुए WhatsApp की सिक्योरिटी पर सवाल उठने लाजमी हैं। ऐसे में अब यूजर्स WhatsApp के विकल्प ढूंढने लगे हैं। इस खोज में भारतीय यूजर्स को Telegram काफी पसंद आ रहा है। Telegram के यूजर्स काफी तेजी से बढ़ रहे हैं।

Telegram ने दी WhatsApp को चुनौती: मौजूदा समय की बात करें तो अभी WhatsApp के मासिक यूजर्स 40 करोड़ हैं। इस संख्या को Telegram चुनौती देखा नजर आ रहा है। पिछले 9 महीनों की बात करें तो इसके एक्टिव यूजर्स 60 फीसद तक बढ़ें हैं। जून 2017 में Telegram के वैश्विक यूजर्स में भारतीय 2 फीसद थे। यह संख्या सितंबर 2019 में बढ़कर 12 फीसद थी। इस वर्ष Telegram के इंस्टॉल करने की संख्या 3 गुना हो गई है।

ऐप इंटेलिजेंस फर्म सिमिलर वेब की मानें तो सितंबर महीने में Telegram के 91 लाख यूजर्स थे। यह संख्या जनवरी में 36 लाख थी। Telegram के अलावा Signal भी WhatsApp का एक विकल्प बनकर उभर रहा है। साइबर सिक्यॉरिटी फर्म Lucideus के को-फाउंडर राहुल त्यागी ने कहा कि Telegram की सबसे बड़ी खासियत उसका एनक्रिप्शन प्रोटोकॉल 'MTProto' ट्रांजिट है। यह मैसेजेज को हमेशा सिक्योर और हाइड कर रखता है।

Pegasus अटैक से इस तरह रहें सुरक्षित: इसके दो उपाय हैं। पहला, WhatsApp का लेटेस्ट वर्जन इस्तेमाल करें। वहीं, दूसरा कि यूजर्स अपना मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम हमेशा अपडेट रखें। आपको बता दें कि इजरायली फर्म ने अवैध तरीके से WhatsApp सर्वर्स में Pegasus नाम का स्पाईवेयर इस्तेमाल किया था जिससे 20 देशों के 1400 यूजर्स प्रभावित हुए थे।

Pegasus स्पाईवेयर WhatsApp यूजर्स पर कैसे अटैक करता है इसकी जानकारी आपको इस लिंक पर जाकर मिल जाएगी। क्लिक करें यहां

 

Posted By: Shilpa Srivastava

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप