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वास्तु शास्त्र: एक ही काउंटर पर गैस चूल्हा और सिंक क्यों नहीं रखना चाहिए? यहां पढ़ें सही नियम

Published: Mon, 07 Sep 2026 11:55 AM (IST)

वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोई में गैस चूल्हा और सिंक एक ही काउंटर पर रखने चाहिए या नहीं, इसके लिए ...और पढ़ें

रसोई में गैस चूल्हा और सिंक की सही दिशा: वास्तु के अनुसार पाएं सकारात्मक ऊर्जा (Picture Credit: AI Generated)

रसोई में गैस चूल्हा और सिंक की सही दिशा: वास्तु के अनुसार पाएं सकारात्मक ऊर्जा (Picture Credit: AI Generated)

HighLights

  1. गैस चूल्हा और सिंक एक साथ न रखें, अग्नि-जल विरोधी।

  2. सिंक के लिए उत्तर-पूर्व, उत्तर या पूर्व दिशा शुभ है।

  3. गैस चूल्हा दक्षिण-पूर्व, दक्षिण या पूर्व में रखना उत्तम।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। घर में रखी हुई हर चीज यदि वास्तु के अनुरूप होती है, तो सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रह्ता है। वहीं गलत तरीके से रखी चीजें वास्तु दोष का कारण बन सकती हैं।

ऐसे ही आपके घर की रसोई वह स्थान है जहां सबसे ज्यादा ऊर्जा एकत्रित होती है और जब किचन में खाना बनाया जाता है तो वही ऊर्जा घर के सभी लोगों तक भी प्रवाहित होती है। भारतीय घरों में, रसोई केवल खाना पकाने की जगह नहीं होती है बल्कि यह सेहत, खुशहाली और एनर्जी का स्रोत भी होती है।

आपको किचन के लिए कुछ वास्तु नियमों का पालन जरूर करना चाहिए। सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या एक ही काउंटर में गैस चूल्हा और सिंक होना ठीक है? अगर आपके घर में भी ऐसी ही व्यवस्था है, तो इसके लिए कुछ वास्तु नियमों के बारे में जरूर जानें।

क्या किचन में गैस स्टोव और सिंक एक साथ रखना ठीक है?

गैस स्टोव पर आप खाना पकाते हैं, ठीक उसी तरह जैसे ब्रह्मांड पांच तत्वों से बना है। उसी तरह से वास्तु में कोई भी स्थान इन पांच तत्वों से बना है जिसमें जल, वायु, अग्नि, पृथ्वी और आकाश शामिल होते हैं। गैस स्टोव हमेशा अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए इसे अग्नि तत्वों वाले स्थान में ही रखने की सलाह दी जाती है।

वहीं किचन में मौजूद सिंक जल तत्व से जुड़ा होता है। अगर हम किचन में सिंक और गैस स्टोव को एकसाथ एक ही प्लेटफार्म पर रखने की बात करते हैं तो यह वास्तु के अनुरूप नहीं माना जाता है।

इसी वजह से आपको कभी भी इन दोनों वस्तुओं को एक ही काउंटर पर नहीं रखना चाहिए। ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि अग्नि और जल तत्व को एक दूसरे का शत्रु माना जाता है।

किचन सिंक की सही दिशा क्या है?

वास्तु शास्त्र के अनुसार किचन सिंक के लिए सबसे अच्छी दिशा उत्तर-पूर्व दिशा मानी जाती है, क्योंकि यह जल तत्व का प्रतिनिधित्व करती है। यदि आप इसी दिशा में सिंक बनवाती हैं तो यह पूरे घर में पॉजिटिव एनर्जी को बनाए रखने में मदद करता है।

सिंक को आप उत्तर दिशा में भी बनवा सकते हैं ,यह आपके लिए धन के अवसर प्रदान करने में मदद करती है। पूर्व दिशा में बना हुआ सिंक घर के लोगों के लिए अच्छी सेहत का कारण बन सकता है। किचन सिंक के लिए ये सभी दिशाएं सबसे ज्यादा अनुकूल मानी जाती हैं। किचन सिंक कभी भी दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा में नहीं होना चाहिए, ये वास्तु दोष का कारण बन सकता है।

गैस स्टोव किस दिशा में रखना चाहिए?

गैस स्टोव अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए वास्तु शास्त्र के अनुसार, गैस स्टोव के लिए सबसे अच्छी जगह रसोई का दक्षिण-पूर्व कोना माना जाता है। यह दिशा अग्नि तत्व की दिशा है, इसलिए यहां रखे हुए गैस स्टोव में बना हुआ खाना घर के सदस्यों को सबसे ज्यादा ऊर्जा प्रदान करता है।

अगर गैस स्टोव को दक्षिण-पूर्व कोने में रखना संभव न हो, तो आप इसे दक्षिण या पूर्व दिशा में भी रख सकते हैं। स्टोव को रसोई के उत्तर या उत्तर-पश्चिम कोने में रखने से बचें, क्योंकि इससे असंतुलन पैदा हो सकता है और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बाधित हो सकता है।

अगर आप किचन में इन वास्तु नियमों का पालन करते हैं तो पूरे घर में ऊर्जा का प्रवाह संतुलित रहता है और किसी भी प्रकार का वास्तु दोष नहीं होता है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।