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क्या आपके घर में भी है शंख? इन छोटी गलतियों से रूठ सकती हैं मां लक्ष्मी, आज ही जान लें सही नियम और दिशा

Published: Thu, 23 Apr 2026 03:00 PM (IST)

घर में शंख रखना सुख-समृद्धि का प्रतीक है, लेकिन इसके नियम बहुत कठिन हैं। आइए उन नियमों को जानते हैं।

Vastu Tips for Shankh: घर में शंख है तो ये जानकारी आपके लिए है। Ai Generated Image

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में शंख को बहुत पवित्र और पूजनीय माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शंख की उत्पत्ति समुद्र मंथन के दौरान हुई थी, इसलिए इसे माता लक्ष्मी का भाई कहा जाता है, जिस घर में शंख होता है और उसकी नियमित पूजा होती है, वहां सुख, शांति और वैभव का वास होता है। लेकिन, शंख रखने के कुछ विशेष वास्तु नियम हैं। अगर इनका पालन न किया जाए, तो यह घर में नकारात्मकता और आर्थिक तंगी का कारण भी बन सकता है। ऐसे में आइए इसके नियम को जानते हैं।

शंख से जुड़ी ये गलतियां पड़ सकती हैं भारी

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1. दो शंखों का रहस्य - वास्तु शास्त्र के अनुसार, एक ही पूजा घर में दो शंख कभी नहीं रखने चाहिए। अगर आपके पास दो शंख हैं, तो एक बजाने के लिए और दूसरा केवल अभिषेक या पूजा के लिए इस्तेमाल करें। दोनों को अलग-अलग स्थान पर रखें।

2. बजाने वाले शंख से जल न दें - जिस शंख को आप रोजाना बजाते हैं, उसका उपयोग कभी भी देवताओं को जल अर्पित करने के लिए नहीं करना चाहिए। पूजा के लिए अलग शंख का ही उपयोग करें और उसे हमेशा गंगाजल से भरकर रखें।

3. शिवलिंग पर जल चढ़ाना वर्जित - बहुत से लोग अनजाने में शंख से शिवलिंग पर जल अर्पित करते हैं। शिवपुराण के अनुसार, शंखचूड़ नामक असुर का वध भगवान शिव ने किया था और शंख उसी की अस्थियों से बना है, इसलिए शिव पूजा में शंख का प्रयोग वर्जित माना गया है।

शंख रखने की सही दिशा और विधि

  • शंख की स्थापना हमेशा शुभ मुहूर्त में करनी चाहिए। वास्तु के अनुसार, शंख रखने के लिए उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) सबसे शुभ मानी गई है।
  • शंख का खुला हुआ हिस्सा हमेशा ऊपर की ओर होना चाहिए।
  • शंख को हमेशा विष्णु या लक्ष्मी जी की मूर्ति के पास रखना चाहिए।
  • शंख को कभी भी सीधे जमीन पर न रखें, इसे हमेशा एक साफ लाल कपड़े या पीतल के स्टैंड पर स्थापित करें।

शंख बजाने के लाभ

मुख्य रूप से दो प्रकार के शंखों का महत्व अधिक है दक्षिणावर्ती और वामावर्ती। दक्षिणावर्ती शंख को लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है और इसे केवल पूजा के स्थान पर स्थापित किया जाता है। वहीं, वामावर्ती शंख का मुख बाईं ओर खुलता है और इसका उपयोग बजाने के लिए किया जाता है। शंख की ध्वनि से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सुख-शांति का वास होता है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।