नई दिल्ली, Vastu Tips For Tulsi: हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे का विशेष महत्व है। माना जाता है कि भगवान विष्णु को भोग तुलसी के बिना अधूरा होता है। मां लक्ष्मी के स्वरूप के रूप में पूजा जाने वाली तुलसी जिस घर में लगी होती है। वहां पर कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं होती है। इसके साथ ही तुलसी की पत्तियों का सेवन करने से कई रोगों का नाश होता है। वहीं वास्तु शास्त्र में तुलसी से संबंधित कई नियम बताए हैं। वास्तु शास्त्र के मुताबिक, तुलसी में ऐसे गुण होते हैं जो भविष्य में आने वाली घटनाओं को बारे में भी संकेत दे देती हैं। इसके लिए बस आपको तुलसी के पौधे की स्थिति देखकर अंदाजा लगाना होगा।

वास्तु शास्त्र के अनुसार माना जाता है कि जिस घर में कोई मुसीबत आने वाली होती है तो सबसे पहले मां लक्ष्मी चली जाती है। क्योंकि दरिद्रता, अशांति, क्लेश वाली जगह पर मां लक्ष्मी कभी भी वास नहीं करती है। इसके अलावा ग्रहों की दशा खराब होने पर भी तुलसी संकेत देने लगती है।

अचानक तुलसी का सूख जाना

अगर घर में लगा हुआ हरा भरा तुलसी का पौधा अचानक मुरझाकर सूखने लगे तो यह परेशानी का संकेत है। हालांकि कई बार अधिक ठंड या फिर ठीक ढंग से रखरखाव न करने के कारण भी तुलसी का पौधा सूख जाता है। लेकिन देखरेख के बावजूद तुलसी का पौधा सूख रहा है तो जान लें कि बुध ग्रह कमजोर होने का संकेत है। माना जाता है कि जब किसी जातक पर बुध का बुरा प्रभाव पड़ना शुरू होता है तो इसका असर घर में मौजूद तुलसी पर भी पड़ता है जिससे वह सूखने लगता है।

वास्तु शास्त्र के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में केतु का भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है तो तुलसी उसका भी संकेत देने लगती है। यदि तुलसी के पौधे ऊपर कोई पक्षी घोंसला बना लेता है तो समझ लें कि कुंडली का दुष्प्रभाव आपके जीवन पर पड़ना शुरू हो गया है।

वास्तु के मुताबिक, तुलसी सूखना या फिर तुलसी का झड़ने का भी कारण पितृदोष हो सकता है। माना जाता है कि जिस व्यक्ति के ऊपर पितृ दोष होता है, तो उसके असर के कारण भी घर में मौजूद तुलसी सूख जाती है।

Pic Credit- instagram/n_vy45/

डिसक्लेमर

'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'

Edited By: Shivani Singh