यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Vastu Tips for Kitchen: कहीं आपकी रसोई में भी तो नहीं है वास्तु दोष, बिना तोड़े करें ठीक
वास्तु शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार रसोई में वास्तु दोष होने पर व्यक्ति के जीवन की परेशानियां बढ़ सकती हैं। ...और पढ़ें

HighLights
- घर का एक जरूरी हिस्सा मानी जाती है रसोई।
- रसोई में वास्तु दोष लगने से बढ़ सकती है समस्या।
- बिना तोड़-फोड़ के भी कर सकते हैं वास्तु दोष ठीक।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। रसोई को घर का एक जरूरी हिस्सा माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रसोई में मां अन्नपूर्णा का वास होता है। वहीं, वास्तु शास्त्र में भी रसोई से संबंधित कई नियम बताए गए हैं, जिनका ध्यान रखा जाए तो व्यक्ति कई तरह की समस्याओं से बच सकता है। लेकिन रसोई में वास्तु दोष लगने से व्यक्ति को कई तरह की समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में जानते हैं वास्तु दोष के कुछ उपाय।
दूर होगा वास्तु दोष
रसोई के गलत दिशा में होने पर भी वास्तु दोष का सामना करना पड़ता है। ऐसे में आप अग्नि कोण यानी पूर्व-दक्षिण दिशा के मध्य में एक लाल रंग का बल्ब लगा सकते हैं। इस बल्ब को सुबह-शाम जरूर जलाएं। ऐसा करने से रसोई का वास्तु दोष दूर होता है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
कर सकते हैं ये काम
अगर आपकी रसोई मुख्य द्वार के सामने है, तो इससे भी उत्पन्न वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है। ऐसे में आप मुख्य द्वार और रसोई के बीच में पर्दा लगा सकते हैं। इसके साथ ही रसोई घर की पूर्व या उत्तर दिशी की दीवार पर स्वास्तिक का चिन्ह बनाना चाहिए। इससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है।
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दिशा का रखें ध्यान
रसोई घर में चूल्हा हमेशा आग्नेय कोण यानी पूर्व-दक्षिण दिशा के मध्य में रखना चाहिए। चूल्हे को इस प्रकार रखें कि खाना पकाने वाले का मुख पूर्व दिशा की ओर हो। ऐसा करने से व्यक्ति का स्वास्थ्य अच्छा बना रहता है। इसके साथ ही पीने के पानी या सामान्य जल को हमेशा ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व के बीच की दिशा में रखना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति को वास्तु दोष का सामना नहीं करना पड़ता।
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।'
