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बेड से लेकर चौखट तक, वास्तु के अनुसार किन 5 जगहों पर बैठकर भोजन करने से रूठ जाती हैं मां लक्ष्मी?

Published: Wed, 09 Sep 2026 04:45 PM (IST)Updated: Thu, 10 Sep 2026 09:20 AM (IST)

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में कुछ जगहों पर भोजन करने से नकारात्मक ऊर्जा आती है। बिस्तर, मुख्य द्वार या ...और पढ़ें

वास्तु के अनुसार कहां खाना खाएं?

वास्तु के अनुसार कहां खाना खाएं?

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र के मुताबिक, घर सिर्फ रहने का ही स्थान नहीं हैं, बल्कि यह हमारी ऊर्जा, सेहत और खुशहाली से भी जुड़ा खास स्थान है। रोजाना की भागदौड़ के बाद जब हम अपने घर में भोजन करते हैं, तो वह सिर्फ हमारे शरीर को ही पोषण नहीं देता, बल्कि अपने अंदर पॉजिटिव एनर्जी का भी संचार करता है। लेकिन अक्सर हम जाने-अनजाने में घर के किसी भी कोने में जैसे बेड पर बैठकर या दरवाजे की चौखट पर खाना खाते हैं।

वास्तु और ज्योतिष शास्त्र में भोजन करने के स्थान और दिशा पर अधिक महत्व दिया जाता है। इनका सीधा संबंध हमारी सेहत, मानसिक और आर्थिक स्थिति से बताया गया है। घर में गलत जगह बैठकर भोजन करने नकारात्मक ऊर्जा हावी होने लगती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में किन-किन जगहों पर बैठकर खाना खाने से बचना चाहिए?

बिस्तर पर बैठकर

वास्तु शास्त्र के अनुसार बिस्तर पर बैठकर खाने से कई तरह की समस्या देखने को मिल सकती है। ऐसा करने से सबसे पहले राहु ग्रह प्रभावित होता है, जिस वजह से जातक को अपने जीवन में राहु के नकारात्मक प्रभावों का सामना करना पड़ सकता है।

इसके अलावा व्यक्ति को आर्थिक और नींद से जुड़ी समस्या का सामना भी करना पड़ सकता है। इससे घर में सुख-समृद्धि रुक जाती है।

टूटे-फूटे या गंदे बर्तनों और हाथ में रखकर खाने से

अधिकतर लोगों को प्लेट या बर्तन को हाथ में रखकर खाने की आदत होती है, जो कि वास्तु के नजरिए से गलत माना जाता है।

वास्तु के अनुसार खाने से जुड़ी इस आदत से घर में दरिद्रता का वास होता है। इसके अलावा टूटे-फूटे बर्तनों में खाना खाने से घर में कलह और नकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।

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किचन के मुख्य द्वार पर

घर के मुख्य द्वार या किचन के चौखट पर बैठकर खाना खाने की आदत भी वास्तु के नजरिए से गलत मानी जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि घर के मुख्य द्वार से ऊर्जा का संचार होता है, और द्वार पर बैठकर खाना खाने से घर की ऊर्जा का संतुलन बिगड़ सकता है। इसके अलावा खाने से जुड़ी यह आदत धन हानि का भी कारण बन सकती है।

अंधेरे या कम रोशनी वाली जगह पर

घर में कम रोशनी या अंधेरे में भी खाना खाने से बचना चाहिए। इससे पाचन तंत्र खराब होने के साथ मन पर नकारात्मक ऊर्जा हावी होती है।

बाथरूम के पास

कई लोग बाथरूम के पास बैठकर भी खाते हैं, जो कि वास्तु के नजरिए से एकदम गलत माना जाता है। ऐसा करने से सेहत बिगड़ने के साथ भोजन की पवित्रता भी भंग होती है। इससे कई तरह की शारीरिक बीमारियां हो सकती है।

वास्तु के अनुसार खाना खाने का सही नियम क्या है?

घर में भोजन करते समय हमेशा मुख पूर्व (East) या उत्तर (North) दिशा की तरफ होना चाहिए। इससे उम्र और सेहत दोनों में वृद्धि होती है। इसके अलावा दक्षिण दिशा में भोजन करने से बचना चाहिए।

भोजन घर में ऐसी जगह करें जो न तो बाथरूम के पास हो और न मुख्य द्वार के सामने और खाना खाने से पहले हाथ-पैर को अच्छे से धोएं और अन्न देवता को नमन करें।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।